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भारत टैक्सी का आरंभ

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड ( एसटीसीएल), जो कि एक बहु-राज्य सहकारी समिति है , द्वारा संचालित एवं सहकारिता-आधारित डिजिटल ऐप मोबिलिटी प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी  का दिल्ली-एनसीआर , गुजरात , महाराष्ट्र और राजस्थान के शहरों में आधिकारिक रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। भारत टैक्सी सेवाओं का कार्यान्वयन देश भर में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है । इस कार्यान्वयन में सारथियों (चालकों) का पंजीकरण एवं ऑनबोर्डिंग , ग्राहकों का नामांकन , प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा चिह्नित शहरों एवं राज्यों में सेवाओं का विस्तार शामिल है । दिनांक 04.08.2026 की स्थिति के अनुसार , इस प्लेटफॉर्म पर 8.48 लाख सारथी (चालक) और 44.27 लाख ग्राहक पंजीकृत हो चुके हैं। यह प्लेटफॉर्म प्रतिदिन 11,106 राइड्स को सुगम बना रहा है और इसने सारथियों के लिए 83.70 करोड़ रुपये की संचयी आय को सक्षम बनाया है । सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड ( एसटीसीएल ) द्वारा संचालित भारत टैक्सी की सेवाओं का रोलआउट अन्य शहरों और राज्यों में परिचालन आवश्यकताओं और आवश्यक अनुमोदनों के अध्यधीन है। यह विस्तार परिचालन संबंधी तैयारी , सारथियों की उपलब्धता , सां...
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भारत सरकार चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली के केंद्र शासित प्रदेशों में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना शुरू करेगी

भारत सरकार 14 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली के केंद्र शासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) शुरू करेगी। शुभारंभ समारोह में उपभोक्ता कार्य , खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी , पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया , कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान , उपभोक्ता कार्य , खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। पीएमजीकेएवाई के तहत सीबीडीसी आधारित डीबीटी का शुभारंभ देश के आधुनिक , पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित कल्याणकारी वितरण तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस योजना की शुरुआत होने से चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली देश के पहले केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहे हैं , जहां सभी पात्र पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों को खाद्य सब्सिडी का हस्तांतरण प्रोग्रामेबल सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबी...

भ्रामक मोबाइल ऐप से निपटने के कदम

गृह राज्य मंत्री श्री बांदी संजय कुमार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए संबद्ध कार्यालय के रूप में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र-आई4सी स्‍थापित किया है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल ( https://cybercrime.gov.in ) को आई4सी के एक भाग के रूप में आरंभ किया गया है, ताकि लोग सभी प्रकार के साइबर अपराधों से संबंधित घटनाओं की रिपोर्ट कर सकें। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79 की उपधारा (3) के खंड (ख) के तहत उपयुक्त सरकार या उसकी एजेंसी द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी मध्यस्थों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सहयोग पोर्टल शुरू किया गया है, ताकि किसी भी गैरकानूनी काम को अंजाम देने में इस्तेमाल की जा रही किसी भी सूचना, डेटा या संचार लिंक को हटाने या निष्क्रिय करने में सुविधा हो। 30 जून, 2026 तक, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69(ए) और धारा 79(3)(ख) के तहत आई4सी द्वा...

आयुष ग्रिड का उद्देश्य

आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू की गई आयुष ग्रिड परियोजना को आयुष सेक्टर के लिए एक व्यापक आईटी आधार के रूप में परिकल्पित किया गया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान, शिक्षा, दवा प्रशासन, क्षमता निर्माण और औषधीय पौधों के क्षेत्र में सेवा वितरण को डिजिटाइज़ करना और पारदर्शिता, दक्षता और शासन को सुदृढ़ करना है। आयुष मंत्रालय ने आयुष ग्रिड पहल के तहत आयुष अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एएचएमआईएस) विकसित की है, जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अनुरूप है। आयुष ग्रिड परियोजना आयुष क्षेत्र की आईटी रीढ़ की हड्डी के रूप में कार्य करती है। यह स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान विकास, शिक्षा एवं जागरूकता आदि जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और दूसरी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को जोड़कर डिजिटल बदलाव को बढ़ावा देकर डिजिटल विकास को गति प्रदान करती है। इस पहल के तहत चौबीस ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं और इन्हें पूरे देश में सुलभ बनाया गया है। आयुष मंत्रालय का मुख्य पोर्टल, माई आयुष इंटीग्रेटेड सर्विसेज पोर्टल (एमएआईएसपी), आयुष से संबंधित सभी आवेदनों और स...

महाराष्ट्र में ड्रग निर्माण की एक और गुप्त इकाई का भंडाफोड़

मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों के अवैध निर्माण और अंतर्राष्ट्रीय तस्करी पर हमेशा कार्रवाई करते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने ट्रामडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट, जो कि एक अनुसूचित मनोरोगी पदार्थ है, के गुप्त निर्माण, छिपाने और अफ्रीकी देशों में अवैध निर्यात में शामिल एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। एक हफ्ते तक चले खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान के फलस्वरूप 1 लाख ट्रामडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट, 1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट, मनोरोगी पदार्थों के गुप्त तरीके से निर्माण में इस्तेमाल हुई मशीनरी और कच्चा माल जब्त किया गया तथा गिरोह के तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 2 अगस्त 2026 को, खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान में, डीआरआई के अधिकारियों ने मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में नाइजीरिया जाने वाले एक निर्यात खेप को जब्त किया। निर्यात खेप में 300 मिलीग्राम प्रेगाबालिन कैप्सूल होने की घोषणा की गई थी। हालांकि, विस्तृत जांच में, निर्यात खेप के अंदर छिपाई गई 250 मिलीग्राम ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड की 1 लाख गोलियां (लगभग 25 किलोग्राम वजन) और 200 मिलीग्राम टैपेंटाडोल की ...

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ICAR-IARI, पूसा में नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से देशभर के कृषि विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप / फेलोशिप राशि जारी की। इस पहल के तहत 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को कुल 21.35 करोड़ रुपए की राशि सीधे DBT के माध्यम से दी गई। इस नई पहल से अब कृषि विद्यार्थियों को हर महीने बिना किसी परेशानी के स्कॉलरशिप डीबीटी द्वारा मिल जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं , बल्कि कृषि शिक्षा को अधिक सशक्त , व्यावहारिक और अवसरों से जुड़ा बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि अब DBT व्यवस्था से विद्यार्थियों को समय पर मदद मिलेगी और पारंपरिक देरी की समस्या खत्म होगी। शिवराज सिंह ने छात्र - छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि शिक्षा में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग बेहद जरूरी है , क्योंकि केवल कक्षा - आधारित पढ़ाई से अच्छे किसान , ...