वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने आज नई दिल्ली में सीएसआईआर मुख्यालय में एक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें वैज्ञानिक, इंडस्ट्री पार्टनर, टेक्नोलॉजी अपनाने वाले और रणनीतिक स्टेकहोल्डर शामिल हुए। सीएसआईआर -सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गनाइज़ेशन (सीएसआईआर - सीएसआईओ), चंडीगढ़ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में चार स्वदेशी प्रौद्योगिकी इंडस्ट्री को सौंपी गईं, आईओटी - सक्षम ग्रामीण जल सेवा वितरण, मापन और निगरानी प्रणाली को कमर्शियली लॉन्च किया गया, और स्वदेशी रक्षा टेक्नोलॉजी के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल ), पंचकूला से प्राप्त रॉयल्टी को मान्यता दी गई। इस कार्यक्रम में सीएसआईआर की महानिदेशक और डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलाईसेल्वी शामिल हुईं। साथ ही, सीएसआईआर मुख्यालय, सीएसआईआर - सीएसआईओ और इंडस्ट्री पार्टनर के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रॉयल्टी उपलब्धियों का विवरण देते हुए, सीएसआईआर - सीएसआईओ के निदेशक प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने प्रयोगशाला...
अभी तक सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया है। इथेनॉल की अधिक मात्रा के संबंध में भविष्य में कोई भी निर्णय विस्तृत वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन और ऑटोमोबाइल निर्माताओं, तेल विपणन कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों सहित सभी संबंधित हितधारकों के साथ परामर्श के बाद ही लिया जाएगा। हालांकि, ई85 ईंधन (जिसमें 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है) को विशेष रूप से ऐसे फ्लेक्स फ्यूल वाहनों (एफएफवी) में उपयोग के लिए पेश किया गया है जो इस ईंधन (ई85) के लिए डिज़ाइन और प्रमाणित हैं और यह पेट्रोल में इथेनॉल के आधारभूत मिश्रण स्तर में वृद्धि नहीं करता है। वर्तमान में निर्धारित इथेनॉल मिश्रण प्रतिशत और पिछले तीन वर्षों के दौरान प्राप्त औसत मिश्रण का विवरण वर्षवार नीचे दिया गया है। एथेनॉल आपूर्ति वर्ष औसत मिश्रण (प्रतिशत) 2022-23 ~12 2023-24 ~14.6 2024-25 ~19.2 2025-26 (नवंबर-जून) 20 इथेनॉल कोई नया ईंधन नहीं है। इसका उपयोग विश्व स्तर पर एक सदी से अधिक समय से हो रहा है और ब्राजील जैसे देश दशकों से उच्च इथेनॉल मिश्रण का उपयोग कर रहे हैं। ...