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IIM बैंगलोर, इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिसर से पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को व्यापक लाभ होगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में की गई। प्रस्तावित परिसर इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित किया जाएगा और यह भारत के उच्च शिक्षा तंत्र के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह घोषणा भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक विस्तार में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दुबई में आईआईएम अहमदाबाद, अबू धाबी में आईआईटी दिल्ली और ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक स्थापित विदेशी परिसरों के आधार पर, यह वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एक विश्वसनीय वैश्विक ज्ञान भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है। इंडोनेशिया में प्रस्ता...
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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया ‘प्रगति’ प्रोजेक्ट

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ‘प्रगति’ ( PRAGATI) नामक एक राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया जिसका उद्देश्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी बनाकर देश भर के 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय , उत्पादकता और आजीविका में व्यापक सुधार लाना है।  यह बहु-साझेदार पहल भारत में समावेशी , टिकाऊ और जलवायु-संवेदनशील कृषि परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित कृषि और समृद्ध गांवों के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है , बल्कि लागत घटाकर किसानों की आय बढ़ाना , फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और कृषि को लाभकारी बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि छोटे जोत वाले किसानों के लिए पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है , इसलिए वैल्यू एडिशन , प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ‘प्रगति’ इसी सोच का विस्तार है जो किसानों को तकनीक , मशीनीकरण , मृदा स्व...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान बिंतांग आदिपूर्ण प्रदान किया गया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आज इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो ने इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान बिंतांग आदिपूर्ण प्रदान किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी को यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को सुदृढ़ बनाने में उनके नेतृत्व और असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया। श्री मोदी ने यह पुरस्कार भारत और इंडोनेशिया के लोगों और दोनों देशों के बीच चिरस्थायी सभ्यतागत संबंधों को समर्पित किया। इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा पर गए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आज इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्राबोवो सुबियांतो ने इस्ताना मरदेका (राष्ट्रपति प्रासाद) में बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति प्राबोवो 76 वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जनवरी 2025 में भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे। उसके बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है। दोनों नेताओं ने सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर पर औपचारिक बातचीत की। उन्होंने व्यापार और निवेश , रक्षा और सुरक्षा , समुद्री सहयोग , डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी , ऊर्जा , स्वास्थ्य सेवा और औषधि निर्मा...

भारत की राष्ट्रपति ने डूरंड कप टूर्नामेंट की ट्रॉफियों का अनावरण किया

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज, 7 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित समारोह में डूरंड कप टूर्नामेंट 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया और उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने डूरंड कप से जुड़े सभी पूर्व एवं वर्तमान अधिकारियों और खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि इस टूर्नामेंट ने अनेक प्रतिभावान फुटबॉल को मंच प्रदान किया है। राष्ट्रपति यह जानकर प्रसन्‍न हुईं कि डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी जीतने के लिए इस वर्ष कुछ नई टीमें भी प्रतिस्‍पर्धा करेंगी, जिनमें श्रीलंका की एक टीम भी शामिल है। उन्होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि नई टीमों के जुड़ने से यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता और भी लोकप्रिय बनेगी। उन्होंने सभी प्रतिभागी टीमों और खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति ने कहा कि फुटबॉल विश्व के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। यह खेल उत्कृष्टता, एकता और खेल भावना का एक अनुपम उदाहरण है। उन्‍होंने कहा कि इन दिनों खेले जा रहे फीफा वर्ल्‍ड कप में विश्व की श्रेष्ठ टीमें और खिलाड़ी अपने-अपने देशों...

छह देशों के राजदूतों ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (6 जुलाई, 2026) राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में मोजाम्बिक, निकारागुआ, सूरीनाम, गैबोन गणराज्य, मंगोलिया और बहामास के राजदूतों से उनके परिचय पत्र स्वीकार किए। परिचय-पत्र प्रस्तुत करने वालों में निम्नलिखित लोग शामिल थे: 1. श्री अरमांडो पेड्रो मुइउआने जूनियर, मोजाम्बिक गणराज्य के उच्चायुक्त 2. सुश्री नाडेस्का इमारा कथबर्ट कार्लसन, निकारागुआ गणराज्य की राजदूत 3. श्रीमती हनीशा जयराम, सूरीनाम गणराज्य की राजदूत 4. श्री ऑरेलियन-मार्सेल मिंटसा न्गुएमा, गैबोनीज गणराज्य के उच्चायुक्त 5. डॉ. उल्जीत लुवसंजाव, मंगोलिया के राजदूत 6. श्री पीटर निकोलस साइमोनेट, बहामास राष्ट्रमंडल के उच्चायुक्त  

भारत की शिल्प विरासत के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म

भारत दुनिया की सबसे समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपराओं में से एक है। यह क्षेत्र न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि समावेशी आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है। भारत में वर्तमान में अनुमानित 64.66 लाख हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगर हैं। इस कार्यबल में महिलाओं की काफी भागीदारी है। अगस्त 2025 के आंकड़ों के अनुसार महिलाएं हथकरघा बुनकरों में 71 प्रतिशत और कुल कारीगरों का 64 प्रतिशत हैं। यह मजबूत भागीदारी विशेष रूप से ग्रामीण समुदायों में रोजगार और सशक्तिकरण का समर्थन करने में इस क्षेत्र की भूमिका को दर्शाती है।   बड़ी संख्या में कारीगरों और बुनकरों के बल पर यह क्षेत्र भारत के उभरते बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जैसे-जैसे वाणिज्य तेजी से डिजिटल होता जा रहा है, ऑनलाइन पहुंच इन शिल्प समुदायों को बाजार में भागीदारी बढ़ाने में मदद कर रही है। डिजिटल इंडिया पहल के माध्यम से, पारंपरिक आजीविका तेजी से डिजिटल व्यापार के अवसरों तक प...