शहरी स्वच्छता की परिभाषा अब केवल कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उस कूड़े को एक मूल्यवान संसाधन में परिवर्तित करना भी वास्तविक सफलता को दर्शाता है। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) 2.0 के तहत 'कचरा मुक्त शहर' - (Garbage Free Cities - GFCs) के संकल्प की ओर अग्रसर गाजियाबाद ने एक ऐसी ही मिसाल पेश की है। शहर में सड़कों, डेयरियों और विशेषकर गौशालाओं से निकलने वाले गोबर (Cow Dung) को पुन: उपयोग में लाया जा रहा है। ऐसा गौ-वंश अपशिष्ट जो पहले अक्सर नालियों के जाम होने और गंदगी का मुख्य कारण बनता था, अब वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जा रहा है और इस पशु अपशिष्ट को 'प्राकृतिक पेंट' के रूप में परिवर्तित कर एक नया जीवन दिया जा रहा है। स्वच्छता की पहल और कचरा प्रबंधन का नया मॉडल : नगर निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती पशुओं के गोबर का सही निपटान करना था, क्योंकि लैंडफिल साइट्स पर लंबे समय तक पड़ा रहने वाला गोबर अन्य कचरे के साथ मिलकर मीथेन जैसी हानिकारक गैसें छोड़ता है, जो पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के ...
19 जून को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 19 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सायं 5 बजे आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के अंतर्गत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे। यह राशि वितरण पीएम-वीबीआरवाई के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पीएम-वीबीआरवाई भारत सरकार की प्रमुख रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना है, जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन में तेजी लाना, रोजगार को औपचारिक बनाना, रोजगार क्षमता बढ़ाना और सभी सेक्टरों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। इस योजना के माध्यम से देश भर में पहले ही 15 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जा चुके हैं। पीएम-वीबीआरवाई योजना का उद्देश्य श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे उन्हें कार्यबल में शामिल होने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी प्रति मा...