कल भी 46 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए थे। इस महीने(अगस्त) के मध्य में कोरोना के नए केसों का आंकड़ा 25,166 ही रह गया था, जो कि 5 महीनों का निचला स्तर था, लेकिन उसके बाद एक बार फिर से बढ़ोतरी देखने को मिला है। बीते तीन दिनों कोरोना के केसों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, खासतौर पर केरल में ज्यादा संकट देखने को मिल रहा है, जहां हाल ही में बकरीद और ओणम जैसे त्योहारों पर ढील दी गई थी।
कोरोना के बढ़ते केसों को लेकर कल केंद्रीय गृह सचिव ने महाराष्ट्र और केरल के अफसरों के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग के दौरान होम सेक्रेटरी ने राज्यों से पूछा कि आखिर कैसे हम उन इलाकों में कोरोना पर लगाम लगा सकते हैं, जहां केस ज्यादा मिल रहे हैं। उन्होंने दोनों राज्यों को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, वैक्सीनेशन ड्राइव तेज करने और कोरोना के नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
इसके अलावा दोनों राज्य सरकारों से उन्होंने नाइट कर्फ्यू लगाने की संभावना पर भी विचार करने को कहा है। गृह सचिव ने केरल और महाराष्ट्र सरकारों से कहा कि वे टीकाकरण के अभियान में तेजी लाएं और यदि वैक्सीन की कमी होती है तो उसकी मांग करें।
केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि भले ही टीकाकरण का अभियान तेजी पर है और बड़ी संख्या में लोगों को दोनों टीके लग चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी कोरोना के नियमों का पालन होना चाहिए। केंद्र सरकार ने आने वाले फेस्टिव सीजन के दौरान नियमों का पालन करने की नसीहत दी है। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे सामाजिक कार्यक्रमों पर रोक लगाएं और फेस्टिवल के दौरान भी भीड़भाड़ न जुटने दें। यदि आने वाले दिनों में कोरोना के केसों में और इजाफा होता है तो एक बार फिर से पाबंदियों के दिन वापस लौट सकते हैं जिससे देश को और लोगों को काफी हानि हो सकती है |

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