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बेहद उन्नत नेत्र शल्य चिकित्सा केंद्र दृष्टि की झारखंड में शरुआत

ऑपरेशन दृष्टि के तहत एक बड़े स्वास्थ्य सेवा अभियान में, भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना की एक विशेष नेत्र चिकित्सकीय टीम ने मिलिटरी हॉस्पिटल नमकुम, रांची में एक मेगा एडवांस्ड सर्जिकल आई कैंप शुरू किया है। यह कैंप 15-19 जून 2026 के बीच चल रहा है और इसका उद्देश्य 200 से अधिक लाभार्थियों की दृष्टि बहाल करना तथा उनके जीवन की गुणवत्ता निःशुल्क उन्नत नेत्र सर्जरियों के माध्यम से सुधारना है। आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रिफरल), नई दिल्ली के कंसल्टेंट तथा नेत्र विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर डॉ. संजय कुमार मिश्रा की अगुवाई में सर्जिकल टीम फेकोएमल्सिफिकेशन (प्रसाराभिन्न सर्जरी) द्वारा मोतियाबिंद, मिनिमली इनवेसिव ग्लॉकोमा सर्जरी (MIGS) तथा विट्रियो-रेटिनल रोगों के लिए एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शनों सहित कई उन्नत नेत्र संबंधी प्रक्रियाएँ करगी।  पूर्व सैनिकों, सेवाधारियों के आश्रितों और वंचित नागरिकों के लिए व्यापक स्क्रीनिंग जारी है, और कैंप के दौरान बड़ी उपस्थिति की उम्मीद है। मिशन के समर्थन में, विश्वस्तरीय चिकित्सकीय उपकरण भारतीय वायुसेना की सेवा विमानों द्वारा रांची तक एअरलिफ्ट किए गए हैं, ज...

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने लंबी दूरी की सतह पर हमला करने में सक्षम क्रूज मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया

The Defence Research and Development Organisation successfully conducted a flight test of a long-range surface-attack cruise missile
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 15 जून, 2026 को ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी लंबी दूरी की सतह पर हमला करने में सक्षम क्रूज मिसाइल (एलआरएलएसीएम) का सफल उड़ान परीक्षण किया। चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज द्वारा तैनात विभिन्न ट्रैकिंग और निगरानी प्रणालियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, परीक्षण के दौरान सभी निर्धारित उद्देश्यों को पूर्ण रूप से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

एलआरएलएसीएम शत प्रतिशत स्वदेशी रूप से विकसित क्रूज मिसाइल है, जिसकी सभी प्रमुख उप-प्रणालियां डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय रक्षा उद्योग साझेदारों द्वारा विकसित की गई हैं। बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला है। परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी के साथ भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एलआरएलएसीएम के सफल उड़ान परीक्षण पर डीआरडीओ के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और सभी रक्षा उद्योग साझेदारों को बधाई दी। वहीं, रक्षा सचिव एवं रक्षा विभाग (आरएंडडी) के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने परीक्षण के दौरान सभी गतिविधियों की लगातार निगरानी की। उन्होंने इस मिशन की सफलता में योगदान देने वाली पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की।

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