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छह देशों के राजदूतों ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (6 जुलाई, 2026) राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में मोजाम्बिक, निकारागुआ, सूरीनाम, गैबोन गणराज्य, मंगोलिया और बहामास के राजदूतों से उनके परिचय पत्र स्वीकार किए। परिचय-पत्र प्रस्तुत करने वालों में निम्नलिखित लोग शामिल थे: 1. श्री अरमांडो पेड्रो मुइउआने जूनियर, मोजाम्बिक गणराज्य के उच्चायुक्त 2. सुश्री नाडेस्का इमारा कथबर्ट कार्लसन, निकारागुआ गणराज्य की राजदूत 3. श्रीमती हनीशा जयराम, सूरीनाम गणराज्य की राजदूत 4. श्री ऑरेलियन-मार्सेल मिंटसा न्गुएमा, गैबोनीज गणराज्य के उच्चायुक्त 5. डॉ. उल्जीत लुवसंजाव, मंगोलिया के राजदूत 6. श्री पीटर निकोलस साइमोनेट, बहामास राष्ट्रमंडल के उच्चायुक्त  
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भारत की शिल्प विरासत के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म

भारत दुनिया की सबसे समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपराओं में से एक है। यह क्षेत्र न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि समावेशी आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है। भारत में वर्तमान में अनुमानित 64.66 लाख हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगर हैं। इस कार्यबल में महिलाओं की काफी भागीदारी है। अगस्त 2025 के आंकड़ों के अनुसार महिलाएं हथकरघा बुनकरों में 71 प्रतिशत और कुल कारीगरों का 64 प्रतिशत हैं। यह मजबूत भागीदारी विशेष रूप से ग्रामीण समुदायों में रोजगार और सशक्तिकरण का समर्थन करने में इस क्षेत्र की भूमिका को दर्शाती है।   बड़ी संख्या में कारीगरों और बुनकरों के बल पर यह क्षेत्र भारत के उभरते बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जैसे-जैसे वाणिज्य तेजी से डिजिटल होता जा रहा है, ऑनलाइन पहुंच इन शिल्प समुदायों को बाजार में भागीदारी बढ़ाने में मदद कर रही है। डिजिटल इंडिया पहल के माध्यम से, पारंपरिक आजीविका तेजी से डिजिटल व्यापार के अवसरों तक प...