टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइडांस के को-फाउंडर झांग यिमिंग मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, झांग की संपत्ति अब 8.9 लाख करोड़ रुपए (93 बिलियन डॉलर) हो गई है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी की संपत्ति 8.31 लाख करोड़ रुपए (86 बिलियन डॉलर) रह गई है। एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति अडाणी ग्रुप के मालिक गौतम अडाणी हैं। एआई चैटबॉट डौबाओ के सफलता से बढ़ी झांग की दौलत: झांग की दौलत बाइडांस की वैल्युएशन बढ़ने और एआई चैटबॉट डौबाओ की सफलता से बढ़ी है। यह भारत और दुनियाभर में मशहूर ओपनएआई के चैटजीपीटी और गूगल के जेमिनाई जैसा ही एडवांस्ड एआई असिस्टेंट है। चीन में इस चैटबॉट के 30 करोड़ यूजर्स हैं। 7 सालों में 7 गुना बढ़ी संपत्ति: झांग 2019 में 1.24 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक थे। बीते 7 साल में उनकी संपत्ति सात गुना ये ज्यादा बढ़ चुकी है। अमेरिका में टिकटॉक का बिजनेस बिकने से कंपनी का संकट दूर हो गया। ब्लूमबर्ग ने इसकी वैल्यू में 25% कटौती घटाकर 10% कर दी है। इससे ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे निवेशकों क...
कई बार कुछ फिल्में कहानी से ज्यादा अपने जज्बातों के लिए याद रखी जाती हैं। पेड्डी भी ऐसी ही फिल्म है। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की आवाज है जिनकी मौजूदगी तक सरकारी कागजों में दर्ज नहीं है। राम चरण और निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने एक बड़े व्यावसायिक कैनवास पर पहचान, सम्मान और हक की लड़ाई को पेश करने की कोशिश की है। फिल्म हर मोड़ पर परफेक्ट नहीं है, लेकिन जब यह दिल पर वार करती है तो असर छोड़ जाती है। कास्ट- राम चरण, जान्हवी कपूर, जगपति बाबू रनटाइम- 3 घंटे 8 मिनट फिल्म की कहानी: विजयनगरम जिले की पहाड़ियों के नीचे बसा एक गांव ऐसा है जिसका कोई सरकारी अस्तित्व नहीं है। वहां रहने वाले लोगों के पास पहचान नहीं, वोट देने का अधिकार नहीं और बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। पेड्डी इसी गांव का रहने वाला युवक है। वह गुड़ की फैक्ट्री में काम करता है और स्थानीय क्रिकेट मैचों में पैसे लेकर खेलने जाता है। गांव के बुजुर्ग अप्पलासूरी सालों से अपने गांव के लिए रेलवे स्टेशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज कोई नहीं सुनता। एक दर्दनाक घटना के बाद पेड्डी इस लड़ाई को अपना...