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बलोद, छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी मॉडल #कैच द रेन अभियान को नई गति मिली

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात रेडियो कार्यक्रम के 135वें संस्करण के दौरान #कैच द रेन अभियान की गति को बनाए रखने का आह्वान किया था। इस आह्वान के जवाब में छत्तीसगढ़ का बलोद जिला जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) 2.0 के तहत समुदाय-संचालित जल संरक्षण का एक उल्लेखनीय उदाहरण बनकर उभरा है। ग्राम पंचायतों, स्थानीय समुदायों और जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी से, बलोद जिला ने वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए कई तरह की परियोजनाएं लागू की हैं, जिनके ठोस परिणाम वर्तमान मॉनसून के दौरान दिखाई दे रहे हैं। बलोद जिले ने जून 2025 से मई 2026 के बीच 2,84,917 जल संरक्षण और पुनर्भरण संरचनाएं स्थापित की हैं, जिससे वर्षा जल को एकत्रित और संरक्षित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गांवों में प्रत्यक्ष प्रभाव बलोद जिले में कई नवोन्मेषी उपायों ने शुष्क भूभागों को उत्पादक जल संसाधनों में बदल दिया है: ग्राम पंचायत मुंडेरा में बोरवेल के पास बने रिचार्ज गड्ढे भूजल पुनर्भरण के लिए वर्षा जल को प्रभावी ढंग से प्रवाहित कर रहे हैं। कोंगनी ग्राम पंचायत में निर्मित पुनर्भरण गड्ढे अपवाह को...
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अल्कोहल युक्त दवाओं के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होगी और इन्हें केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही दिया जाएगा

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नियामक निगरानी को मजबूत करने और अधिक मात्रा वाली अल्कोहल औषधीय उत्पादों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एथिल अल्कोहल युक्त फॉर्मूलेशन के लिए लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से मौजूदा छूट (अनुसूची ‘के’) को हटा दिया है। कुछ औषधीय उत्पादों, जिनमें इलायची, अदरक और अन्य सुगंधित औषधियों के टिंचर शामिल हैं, को औषधि नियम, 1945 की अनुसूची 'के' के अंतर्गत लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से छूट दी गई है। इनमें से कुछ औषधियों में एथिल अल्कोहल की उच्च सांद्रता होती है, कुछ मामलों में 80-90 प्रतिशत तक, जिससे इनका दुरुपयोग नशा करने के लिए किया जा सकता है। इस संबंध में कुछ राज्य सरकारों से भी संदर्भ प्राप्त हुए हैं। इस चिंता को दूर करने के लिए सरकार ने यह अनिवार्य कर दिया है कि 30 मिलीलीटर से अधिक मात्रा में 12 प्रतिशत से अधिक एथिल अल्कोहल युक्त सभी उत्पादों को अनुसूची ‘के’ अंतर्गत दी गई छूट का लाभ नहीं मिलेगा। परिणामस्वरूप ऐसे उत्पादों को औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इस संशोधन के तहत ...

प्रधानमंत्री एक खेल आयोजन में शामिल होने के लिए मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पहुंचे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री श्री एंथोनी अल्बानीज और विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन के साथ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा किया। यह कार्यक्रम भारत-ऑस्ट्रेलिया के खेल संबंधों का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया था।  इस कार्यक्रम में श्री स्टीव वॉ और सुश्री लिसा स्थलेकर सहित ऑस्ट्रेलियाई खेल जगत की कई हस्तियां उपस्थित थीं। इस दौरे ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तंभों के रूप में खेल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते संपर्कों के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप जारी किया। इससे खेल प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा खेल उद्योग और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग को प्रोसत्साहन मिलने की उम्मीद है।  इसका उद्देश्य भारत-ऑस्ट्रेलिया युवा खेल महोत्सव का आयोजन करना भी है। दोनों नेताओं ने खेल के क्षेत्र में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते सहयोग का स्वागत किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने...

भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप

खेल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक महत्वपूर्ण पुल की तरह काम करता है, जो समुदायों को जोड़ते हुए सहयोग के नए रास्ते खोलता है। वर्ष 2023 के खेल सहयोग समझौते के अनुरूप, भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग का रोडमैप हमारे द्विपक्षीय संबंधों की नींव को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यावहारिक और भविष्य-केंद्रित प्राथमिकताओं के साथ नए अवसर प्रस्तुत करता है। अगले दशक में उपलब्ध अवसरों जैसे अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेल, ब्रिस्बेन में 2032 ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक खेल और भविष्य में ओलंपिक तथा पैरा-ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत की आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए, यह रोडमैप साझा प्राथमिकताओं, संसाधनों और क्षमताओं के आधार पर लक्षित सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करता है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के खेल प्रशासन और खेल विकास में मौजूदा अंतर को स्वीकार करते हुए और विशिष्ट तथा सामुदायिक खेलों को बढ़ावा देने में खेल निकायों, व्यवसायों, राज्य- सरकारों, विश्वविद्यालयों और सामुदायिक समूहों की नेतृत्वकारी भूमिका को समझते हुए हम दोनों देशों में संबंधित संस्थानों के बीच संवाद को सुविधाजनक बनाने और सहयोगपूर्ण कार्यप्रणाली को...

हैंडलूम हैकाथॉन 2026 – “बुनाई नवाचार” नामक एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता शुरू

भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय ने हैंडलूम हैकाथॉन 2026 – “बुनाई नवाचार” नामक एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता शुरू की है, जिसका उद्देश्य भारत के हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी, डिजाइन, उद्यमिता और टिकाऊ समाधानों का उपयोग करना है। यह पहल राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 समारोहों के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले 1 अगस्त, 2026 को फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी), आईआईटी दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जहां चयनित टीमें शिक्षा जगत, उद्योग, डिजाइन, प्रौद्योगिकी और हथकरघा क्षेत्र के विशेषज्ञों से बनी एक प्रतिष्ठित जूरी के समक्ष अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी। वस्त्र मंत्रालय में विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना ने इस पहल के बारे में कहा: “हैंडलूम हैकाथॉन 2026 का उद्देश्य भारत के युवाओं की रचनात्मकता को हथकरघा क्षेत्र की समृद्ध विरासत से जोड़ना है। बुनकरों, छात्रों, डिजाइनरों, प्रौद्योगिकीविदों, उद्यमियों और नवप्रवर्तकों के लिए एक सहयोगात्मक मंच प्रदान करके, इस पहल का लक्ष्य प्रमुख चुनौतियों का समाधान कर...

मत्स्य सहकारी समितियों तथा मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों (FFPOs) के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने पर विशेष बल

भारत सरकार का मत्स्य पालन विभाग 9 जुलाई, 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में 'गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के टिकाऊ तरीकों के लिए अधिकार पत्र (एलओए)' का राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उप-राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के टिकाऊ तरीकों के लिए इस अधिकार पत्र का शुभारंभ करेंगे। उप-राष्ट्रपति इस कार्यक्रम के दौरान 'ओडिशा के गहरे समुद्र में मत्स्य पालन मिशन दस्तावेज' की भी शुरूआत करेंगे। इस राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम में ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भमपति; ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी; केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह; केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल; मत्स्य पालन और एआरडी (पशु संसाधन विकास) तथा एमएसएमई राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार), ओडिशा सरकार, श्री गोकुलानंद मल्लिक; संसद सदस्य (भुवनेश्वर) श्रीमती अपराजिता सारंगी; संसद सदस्य (कंधमाल) श्री सुकांत पाणिग्रही; और विध...

पंजाब में पारदर्शिता, लॉजिस्टिक्स दक्षता और डेटा-आधारित निर्णय को बढ़ावा देने हेतु यूएलआईपी-सक्षम साझेदारी

राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम की संचालन शाखा-एनएलडीएसएल और पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय ने यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म -यूएलआईपी द्वारा पंजाब के पारितंत्र में डिजिटल बदलाव के लिए 7 जुलाई, 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है। इस सहयोग का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स (संचालन) की पारदर्शिता बढ़ाना, परिचालन दक्षता में सुधार, अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत बनाना और वास्तविक समय के लॉजिस्टिक्स डेटा के निर्बाध आदान-प्रदान द्वारा डेटा-आधारित निर्णय को सक्षम बनाना है। इस पहल से राज्य के उद्योग, लघु एवं मध्यम उद्यम, निर्यातक और अन्य लॉजिस्टिक्स हितधारक लाभान्वित होंगे। इस साझेदारी द्वारा एनएलडीएसएल, यूएलआईपी के ज़रिए विभागों के बीच निर्बाध डेटा आदान-प्रदान सक्षम बनाकर पंजाब सरकार को डिजिटल रूप से जुड़े लॉजिस्टिक्स पारितंत्र विकसित करने में सहायक होगा। इससे पारदर्शिता में सुधार, नीतिगत और परिचालन निर्णय लेने में तेज़ी, लॉजिस्टिक्स दक्षता में बढ़ोतरी और विनिर्माण, कृषि और निर्यात केंद्र के रूप में पंजाब की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की संभावना है। यूएलआईपी, एप्लीकेशन प्...

अल नीनो की चुनौती पर सरकार अलर्ट

अल नीनो के संभावित प्रभाव से उपजी मानसून की अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र सरकार पूरी तैयारी, स्पष्ट रणनीति और मजबूत ग्राउंड एक्शन के साथ हालात को संभालने में जुटी है। चुनौतियां जरूर हैं , लेकिन उनसे निपटने के लिए सिस्टम पहले से सक्रिय और सतर्क है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि जून में 33 प्रतिशत कम बारिश के बाद जुलाई में स्थिति में सुधार आया है और अब यह कमी घटकर 24 प्रतिशत रह गई है। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है , जिससे कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 262 से घटकर 178 रह गई है। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली में मीडिया से चर्चा में कहा कि महाराष्ट्र , मध्य प्रदेश , गुजरात , उत्तर प्रदेश , राजस्थान , कर्नाटक , बिहार , झारखंड , तेलंगाना , आंध्र प्रदेश , पंजाब , पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई में बारिश और रफ्तार पकड़ेगी , जिससे ...

IIM बैंगलोर, इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिसर से पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को व्यापक लाभ होगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में की गई। प्रस्तावित परिसर इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित किया जाएगा और यह भारत के उच्च शिक्षा तंत्र के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह घोषणा भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक विस्तार में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दुबई में आईआईएम अहमदाबाद, अबू धाबी में आईआईटी दिल्ली और ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक स्थापित विदेशी परिसरों के आधार पर, यह वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एक विश्वसनीय वैश्विक ज्ञान भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है। इंडोनेशिया में प्रस्ता...

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया ‘प्रगति’ प्रोजेक्ट

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ‘प्रगति’ ( PRAGATI) नामक एक राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया जिसका उद्देश्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी बनाकर देश भर के 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय , उत्पादकता और आजीविका में व्यापक सुधार लाना है।  यह बहु-साझेदार पहल भारत में समावेशी , टिकाऊ और जलवायु-संवेदनशील कृषि परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित कृषि और समृद्ध गांवों के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है , बल्कि लागत घटाकर किसानों की आय बढ़ाना , फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और कृषि को लाभकारी बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि छोटे जोत वाले किसानों के लिए पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है , इसलिए वैल्यू एडिशन , प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ‘प्रगति’ इसी सोच का विस्तार है जो किसानों को तकनीक , मशीनीकरण , मृदा स्व...