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भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन संबंधी आदर्श दिशा - निर्देशों का अनावरण किया गया

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 24 से 26 अप्रैल, 2026 तक चंडीगढ़ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित चिंतन शिविर के दौरान भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन पर आदर्श दिशानिर्देशों का अनावरण किया। इन दिशानिर्देशों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता, अवसंरचना और क्षमता, पोषण और खाद्य सुरक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास, कानूनी सहायता और जागरूकता, बाल और लैंगिक संवेदनशीलता, और जवाबदेही एवं निगरानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक ढांचा प्रदान किया गया है। ये दिशानिर्देश विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय पर भी जोर देते हैं ताकि उपरोक्त निर्देशों का सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे देश भर में भिखारियों/आश्रय गृहों में मानवीय और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए इन दिशानिर्देशों को अक्षरशः लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
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नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) 2.0 App का शुभारंभ किया गया

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 15 अगस्त 2020 को 272 चिन्हित सबसे संवेदनशील जिलों में नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) शुरू किया था और अब इसे 15 अगस्त 2023 से देश के सभी जिलों में शुरू किया गया है।  नशा   मुक्त   भारत अभियान का उद्देश्य जनसमुदाय तक पहुंचना और मादक पदार्थों के सेवन के बारे में जागरूकता फैलाना है। अब तक, जमीनी स्तर पर की गई विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से, देश भर में शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न स्तरों पर आयोजित 8.3 लाख से अधिक गतिविधियों के माध्यम से 26 करोड़ से अधिक लोगों को मादक पदार्थों के सेवन के प्रति जागरूक किया गया है, जिनमें 9.5 करोड़ से अधिक युवा, 6.47 करोड़ से अधिक महिलाएं और 28,000 से अधिक नशा मुक्ति मित्र (पूर्व में मास्टर स्वयंसेवक के रूप में जाने जाते थे) शामिल हैं। दवाओं की मांग में कमी के लिए राष्‍ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के निगरानी एवं कार्यान्वयन ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब के माननीय राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया और माननीय केंद्रीय सामाजिक न्याय और  अधिकारित...

चंडीगढ़ में आयोजित चिंतन शिविर में स्माइल-बेगरी सर्वे Mobile Application का शुभारंभ

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 24 से 26 अप्रैल 2026 तक चंडीगढ़ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित चिंतन शिविर के दौरान स्माइल-बेगरी सर्वे मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया। यह मोबाइल एप्लिकेशन   स्माइल-भिक्षावृत्ति उप-योजना (भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों का व्यापक पुनर्वास) के अंतर्गत विकसित की गई है। इसका उद्देश्य वास्तविक समय डेटा संग्रह और बेहतर निगरानी के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को मजबूत करना है। यह एप्लिकेशन कार्यान्वयन एजेंसियों और जिला अधिकारियों को सर्वेक्षण डेटा को डिजिटल रूप से एकत्रित करने में सक्षम बनाएगा, जिससे सटीकता, पारदर्शिता और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित होगी। मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ देर से और अनियमित डेटा रिपोर्टिंग जैसी चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, साथ ही यह शहरों में वास्तविक समय की निगरानी, ​​डेटा विश्लेषण और प्रदर्शन ट्रैकिंग के लिए मंत्रालय की क्षमता को भी बढ़ाती है। इस अवसर पर बोलते हुए, यह बताया गया कि यह पहल सरकार के "भिक्षावृत्ति मुक्त भारत" के लक्ष्य के अनुरूप है। ...

भारत की पहली Digital गणना, Digital भारत की नई पहचान

भारत की जनगणना विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभ्यास के रूप में विकसित हुई है। पहली जनसंख्या गणना 1865-1872 के दौरान आयोजित की गई थी, जिसके बाद 1881 में पहली बार देशव्यापी समकालिक (एक साथ) जनगणना हुई। तब से भारतीय जनगणना हर दस साल में आयोजित की जाती रही है। हालाँकि, कोविड-19 महामारी के कारण 2021 में होने वाली जनगणना समय पर नहीं की जा सकी। इसलिए, जनगणना 2027 इस क्रम की अगली गणना होगी, जो कुल मिलाकर भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना है।   जनगणना  2027  की संस्थागत और विधिक संरचना जनगणना  2027  एक मजबूत संस्थागत और प्रशासनिक ढांचे पर आधारित है ,  जो डेटा संग्रह में निरंतरता ,  विश्वसनीयता और राष्ट्रव्यापी एकरूपता सुनिश्चित करता है। स्वतंत्रता के बाद ,  जनगणना का संचालन  जनगणना अधिनियम , 1948   और  जनगणना नियम , 1990   के तहत किया जाता है ,  जो इसे एक मजबूत कानूनी और संस्थागत आधार प्रदान करते हैं। भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत जनगणना एक संघ सूची का विषय है (क्रम संख्या  69  पर सू...

चार देशों के दूतों ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (23 अप्रैल, 2026) राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में लाओ पीडीआर, कांगो, नामीबिया और गिनी बिसाऊ के राजदूतों द्वारा प्रस्तुत उनके परिचय पत्र स्वीकार किए। जिन लोगों ने अपने प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए, वे थे: 1. लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजदूत श्रीमती विथया ज़ायावोंग, 2. कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की राजदूत श्रीमती एमिली अयाजा मुशोबेकवा, 3. नामीबिया गणराज्य के उच्चायुक्त   विंग कमांडर एलेक्स लुन्याज़ो टुकुहुपवेले (सेवानिवृत्त), 4. गिनी-बिसाऊ गणराज्य के राजदूत   श्री एंटोनियो सेरिफो एम्बालो।   

काहिरा में भारत और मिस्र के बीच 11वीं संयुक्त रक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई

भारत-मिस्र संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) ने 20 से 22 अप्रैल, 2026 तक काहिरा में आयोजित अपनी 11 वीं  बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में सार्थक चर्चा की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) श्री अमिताभ प्रसाद ने किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में  रक्षा मंत्रालय और रक्षा बलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा बलों और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। दोनों पक्षों ने पिछली संयुक्त रक्षा सम्मेलन बैठक के बाद से हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की। रक्षा सहयोग के लिए दोनों पक्षो ने एक दूरदर्शी रूपरेखा तैयार की। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए एक द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की।   इस योजना का मुख्य उद्देश्य संरचित सैन्य अंतःक्रिया तंत्रों का विस्तार करना, संयुक्त प्रशिक्षण आदान-प्रदान को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना, सैन्य अभ्यासों के दायरे और जटिलता को बढ़ाना और रक्षा उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देना है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योग क...

सरकार ने छत्तीसगढ़ में MSP खरीद को मजबूत किया

भारत सरकार ने पीएम-आशा योजना के अंतर्गत खरीद कार्यों का काफी विस्तार किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएएफईडी) ने केंद्रीय भूमिका निभाई है, साथ ही आत्मनिर्भर दलहन मिशन के अंतर्गत बिहार में पहली बार संरचित दलहन खरीद पहल शुरू की है। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, एनसीसीएफ ने बिहार में पहली बार मसूर (दाल) की संगठित खरीद शुरू की है, जो दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम है। यह पहल केंद्रीय भंडारण निगम के सहयोग से संचालित डब्ल्यूडीआरए द्वारा अनुमोदित गोदामों के माध्यम से वैज्ञानिक भंडारण द्वारा समर्थित है। 22 अप्रैल 2026 तक बिहार में निम्नलिखित कदम उठाए गए: 32,000 मीट्रिक टन (मसूर) की खरीद का लक्ष्य 16 पीएसीएस/एफपीओ पंजीकृत 59 किसानों को ऑनबोर्ड किया गया 100.4 मीट्रिक टन की खरीद पूरी हुई एनएएफईडी राज्य भर में अपने सहकारी नेटवर्क के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत संचालन को बढ़ाने की तैयारी भी कर रहा है। छत्तीसगढ़: एमएसपी खरीद संचालन का विस...

रजनीकांत-कमल हासन समेत कई सितारों ने डाली तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में वोट

आज पश्चिम बंगाल में फर्स्ट फेज की 152 सीटों पर और तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। आज तमिलनाडु के चेन्नई में रजनीकांत, कमल हासन, धनुष समेत कई सेलेब्स ने वोटिंग की। साउथ सुपरस्टार थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कझगम (TVK), तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है। विजय स्वयं पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व से चुनाव लड़ने के उम्मीदवार हैं। वोट डालने पहुंचे सेलेब्स :- * विजय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 2 सीटों से उम्मीदवार हैं। उन्होंने भी वोट डाला है | * चेन्नई में रजनीकांत पोएस गार्डन स्थित अपने घर से निकलकर स्टेला मैरिस स्कूल के पोलिंग बूथ पहुंचे और   मतदान किया। * कमल हासन चेन्नई के अलवरपेट स्कूल में अपनी बेटी श्रुति हासन के साथ वोट डालने पहुंचे। * अभिनेता अजीत ने चेन्नई के तिरुवनमियूर स्थित एक मतदान केंद्र पर पहुंचकर वोट डाला। * साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस तृषा कृष्णन ने चेन्नई के पोलिंग स्टेशन में वोट डाला। * एक्टर धनुष अपना वोट डालने के लिए चेन्नई के एक पोलिंग स्टेशन पर पहुंचे। * एक्टर प्रभु ने अपने परिवार के साथ चेन्नई के टी....