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रक्षा खरीद, आईडेक्स, टीपीसीआर और परीक्षण प्रक्रियाओं पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए कार्यशाला आयोजित की जाएगी

रक्षा खरीद, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडेक्स) , प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य क्षमता रोडमैप (टीपीआरसी) और एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप्स के लिए परीक्षण प्रक्रियाओं पर 11 और 12 जून , 2026 को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का आयोजन स्वदेशीकरण निदेशालय , एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) एवं स्टार्ट-अप्स जागरूकता बढ़ाना और रक्षा इकोसिस्टम में उनकी अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन उद्योग प्रतिनिधियों को रक्षा खरीद प्रक्रियाओं , स्वदेशीकरण पहलों , आईडेक्स ढांचे , परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रियाओं तथा टीपीसीआर के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक संवादात्मक मंच प्रदान करेगा। मुख्यालय आईडीएस , सेवा मुख्यालय , डीजीक्यूए , आईडेक्स - डीआईओ और अन्य हितधारक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों के दौरान प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे। उद्घाटन सत्र को एकीकृत रक्षा स्...
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आंध्र प्रदेश की नई कैपिटल सिटी अमरावती में नए केंद्रीय सरकारी जनरल पूल कार्यालय के निर्माण को मंजूरी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने आंध्र प्रदेश की न्‍यू कैपिटल सिटी अमरावती में केंद्रीय सरकारी जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (सीजीजीपीओए) के निर्माण को आज मंजूरी दी है। यह परियोजना अमरावती के नए ग्रीनफील्ड शहर में एक ऐतिहासिक पहल है, जिसे विश्वस्तरीय शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के लिए ऑफिस अकोमोडेशन की बढ़ती मांग को पूरा करना है, ताकि उन्हें एक ही छत के नीचे लाया जा सके। इस एकीकरण से अंतर-विभागीय समन्वय बढ़ेगा और आंध्र प्रदेश राज्य को केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार होगा। आंध्र प्रदेश की न्‍यू कैपिटल सिटी में केंद्रीय सरकारी सामान्य पूल ऑफिस अकोमोडेशन (सीजीजीपीओए) 5.53 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। सीजीजीपीओए में दो ब्लॉक हैं- एक ब्लॉक प्लॉट सी-9 पर है जिसमें भूतल के साथ 13 मंजिलें हैं (भूतल, सेवाओं के लिए, तीन मंजिलें पोडियम पार्किंग के लिए और दस मंजिलें कार्यालय के लिए) और दूसरा ब्लॉक प्लॉट सी-8 पर ह...

सरकार ने वस्त्र उद्योग पीएलआई स्कीम के तीसरे चरण के तहत 96 कंपनियों को मंजूरी दी

सरकार ने वस्त्रों के लिए उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के तीसरे चरण के तहत 22 नए आवेदकों को मंजूरी दी है। उम्मीद है कि ये नई स्वीकृत कंपनियां कुल 2,339.14 करोड़ रुपए का निवेश लाएंगी, अधिसूचित उत्पादों में 15,561.34 करोड़ रुपए का अनुमानित कारोबार करेंगी और वस्त्र मूल्य श्रृंखला में 36,217 रोजगार के अवसर सृजित करेंगी।  योजना के तीसरे चरण के तहत कुल 96 कंपनियों का चयन किया गया है, जिन्होंने 12,822.67 करोड़ रुपए के कुल निवेश और 58,294.18 करोड़ रुपए के अनुमानित कारोबार की प्रतिबद्धता जताई है। स्वीकृत आवेदकों में पीएलआई योजना के मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) परिधान, एमएमएफ फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्र शामिल हैं, जिससे मूल्यवर्धित वस्त्र विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। पीएलआई स्कीम के तहत इन कंपनियों को शामिल करना, वस्त्र क्षेत्र के उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों के प्रति उद्योग जगत की निरंतर सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। प्रस्तावित निवेश और उत्पादन क्षमताओं से आत्मनिर्...

कोयला मंत्रालय कल हैदराबाद में कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर रोड शो का आयोजन करेगा

कोयला मंत्रालय 11 जून, 2026 को हैदराबाद में अपना अगले रोडशो का आयोजन करेगा। इससे पूर्व कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर नई दिल्ली में आयोजित किए गए सफल रोडशो की गति को आगे बढाने की दिशा में यह कार्यक्रम अगला कदम होगा। पिछले आयोजन के दौरान मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया और सक्रिय भागीदारी ने भारत के कोयला गैसीकरण इकोसिस्‍टम में उद्योग के हितधारकों के बढ़ते विश्वास को रेखांकित किया और इस रणनीतिक क्षेत्र में उभरते महत्वपूर्ण अवसरों को स्‍पष्‍ट किया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी हैदराबाद रोडशो में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे जबकि कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि होंगे। इस कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त, अपर सचिव श्री सनोज कुमार झा, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, कोयला एवं लिग्नाइट कंपनियों के प्रतिनिधि, प्रौद्योगिकी प्रदाता, उद्योग संघ, निवेशक और अन्य प्रमुख हितधारक भी उपस्थित रहेंगे। कोयला गैसीकरण एक क्रांतिकारी तकनीक है जो कोयले को संश्लेषण गैस (सिन्गैस) में परिवर्त...

चिराग पासवान ने सैपलिंग (उन्नत पोषण और विकास के लिए दक्षिण एशियाई नीति नेतृत्व) संवाद-2026 का उद्घाटन किया

भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) ने विश्व बैंक समूह के नेतृत्व वाली सैपलिंग पहल के सहयोग से 9 जून, 2026 को अहमदाबाद, गुजरात में "अन्लॉकिंग वैल्यू: दक्षिण एशिया में रोजगार सृजन और सतत विकास के लिए खाद्य प्रसंस्करण को आगे बढ़ाना" शीर्षक से क्षेत्रीय उच्च-स्तरीय नीति संवाद का उद्घाटन किया। दो-दिवसीय क्षेत्रीय संवाद में नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों, विकास भागीदारों, नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 200 प्रतिभागी एक मंच पर उपस्थित हैं ताकि खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्टम को मजबूत करने और क्षेत्र में लचीली, समावेशी और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के निर्माण पर विचार-विमर्श किया जा सके। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला और दक्षिण एशिया की खाद्य अर्थव्यवस्था को बदलने में मूल्यवर्धन, प्रौद्योगिकी अपनाने और क्षेत्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। श्री चिराग पासवान ने इस अवसर पर कहा ...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

आज शिक्षा मंत्रालय द्वारा तीन वैश्विक प्रतिष्ठित विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों— ब्रिस्टल विश्वविद्यालय, यॉर्क विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स—को तीन अनुमोदन पत्र (एलओपीएस ) जारी किए गए। ये अनुमोदन पत्र उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष डॉ. विनीत जोशी द्वारा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में सौंपे गए। ब्रिस्टल विश्वविद्यालय की कार्यकारी डीन एवं निदेशक सुश्री मिशेल जोन्स, यॉर्क विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रोफेसर चार्ली जेफ्री, तथा यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स की डिप्टी वाइस-चांसलर (शिक्षा एवं छात्र अनुभव) प्रोफेसर सारा मैडिसन ने यह अनुमोदन पत्र व्यक्तिगत रूप से प्राप्त किए। इस अवसर पर ब्रिटिश उच्चायोग, ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग, ब्रिटिश काउंसिल, शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी, संबंधित विश्वविद्यालयों तथा अन्य गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इन तीनों विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में परिसर स्थापित किया जाना NEP 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण लक्ष्य की दिशा में ए...

रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रक्षा भूमि पर बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी दी

ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर (पूर्व छावनी क्षेत्र) में लगभग 850 एकड़ रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीन पर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) सहित 250 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना को मंजूरी दी है।  रक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई यह अपनी तरह की पहली परियोजना है। इसमें रक्षा भूमि पर एकीकृत बीईएसएस सहायता के साथ बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन सुविधा का विकास भी शामिल है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रक्षा बलों के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के अलावा, इस परियोजना से रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए पारंपरिक ग्रिड बिजली की खरीद पर होने वाले खर्च में काफी कमी आने की उम्मीद है। इससे परियोजना की अवधि के दौरान सरकारी खजाने में बचत होगी। एनटीपीसी लिमिटेड रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए सबसे अनुकू...

ओमान के पास एक व्यापारिक पोत पर हुए हमले के बाद 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया

भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) मुंबई को 8 जून , 2026 को लगभग 14:20 बजे ओमान के मसिराह तट के पास लंगर डाले हुए पलाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी मारिवेक्स पर मिसाइल हमले की सूचना मिली। इस टैंकर में 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे।  इसके बाद समुद्री बचाव समन्वय केंद्र ने ओमान समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र (ओएमएससी) से संपर्क स्थापित किया और स्थिति पर नजर रखने और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखा।  लगभग 17:00 बजे , ओमान समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र ओमान ने पुष्टि की कि ओमान नौसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नही हुआ । जहाज अभी भी ओमान के मसिराह तट के पास लंगर डाले हुए है। इस सफल बचाव अभियान से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग की प्रभावशीलता और क्षेत्र में समुद्री बचाव अधिकारियों के बीच मजबूत समन्वय तंत्र का पता चलता है। यह भारतीय तटरक्षक बल की भारतीय नाविकों क...

डिजिटल कनेक्टिविटी के आकलन के लिए संशोधित 'रेटिंग मैनुअल 2026' जारी किया

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज संशोधित ' डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग विनियम , 2024' के तहत डिजिटल कनेक्टिविटी के मूल्यांकन के लिए संशोधित ' रेटिंग मैनुअल 2026' जारी किया। ट्राई ने 25 अक्टूबर 2024 को ' डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग सम्‍बंधी विनियम 2024' अधिसूचित किया था । इस विनियम का उद्देश्य सहयोगात्मक और आत्मनिर्भर दृष्टिकोण के माध्यम से भवनों के अंदर अच्छी डिजिटल कनेक्टिविटी प्राप्त करने में उपभोक्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों का समाधान करना है। इसके बाद, ट्राई ने 13 अगस्त 2025 को डिजिटल कनेक्टिविटी के आकलन के लिए ' रेटिंग मैनुअल ' एक दिशानिर्देश के रूप में जारी किया। यह रेटिंग मैनुअल एक संरचित ढांचा है। इसे नियमों के प्रावधानों के तहत डिजिटल कनेक्टिविटी के आकलन के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और मानकीकृत दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। यह दस्तावेज़ संपत्तियों और क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी के कार्यान्वयन और आकलन में शामिल डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी (डीसीआरए), प्रॉप...

एपीईडीए ने असम से दुबई को जीआई-टैग वाली तेजपुर लीची के पहले निर्यात में सहायता की

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने 7 जून, 2026 को असम से दुबई के लिए जीआई-टैग वाली तेजपुर लीची की पहली निर्यात खेप की सुविधा प्रदान की, जो उत्तर पूर्वी क्षेत्र के कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पहुंच के विस्तार में एक बड़ी उपलब्धि है। एक मीट्रिक टन की इस खेप में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाली तेजपुर लीची शामिल थी, जो असम के सबसे प्रसिद्ध बागवानी उत्पादों में से एक है। यह लीची अपनी असाधारण मिठास, चमकीले लाल रंग, विशिष्ट सुगंध और उत्कृष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में बॉम्बेया, बिलाती, इलायची, पियाजी और साही सहित कई उल्लेखनीय किस्में उगाई जाती हैं, जो अपने विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए सराही जाती हैं। भौगोलिक संकेत (जीआई) का दर्जा मिलने से तेजपुर लीची की पहचान और बाजार में इसकी मांग बढ़ी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ी है। इससे असम से प्रीमियम कृषि उत्पादों के निर्यात के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। यह निर्यात वैश्विक बाजारों में भारत के जीआई-टैग वाले कृषि उत्पादों की बढ...

समुद्री उत्पादों के निर्यात में एक दशक में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग ने मत्स्य पालन विभाग और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) के सहयोग से 5-6 जून 2026 को विशाखापत्तनम में समुद्री खाद्य निर्यात पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला मूल्यवर्धन, स्थिरता, बेहतर बाजार पहुंच, नवाचार और अवसंरचना विकास के माध्यम से भारत के समुद्री खाद्य निर्यात को बढ़ाने पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती है। इस कार्यशाला में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू; केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल; केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी एवं पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह; केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू; और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री पीयूष गोयल ने समुद्री खाद्य निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला और बताया कि पिछले दशक में भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात में मूल्य के हिसाब से लगभग 70 प्रतिशत की वृद्...

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) ने देश के शासन तंत्र में डिजिटल, पारदर्शी और समावेशी सार्वजनिक खरीद को मजबूत किया

देश की शासन प्रणाली प्रौद्योगिकी-आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण की दिशा में पिछले कुछ वर्षों के दौरान निरंतर बदलाव गवाह बनी है। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) की स्‍थापना 9 अगस्त, 2016 को हुई थी। जेम ने कुशल और अधिक पारदर्शी सार्वजनिक खरीद को सक्षम बनाकर, खरीदारों और विक्रेताओं की व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देकर और बेहतर सेवा वितरण परिणामों में योगदान देकर इस बदलाव को आगे बढ़ाया है। जेम ने एक महत्वपूर्ण शासन सुधार के रूप में परिकल्पित सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को काफी हद तक मेनुअल तरीके और जटिल प्रक्रिया से बदलकर इसे डिजिटल और डेटा-आधारित प्रणाली में बदल दिया है। जेम ने मानवीय हस्तक्षेप को कम करके, पारदर्शिता बढ़ाकर और सरकारी खरीद के अवसरों तक पहुंच को सरल बनाकर विभिन्न उद्यमों और भौगोलिक क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी को संभव बनाया है। यह डिजिटल खरीद के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में लगातार कार्य कर रहा है। जेम ने सरकारी खरीद बाजारों को सभी तरह के उद्यमों के लिए खोलकर व्यापार करने में सहजता को बेहतर बनाने में भी योगदान दिया है। ऑनलाइन ऑनबोर्डिंग, पारदर्शी बोली त...