रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) ने छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (पीआईएल) अधिसूचित की है, जिसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुएं शामिल हैं। इनका अनुमानित व्यापार मूल्य 3,070 करोड़ रुपये है। इस सूची में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और कच्चा माल शामिल हैं। इनमें भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की 16 वस्तुएं और सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) की 389 वस्तुएं शामिल हैं। ये वस्तुएं रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करती हैं, जिनमें शामिल हैं: एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, एसयू-30एमकेआई, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और एएल-31एफपी इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म। टी-72, टी-90 और बीएमपी-II सहित बख्तरबंद प्लेटफॉर्म युद्धपोतों कोंकर्स-एम, इन्वार और एमआरएसएएम जैसी मिसाइल प्रणालियां रडार, सोनार, अग्नि नियंत्रण प्रणाली और उपग्रह संचार प्रणाली सहित रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स उच्च विस्फोटक टैंक-रोधी गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण (405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची) 40...
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पंजशीर कब्जे के दावे पर बयान जारी करते हुए कहा है कि " अफ़ग़ानिस्तान को आखिरकार युद्ध से मुक्ति मिल गयी है अब अफ़ग़ानिस्तान पर पूरा कण्ट्रोल हमारा है | हमने पंजशीर के दुश्मनो को मार गिराया है और हमारे लोगों के द्वारा अब पंजशीर के लोगों के साथ कोई भेद-भाव नहीं किया जायेगा |"
तालिबान ने सरकार गठन के लिए पाकिस्तान, ईरान, टर्की, चीन, रूस और कतर सहित कई देशो को न्योता भेजा है | तालिबान ने पंजशीर सहित अब पूरे अफ़ग़ानिस्तान पर अपना कब्ज़ा कर लिया है और अब वह अपने सरकार गठन के लिए जोरो-सोरों से तैयारी कर रहा है |
जिन देशों को तालिबान ने सरकार गठन के लिए न्योता भेजा है उसमे चीन और पाकिस्तान का नाम होना कोई परेशान करने वाली बात नहीं है, क्योंकि तालिबान ने जिस तेजी के साथ अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा किया है उससे तो जग जाहिर है की इन दो देशो ने तालिबान की खूब मदद की है |
पंजशीर में जो हेलीकॉप्टर से हमले हुए हैं उसे सब पाकिस्तान का हेलीकॉप्टर बता रहे हैं और तालिबान के लड़कों के पास जो हथियार हैं उसे चीन ने दिया है इसकी भी आशंका जताई जा रही है |

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