देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजस्थान में एनएच-48 के दिल्ली-जयपुर खंड पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) आधारित टोलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया है। एमएलएफएफ प्रणाली न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ बाधा रहित टोलिंग की सुविधा प्रदान करती है, जिससे वाहन बिना रुके टोल चौकियों से गुजर सकते हैं और यातायात का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित होता है। दौलतपुर में इस प्रणाली के शुभारंभ के बाद एनएचएआई अब शाहजहांपुर और मनोहरपुर के टोल प्लाजा को भी एमएलएफएफ प्रणाली में परिवर्तित करने की योजना बना रहा है, जिससे व्यस्त दिल्ली-जयपुर खंड पर यात्रा और अधिक सुगम तथा अवरोध-मुक्त हो जाएगा। यह प्रणाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रौद्यागिकी को फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के साथ एकीकृत करती है, जिससे न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ स्वचालित रूप से उपयोगकर्ता शुल्क का संग्रह किया जा सके। यह पहल भारत सरकार के नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान ...
सरकार ने पिछले बारह वर्षों में, पेंशनभोगियों के जीवन स्तर को सुधारने और पेंशन संबंधी सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए कई परिवर्तनकारी पहल की हैं। डिजिटल इंडिया और सुगम जीवन की परिकल्पना के अनुरूप, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने प्रौद्योगिकी, हितधारकों की सहभागिता और जमीनी स्तर पर संपर्क स्थापित करके यह सुनिश्चित किया है कि देश भर के पेंशनभोगियों को समय पर सहायता और सेवाएं प्राप्त हों। जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाना सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक रहा है। वर्ष 2014 में आधार-आधारित डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण) की शुरुआत और उसके बाद वर्ष 2021 में चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक के आने से पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके अपनी सुविधानुसार अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2022 से चार राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान चलाए हैं। नवंबर 2025 में आयोजित नवीनतम जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 के तहत 1.91 करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन ...