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अब यूजरनेम से भी होगी सकेगी WhatsApp पर चैट

अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम की बुकिंग शुरू कर दी है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर यूजर के इलाके में उपलब्ध होगा, तब उसके वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। सबसे पहले जानें, जल्दी यूजरनेम बुक करना क्यों जरूरी है :-  दुनियाभर में करोड़ों यूजर्स एक जैसे या मिलते-जुलते यूजरनेम चुन सकते हैं। ऐसे में जो लोग पहले अपना यूजरनेम रिजर्व करेंगे, उन्हें अपनी पसंद का यूजरनेम मिलने की संभावना ज्यादा होगी। इस नए फीचर से क्या बदलेगा :- यूजरनेम फीचर आने के बाद कुछ स्थितियों में फोन नंबर अपने-आप दिखाई नहीं देगा। इनमें शामिल हैं: *जब आपको किसी बड़े ग्रुप चैट में जोड़ा जाएगा। *जब आप पहली बार किसी व्यक्ति को मैसेज करेंगे। इस बदला...
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AIM और STPI ने उद्योग-नेतृत्व वाली नवाचार और स्टार्टअप सहयोग को मजबूत करने के लिए GCC नवाचार सम्‍मेलन 2026 का आयोजन किया

नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ साझेदारी में बेंगलुरु में जीसीसी नवाचार सम्‍मेलन 2026 का आयोजन किया, जिसमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के नेताओं, अनुसंधान एवं विकास प्रमुखों, नवाचार नेताओं, स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रवर्तकों, इनक्यूबेटरों और नीति निर्माताओं को एक साथ लाया गया ताकि भारत के नवाचार और उद्यमिता इकोसिस्‍टम में गहन सहयोग के रास्ते तलाशे जा सकें। इस सम्मेलन में इंटेल , आईबीएम , बॉश , अमेज़न , एसएपी , थर्मो फिशर साइंटिफिक , सीजीआई , शेल , मर्सिडीज-बेंज , फिलिप्स , मॉर्गन स्टेनली , एनवीडिया , सैमसंग , सैनडिस्क , विप्रो , याहू और कई अन्य बहुराष्ट्रीय उद्यमों सहित प्रमुख जीसीसी और प्रौद्योगिकी संगठनों के नेतृत्व प्रतिनिधियों के साथ-साथ अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल), एआईएम समर्थित इनक्यूबेटर - अटल इनक्यूबेशन सेंटर (एआईसी) और अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (एसीआईसी), एसटीपीआई उद्यमिता केंद्र, कर्नाटक डिजिटल अर्थव्यवस्था मिशन (केडीईएम) और इकोसिस्‍टम के हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत क...

महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की विविधता, गुणवत्ता और बाजार क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए 'सरस शक्ति' कॉफी टेबल बुक लॉन्च

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के ग्रामीण परिवर्तन के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (आरजीवीएस) 2026 का समापन 29 जून, 2026 को हुआ।  इस सम्मेलन में केंद्र-राज्य के मजबूत सहयोग, समुदाय-आधारित विकास और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के माध्यम से विकसित ग्राम, विकसित भारत के विजन को गति देने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।  दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ने प्रमुख ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सर्वोत्तम प्रणालियों का आदान-प्रदान करने और ग्रामीण परिवर्तन के अगले चरण के लिए रोडमैप पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच प्रदान किया। इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान की उपस्थिति में किया। दो दिनों तक चले इस आयोजन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिक...

सरकार ने जीएसटी अपीलीय ट्रिब्‍यूनल के समक्ष अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है

सरकार ने धारा 112(1) के साथ पढ़े धारा 112(3) के अंतर्गत वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय ट्रिब्‍यूनल (जीएसटीएटी) के समक्ष अपील दाखिल करने की नियत तिथि को 31 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दिया है। सरकार ने 17 सितम्‍बर, 2025 की एक पूर्व अधिसूचना के माध्यम से जीएसटी अपीलीय ट्रिब्‍यूनल के समक्ष अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 जून, 2026 निर्धारित की थी। सरकार ने विभिन्न हितधारकों से प्राप्त हालिया अभ्यावेदनों को ध्यान में रखते हुए अंतिम तिथि बढ़ा दी है, जिनमें जीएसटीएटी पोर्टल पर अपील दाखिल करने की होड़ के कारण उत्पन्न तकनीकी कठिनाइयों को उजागर किया गया था। यद्यपि अंतिम तिथि सितंबर 2025 में ही अधिसूचित कर दी गई थी, लेकिन यह उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिनों में ही 30,000 अपीलें दाखिल की गईं, जिनमें से प्रतिदिन 5,500 अपीलों तक पहुंच गईं। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी अपील दाखिल करने की योजना काफी पहले से बना लें और अंतिम तिथि तक प्रतीक्षा न करें।

पीएफसी और आरईसी के निदेशक मंडल द्वारा विलय योजना की स्वीकृति

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) और आरईसी लिमिटेड (आरईसी) के निदेशक मंडल ने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232 और अन्य लागू प्रावधानों के अंतर्गत आरईसी (हस्तांतरणकर्ता कंपनी) का पीएफसी (हस्तांतरिती कंपनी) में विलय करने की योजना को स्‍वीकृति दे दी है।  इसमें उनके संबंधित शेयरधारक और लेनदार भी शामिल हैं। आरईसी का पीएफसी में विलय होने से 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल ऋण भंडार वाली एक वित्तपोषण इकाई का निर्माण होगा। यह योजना लागू कानून के अंतर्गत आवश्यक सभी स्वीकृतियों और सहमतियों की प्राप्ति पर निर्भर है, जिसमें दोनों कंपनियों के संबंधित शेयरधारकों और लेनदारों तथा सभी प्रासंगिक नियामक और सरकारी प्राधिकरणों से अनुमोदन शामिल हैं और विलयित इकाई का कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत 'सरकारी कंपनी' के रूप में अर्हता प्राप्त करना जारी रखना तथा भारत सरकार का विलयित इकाई में (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से) बहुमत मतदान अधिकार और नियंत्रण बनाए रखना भी शामिल है। योजना और मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, आरईसी के पीएफसी में प्रस्तावित विलय के लिए शेयर विनिमय अनुपात आरईसी के प्रत्येक ...

भारतीय तटरक्षक बल के लिए मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत के निर्माण का मुंबई में औपचारिक शुभारंभ

भारतीय तटरक्षक बल के लिए मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे अगली पीढ़ी के छह अपतटीय गश्ती पोतों के चौथे पोत के निर्माण का औपचारिक शुभारंभ समारोह आज मुंबई में आयोजित हुआ।  आधुनिक मशीनरी और अत्याधुनिक प्रणालियों से सुसज्जित यह पोत , सरकार की आत्मनिर्भर भारत दृष्टियोजना के अनुरूप , मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन , विकसित और निर्मित किया जा रहा है। समारोह में भारतीय तटरक्षक और मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अगली पीढ़ी के इन छह अपतटीय गश्ती पोतों के निर्माण संबंधी अनुबंध  का काम 20 दिसंबर , 2023 को पूरा हुआ था।  भारतीय तटरक्षक द्वारा अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने और तटीय सुरक्षा मजबूत बनाने के निरंतर प्रयासों की यह उल्लेखनीय पहल है , जो राष्ट्र की रणनीतिक स्वायत्तता सबलता प्रदान करता है।

भारत-ओमान सीईपीए समझौते के बाद एपीडा ने वाराणसी से ओमान को बिस्कुट के पहले निर्यात शिपमेंट की सुविधा दी

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से ओमान को 40 मीट्रिक टन बिस्कुट की खेप के निर्यात में की सुविधा प्रदान की।  भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर के बाद वाराणसी से ओमान को बिस्कुट की यह पहली निर्यात खेप है, जो इस क्षेत्र से प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की बढ़ती निर्यात क्षमता को प्रतिबिंबित करती है। यह निर्यात खेप वाराणसी स्थित निर्माता-निर्यातक श्री तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से भेजी गई है। यह पहल क्षेत्र के प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने और उत्तर प्रदेश के मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एपीडा कई निर्यात प्रोत्साहन पहलों के जरिए निर्यातकों को सक्रिय रूप से सहयोग दे रहा है, जिसमें आहार 2026 और गलफूड 2026 जैसे प्रमुख घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग लेना शामिल है। इन प्रयासों से वाराणसी क्षेत्र में निर्मित उत्पादों की विजिबिलिटी बढ़...

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DIAL ने आज एयर सुविधा 2.0 का शुभारंभ किया

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) ने आज एयर सुविधा 2.0 का शुभारंभ किया, जो एक उन्नत संपर्क रहित यात्री स्वास्थ्य स्व-घोषणा पोर्टल है, जिसका उद्देश्य चल रहे इबोला रोग के प्रकोप के जवाब में प्रवेश बिंदुओं पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करना है। यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 17 मई, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) 2005 के तहत कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में इबोला/बुंडीबुग्यो वायरस रोग के प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित करने के बाद की गई है। वर्तमान प्रकोप की पुष्टि बुंडीबुग्यो वायरस रोग (बीवीडी) के रूप में की गई है, और डीआरसी और युगांडा की सीमा से लगे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, को संक्रमण के उच्च जोखिम वाले देशों के रूप में मूल्यांकित किया गया है (डब्ल्यूएचओ द्वारा अद्यतन जानकारी के अनुसार)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के सहयोग से विकसित यह पोर्टल अंतरराष्ट्रीय आगमन करने वाले यात्रिय...

योजना भवन, लखनऊ में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान–मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की हाई लेवल मीटिंग

योजना भवन , लखनऊ में आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के साथ हाई लेवल समीक्षा बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।   बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने एक ओर रबी विपणन वर्ष 2026–27 के लिए गेहूं , चना , मसूर जैसी फसलों की एमएसपी पर खरीद अवधि 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक बढ़ाने की मंज़ूरी का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा , तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के नए चरण के तहत यूपी के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति का अनुमोदन पत्र भी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा। यूपी – देश का कृषि सिरमौर , वैज्ञानिक रोडमैप पर जोर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उ . प्र . एक तरह से कृषि में देश का सिरमौर प्रदेश है और देश का लगभग 38 प्रतिशत गेहूं अकेले यह र...