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श्रमिक संघ ने प्रबंधन पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी का आरोप लगाया

भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उन मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है, जिनमें कहा गया है कि 8 जून 2026 को आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के इस्पात संयंत्र में हुए विस्फोट में आठ श्रमिकों की मौत हो गई और कम से कम छह अन्य श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए।  खबरों के अनुसार, श्रमिक संघ ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की। मानवाधिकार आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो इससे मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला उठता है। इसलिए, आयोग ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग का निर्देश है कि रिपोर्ट में घायल श्रमिकों के स्वास्थ्य की स्थिति और उन्हें तथा मृतकों के परिजनों को मुआवजे की राशि के भुगतान का विवरण शामिल होना चाहिए। 9 जून 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना संयंत्र के 'स्टील मेल्टिंग शॉप' में घटी, जब लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर लगभग 150 टन तरल स्टील ले जा रहा बर्तन अचानक फट गया और पिघल...
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हरिद्वार में भारतीय भेषज संहिता (आईपी) 2026 पर वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था, भारतीय भेषज संहिता आयोग (आईपीसी) ने देवभूमि फार्मा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एडीपीआई) और उत्तराखंड के संबद्ध फार्मास्युटिकल विनिर्माण संघों के सहयोग से हरिद्वार में भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) 2026 "फार्माकोपिया मानकों और गुणवत्ता अनुपालन के माध्यम से फार्मास्युटिकल विनिर्माण को सुदृढ़ बनाना" विषय पर एक वैज्ञानिक सम्मेलन और संवादात्मक सत्र का आयोजन किया।  इस सम्मेलन का उद्देश्य आईपी-2026 के प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और फार्मास्युटिकल विनिर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता अनुपालन को बढ़ावा देना था। उत्तराखंड भारत के प्रमुख दवा विनिर्माण केंद्रों में से एक है और उन राज्यों में शामिल है जो दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए आईपी और भारतीय फार्माकोपिया संदर्भ पदार्थों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहे हैं। दवा विनिर्माण में राज्य के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देते हुए, उद्योग जगत में जागरूकता बढ़ाने, फार्माकोपिया की आवश्यकताओं के अनुपालन को बढ़ावा देने और दवा क्षेत्र में आई...

हर मील पर नजर: एनएसवी देश के राष्ट्रीय राजमार्गों को कैसे सुरक्षित बना रहे हैं

भारत के व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक सुहावनी सुबह, एक आकर्षक सफेद गाड़ी आगे बढ़ती है - न तो पुलिस की गाड़ी , न ही रखरखाव ट्रक , बल्कि कुछ कहीं अधिक भविष्यवादी। इसकी छत पर लगे स्कैनर अदृश्य किरणें छोड़ते हैं , उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले कैमरे धीरे से चलते हैं और उन्नत 3 डी लेजर सेंसर सड़क के हर इंच का मानचित्रण शुरू कर देते हैं। यह नेटवर्क सर्वे व्हीकल (एनएसवी) है - लेजर प्रोफाइलर , जीपीएस और अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक से लैस एक नवाचार। हर चक्कर में , यह सड़क की सतह पर दरारें , गड्ढे और असमानता की जांच करता है , जिससे राजमार्ग जीवंत डिजिटल मानचित्रों में बदल जाते हैं। देखने में यह एक साधारण ड्राइव लगती है , लेकिन वास्तव में यह भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी , ​​रखरखाव और सुरक्षा के तरीके में एक क्रांति है। भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए , सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम की घोषणा की है: सभी राज्यों और उनके नेटवर्क में उन्नत 3 डी लेजर-आधारित प्रणालियों से लैस नेटवर्क सर्वे वाहनों (एनएसवी) की तैनाती। राष्ट्रीय ...

वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (ओएसओपी) के माध्यम से दिव्यांगजन विश्वकर्मा उत्पादों का विपणन

पीएम विश्वकर्मा (पीएमवी) सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे सम्मान, समर्थ्य और समृद्धि के तीन स्तंभों के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की सहायता के लिए बनाया गया है। पीएमवी योजना के तहत समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय दिव्यांगजन विश्वकर्मा कारीगरों के लिए 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' (ओएसओपी) पहल लागू कर रहा है। इस पहल के अंतर्गत, अधिक भीड़भाड़ वाले चुनिंदा रेलवे स्टेशनों पर विशेष खुदरा दुकानें स्थापित की गई हैं, जहां कारीगरों के उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जा सकेगी। ओएसओपी कारीगरों को अधिक पहचान और बेहतर बिक्री के अवसर प्रदान कर उनकी बाजार पहुंच बढ़ाने में सहायक बन रहा है, साथ ही उन्हें स्थायी आजीविका का साधन भी उपलब्ध करा रहा है। इस प्रयास के माध्यम से, मंत्रालय आर्थिक समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, दिव्यांगजन कारीगरों को वित्तीय स्वतंत्रता के लिए प्रोत्साहित कर रहा है और समावेशी विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत कर रहा है। ओएसओपी पहल के तहत अब तक विभिन्न व्यवसायों से जुड़े 28 दिव्यांग लाभार्थिय...

रक्षा खरीद, आईडेक्स, टीपीसीआर और परीक्षण प्रक्रियाओं पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए कार्यशाला आयोजित की जाएगी

रक्षा खरीद, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडेक्स) , प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य क्षमता रोडमैप (टीपीआरसी) और एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप्स के लिए परीक्षण प्रक्रियाओं पर 11 और 12 जून , 2026 को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का आयोजन स्वदेशीकरण निदेशालय , एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) एवं स्टार्ट-अप्स जागरूकता बढ़ाना और रक्षा इकोसिस्टम में उनकी अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन उद्योग प्रतिनिधियों को रक्षा खरीद प्रक्रियाओं , स्वदेशीकरण पहलों , आईडेक्स ढांचे , परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रियाओं तथा टीपीसीआर के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक संवादात्मक मंच प्रदान करेगा। मुख्यालय आईडीएस , सेवा मुख्यालय , डीजीक्यूए , आईडेक्स - डीआईओ और अन्य हितधारक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों के दौरान प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे। उद्घाटन सत्र को एकीकृत रक्षा स्...

आंध्र प्रदेश की नई कैपिटल सिटी अमरावती में नए केंद्रीय सरकारी जनरल पूल कार्यालय के निर्माण को मंजूरी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने आंध्र प्रदेश की न्‍यू कैपिटल सिटी अमरावती में केंद्रीय सरकारी जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (सीजीजीपीओए) के निर्माण को आज मंजूरी दी है। यह परियोजना अमरावती के नए ग्रीनफील्ड शहर में एक ऐतिहासिक पहल है, जिसे विश्वस्तरीय शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के लिए ऑफिस अकोमोडेशन की बढ़ती मांग को पूरा करना है, ताकि उन्हें एक ही छत के नीचे लाया जा सके। इस एकीकरण से अंतर-विभागीय समन्वय बढ़ेगा और आंध्र प्रदेश राज्य को केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार होगा। आंध्र प्रदेश की न्‍यू कैपिटल सिटी में केंद्रीय सरकारी सामान्य पूल ऑफिस अकोमोडेशन (सीजीजीपीओए) 5.53 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। सीजीजीपीओए में दो ब्लॉक हैं- एक ब्लॉक प्लॉट सी-9 पर है जिसमें भूतल के साथ 13 मंजिलें हैं (भूतल, सेवाओं के लिए, तीन मंजिलें पोडियम पार्किंग के लिए और दस मंजिलें कार्यालय के लिए) और दूसरा ब्लॉक प्लॉट सी-8 पर ह...

सरकार ने वस्त्र उद्योग पीएलआई स्कीम के तीसरे चरण के तहत 96 कंपनियों को मंजूरी दी

सरकार ने वस्त्रों के लिए उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के तीसरे चरण के तहत 22 नए आवेदकों को मंजूरी दी है। उम्मीद है कि ये नई स्वीकृत कंपनियां कुल 2,339.14 करोड़ रुपए का निवेश लाएंगी, अधिसूचित उत्पादों में 15,561.34 करोड़ रुपए का अनुमानित कारोबार करेंगी और वस्त्र मूल्य श्रृंखला में 36,217 रोजगार के अवसर सृजित करेंगी।  योजना के तीसरे चरण के तहत कुल 96 कंपनियों का चयन किया गया है, जिन्होंने 12,822.67 करोड़ रुपए के कुल निवेश और 58,294.18 करोड़ रुपए के अनुमानित कारोबार की प्रतिबद्धता जताई है। स्वीकृत आवेदकों में पीएलआई योजना के मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) परिधान, एमएमएफ फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्र शामिल हैं, जिससे मूल्यवर्धित वस्त्र विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। पीएलआई स्कीम के तहत इन कंपनियों को शामिल करना, वस्त्र क्षेत्र के उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों के प्रति उद्योग जगत की निरंतर सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। प्रस्तावित निवेश और उत्पादन क्षमताओं से आत्मनिर्...

कोयला मंत्रालय कल हैदराबाद में कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर रोड शो का आयोजन करेगा

कोयला मंत्रालय 11 जून, 2026 को हैदराबाद में अपना अगले रोडशो का आयोजन करेगा। इससे पूर्व कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर नई दिल्ली में आयोजित किए गए सफल रोडशो की गति को आगे बढाने की दिशा में यह कार्यक्रम अगला कदम होगा। पिछले आयोजन के दौरान मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया और सक्रिय भागीदारी ने भारत के कोयला गैसीकरण इकोसिस्‍टम में उद्योग के हितधारकों के बढ़ते विश्वास को रेखांकित किया और इस रणनीतिक क्षेत्र में उभरते महत्वपूर्ण अवसरों को स्‍पष्‍ट किया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी हैदराबाद रोडशो में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे जबकि कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि होंगे। इस कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त, अपर सचिव श्री सनोज कुमार झा, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, कोयला एवं लिग्नाइट कंपनियों के प्रतिनिधि, प्रौद्योगिकी प्रदाता, उद्योग संघ, निवेशक और अन्य प्रमुख हितधारक भी उपस्थित रहेंगे। कोयला गैसीकरण एक क्रांतिकारी तकनीक है जो कोयले को संश्लेषण गैस (सिन्गैस) में परिवर्त...

चिराग पासवान ने सैपलिंग (उन्नत पोषण और विकास के लिए दक्षिण एशियाई नीति नेतृत्व) संवाद-2026 का उद्घाटन किया

भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) ने विश्व बैंक समूह के नेतृत्व वाली सैपलिंग पहल के सहयोग से 9 जून, 2026 को अहमदाबाद, गुजरात में "अन्लॉकिंग वैल्यू: दक्षिण एशिया में रोजगार सृजन और सतत विकास के लिए खाद्य प्रसंस्करण को आगे बढ़ाना" शीर्षक से क्षेत्रीय उच्च-स्तरीय नीति संवाद का उद्घाटन किया। दो-दिवसीय क्षेत्रीय संवाद में नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों, विकास भागीदारों, नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 200 प्रतिभागी एक मंच पर उपस्थित हैं ताकि खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्टम को मजबूत करने और क्षेत्र में लचीली, समावेशी और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के निर्माण पर विचार-विमर्श किया जा सके। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला और दक्षिण एशिया की खाद्य अर्थव्यवस्था को बदलने में मूल्यवर्धन, प्रौद्योगिकी अपनाने और क्षेत्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। श्री चिराग पासवान ने इस अवसर पर कहा ...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

आज शिक्षा मंत्रालय द्वारा तीन वैश्विक प्रतिष्ठित विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों— ब्रिस्टल विश्वविद्यालय, यॉर्क विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स—को तीन अनुमोदन पत्र (एलओपीएस ) जारी किए गए। ये अनुमोदन पत्र उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष डॉ. विनीत जोशी द्वारा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में सौंपे गए। ब्रिस्टल विश्वविद्यालय की कार्यकारी डीन एवं निदेशक सुश्री मिशेल जोन्स, यॉर्क विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रोफेसर चार्ली जेफ्री, तथा यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स की डिप्टी वाइस-चांसलर (शिक्षा एवं छात्र अनुभव) प्रोफेसर सारा मैडिसन ने यह अनुमोदन पत्र व्यक्तिगत रूप से प्राप्त किए। इस अवसर पर ब्रिटिश उच्चायोग, ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग, ब्रिटिश काउंसिल, शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी, संबंधित विश्वविद्यालयों तथा अन्य गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इन तीनों विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में परिसर स्थापित किया जाना NEP 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण लक्ष्य की दिशा में ए...