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बेहद उन्नत नेत्र शल्य चिकित्सा केंद्र दृष्टि की झारखंड में शरुआत

ऑपरेशन दृष्टि के तहत एक बड़े स्वास्थ्य सेवा अभियान में, भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना की एक विशेष नेत्र चिकित्सकीय टीम ने मिलिटरी हॉस्पिटल नमकुम, रांची में एक मेगा एडवांस्ड सर्जिकल आई कैंप शुरू किया है। यह कैंप 15-19 जून 2026 के बीच चल रहा है और इसका उद्देश्य 200 से अधिक लाभार्थियों की दृष्टि बहाल करना तथा उनके जीवन की गुणवत्ता निःशुल्क उन्नत नेत्र सर्जरियों के माध्यम से सुधारना है। आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रिफरल), नई दिल्ली के कंसल्टेंट तथा नेत्र विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर डॉ. संजय कुमार मिश्रा की अगुवाई में सर्जिकल टीम फेकोएमल्सिफिकेशन (प्रसाराभिन्न सर्जरी) द्वारा मोतियाबिंद, मिनिमली इनवेसिव ग्लॉकोमा सर्जरी (MIGS) तथा विट्रियो-रेटिनल रोगों के लिए एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शनों सहित कई उन्नत नेत्र संबंधी प्रक्रियाएँ करगी।  पूर्व सैनिकों, सेवाधारियों के आश्रितों और वंचित नागरिकों के लिए व्यापक स्क्रीनिंग जारी है, और कैंप के दौरान बड़ी उपस्थिति की उम्मीद है। मिशन के समर्थन में, विश्वस्तरीय चिकित्सकीय उपकरण भारतीय वायुसेना की सेवा विमानों द्वारा रांची तक एअरलिफ्ट किए गए हैं, ज...

पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत- PM Modi

PM Modi welcomes the consensus reached between the US and Iran to end the conflict in West Asia
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान पैदा हुआ और कई देशों में लोगों की जान भी गई।

प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस समझौते के कार्यान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी और समुद्री मार्गों पर आवाजाही तथा व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सकेगी।

श्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत बाकी बचे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श के माध्यम से एक स्थायी समझौते तक पहुंचने की उम्मीद करता है।

श्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा:

"मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुई सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान पैदा हुआ और कई देशों में लोगों की जान भी गई।

भारत को उम्मीद है कि इस समझौते के कार्यान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने और समुद्री मार्गों पर आवाजाही तथा व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सकेगी।

हम बाकी मुद्दों पर विचार-विमर्श के माध्यम से एक स्थायी अंतिम समझौते तक पहुंचने की उम्मीद करते हैं।"

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