ऑस्ट्रिया के चांसलर का स्वागत करते हुए और संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री का प्रेस वक्तव्य - चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं। हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे। साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है। भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है। 2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे। हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को ...
कोयला मंत्रालय 17 अप्रैल, 2026 को वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 15वें दौर के शुभारंभ के साथ-साथ "आत्मनिर्भर भारत: ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोयला" विषय पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम मुंबई में होगा और इसमें कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त मुख्य अतिथि होंगे। यह पहल भारत में ऊर्जा की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी की शानदार सफलता के आधार पर, कोयला मंत्रालय विकास, दक्षता और आत्मनिर्भरता पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करते हुए भारत के ऊर्जा परिदृश्य को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत के बाद से, इस पहल ने घरेलू कोयले की उपलब्धता में महत्वपूर्ण वृद्धि की है और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ किया है। आगामी 15वां चरण इस प्रगतिशील यात्रा को आगे बढ़ाता है, जिसमें कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने, विविध निवेशों को आकर्षित करने औ...