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बेहद उन्नत नेत्र शल्य चिकित्सा केंद्र दृष्टि की झारखंड में शरुआत

ऑपरेशन दृष्टि के तहत एक बड़े स्वास्थ्य सेवा अभियान में, भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना की एक विशेष नेत्र चिकित्सकीय टीम ने मिलिटरी हॉस्पिटल नमकुम, रांची में एक मेगा एडवांस्ड सर्जिकल आई कैंप शुरू किया है। यह कैंप 15-19 जून 2026 के बीच चल रहा है और इसका उद्देश्य 200 से अधिक लाभार्थियों की दृष्टि बहाल करना तथा उनके जीवन की गुणवत्ता निःशुल्क उन्नत नेत्र सर्जरियों के माध्यम से सुधारना है। आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रिफरल), नई दिल्ली के कंसल्टेंट तथा नेत्र विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर डॉ. संजय कुमार मिश्रा की अगुवाई में सर्जिकल टीम फेकोएमल्सिफिकेशन (प्रसाराभिन्न सर्जरी) द्वारा मोतियाबिंद, मिनिमली इनवेसिव ग्लॉकोमा सर्जरी (MIGS) तथा विट्रियो-रेटिनल रोगों के लिए एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शनों सहित कई उन्नत नेत्र संबंधी प्रक्रियाएँ करगी।  पूर्व सैनिकों, सेवाधारियों के आश्रितों और वंचित नागरिकों के लिए व्यापक स्क्रीनिंग जारी है, और कैंप के दौरान बड़ी उपस्थिति की उम्मीद है। मिशन के समर्थन में, विश्वस्तरीय चिकित्सकीय उपकरण भारतीय वायुसेना की सेवा विमानों द्वारा रांची तक एअरलिफ्ट किए गए हैं, ज...

अशोक लेलैंड और स्विच मोबिलिटी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों के प्रतिस्थापन की योजना के अंतर्गत छूट प्रदान करने वाले पहले ओईएम बन गए हैं

Ashok Leyland and Switch Mobility have become the first OEMs to offer discounts under the scheme for replacing old trucks and buses in Delhi-NCR
भारत सरकार की दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों के प्रतिस्थापन की योजना के अंतर्गत पहला समझौता ज्ञापन (एमओयू) आज सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा अशोक लेलैंड के बीच, अशोक लेलैंड की सहायक कंपनी स्विच मोबिलिटी के साथ हस्ताक्षरित किया गया।

एमओयू पर हस्ताक्षर होने के साथ ही अशोक लेलैंड और स्विच मोबिलिटी इस योजना के कार्यान्वयन के लिए सरकार के साथ साझेदारी करने वाले पहले ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) बन गए हैं। समझौते के तहत, ये कंपनियाँ योजना के अंतर्गत खरीदे जाने वाले पात्र ट्रकों और बसों के एक्स-शोरूम मूल्य पर 8 प्रतिशत की छूट प्रदान करेंगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह छूट समान सकल वाहन भार (जीवीडब्ल्यू) श्रेणी के इंटरनल कम्‍बशन इंजन (आईसीई) वाहन पर लागू छूट की सीमा तक ही सीमित रहेगी।

योजना में भाग लेने वाले ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) द्वारा प्रदान की जाने वाली 8 प्रतिशत की छूट के अतिरिक्त, केंद्र सरकार 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा पाँच वर्ष की अवधि के लिए निश्चित मासिक ईंधन वाउचर प्रदान करेगी। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के लिए भाग लेने वाली राज्य सरकारें दस वर्ष की अवधि तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत तक की रियायत तथा पंजीकरण शुल्क में छूट प्रदान करेंगी।

मंत्रालय ने कहा कि पहले समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वाहन प्रदूषण को कम करना और वाहन बेड़े के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना है। 

इसके लिए भारत स्टेज-IV (बीएस-IV) या उससे पूर्व के उत्सर्जन मानकों का अनुपालन करने वाले तथा दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत ट्रकों और बसों के स्वामियों को ऐसे वाहनों के स्थान पर भारत स्टेज-VI (बीएस-VI) या उससे अधिक कड़े उत्सर्जन मानकों का अनुपालन करने वाले वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। 

मंत्रालय ने आगे कहा कि आने वाले दिनों में और अधिक ऑटोमोबाइल ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) के इस योजना से जुड़ने की अपेक्षा है, जिससे व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होगी तथा स्वच्छ परिवहन प्रौद्योगिकियों को अपनाए जाने को और बढ़ावा मिलेगा।

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