कुछ दिन पहले देश की बड़ी स्टील कंपनियों में शामिल टाटा स्टील ने अपने LGBTQ एंप्लॉयीज को उनके पार्टनर्स की जानकारी देने पर कानून के तहत सभी HR बेनेफिट्स देने की पेशकश की थी। कंपनी ने सभी एंप्लॉयीज के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की पॉलिसी के तहत यह कदम उठाया था।
अब इसी पॉलिसी को प्राइवेट सेक्टर के लेंडर एक्सिस बैंक ने काम करने की जगह में विविधता, इक्विटी और समावेश को बढावा देने के मकसद से LGBTQIA समुदाय के ग्राहकों और कर्मचारियों के लिए स्पेशल पॉलिसी और नियमों के एक चार्टर का ऐलान किया है।
बैंक का कहना है कि इन नए नियमों के साथ LGBTQIA+ समुदाय के ग्राहक अपने पार्टनर को अपने बैंक अकाउंट में नॉमिनी बना सकते हैं।
ComeAsYouAre चार्टर :- ग्राहक अपने समलैंगिक पार्टनर के साथ जॉइंट सेविंग और टर्म डिपॉजिट अकाउंट भी खोल सकेंगे। एक्सिस बैंक ने LGBTQIA+ समुदाय के कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए नीतियों और प्रथाओं की चर्चा करते हुए ComeAsYouAre चार्टर का ऐलान किया है।
मेडिक्लेम का लाभ :- बैंक के कर्मचारी अपने किसी भी जेंडर या मैरिटल स्टेटस वाले लोग अपने पार्टनर को मेडिक्लेम लाभ के लिए जोड़ सकते हैं। वहीं बैंक के कर्मचारी अपने जेंडर या फिर जेंडर एक्सप्रेशन के हिसाब से कपड़े भी पहन सकते हैं।
एक्सिस बैंक ने अपने दिल से ओपन फिलॉसिफी के तहत #ComeAsYouAre की घोषणा की, जो कि बैंक के LGBTQIA+ समुदाय के कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए पॉलिसीज का एक चार्टर है।
देश का पहला बैंक :- इन नियमों के साथ एक्सिस बैंक भारत का पहला बैंक है, जिसने LGBTQIA+ समुदाय के कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं।
एक्सिस बैंक ने कहा :- देश के तीसरे सबसे बड़े निजी बैंक ने कहा कि किसी भी कर्मचारी या ग्राहकों की जेंडर प्राथमिकता उनके जन्म के समय मिले जेंडर से अलग हो सकती है। बैंक 20 सितंबर, 2021 से अपने ग्राहकों के लिए ये नियम लेकर आ रहा है, जिसके लिए कस्टमर्स अपने टाइटल में Mx जोड़ सकते हैं।

Comments
Post a Comment