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आत्मनिर्भर भारत : रक्षा उत्पादन विभाग ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की

रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) ने छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (पीआईएल) अधिसूचित की है, जिसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुएं शामिल हैं। इनका अनुमानित व्यापार मूल्य 3,070 करोड़ रुपये है।  इस सूची में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और कच्चा माल शामिल हैं। इनमें भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की 16 वस्तुएं और सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) की 389 वस्तुएं शामिल हैं। ये वस्तुएं रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करती हैं, जिनमें शामिल हैं: एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, एसयू-30एमकेआई, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और एएल-31एफपी इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म। टी-72, टी-90 और बीएमपी-II सहित बख्तरबंद प्लेटफॉर्म युद्धपोतों कोंकर्स-एम, इन्वार और एमआरएसएएम जैसी मिसाइल प्रणालियां रडार, सोनार, अग्नि नियंत्रण प्रणाली और उपग्रह संचार प्रणाली सहित रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स उच्च विस्फोटक टैंक-रोधी गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण (405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची) 40...

Aishwarya Rai को पनामा पेपर्स लीक मामले में ED का समन

ED summons Aishwarya Rai in Panama Papers leak case
पनामा पेपर्स लीक मामले में ऐश्वर्या राय बच्चन को प्रवर्तन निदेशलय (ED) के सामने पेश होने के लिए समन भेजा गया है, ऐश्वर्या इससे पहले दो मौकों पर पेशी के लिए समय मांग चुकीहैं। पनामा पेपर्स मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल के समक्ष स्थगन की याचिका दायर की गई थी।

इससे पहलेED ने ऐश्वर्या के पति और फिल्म अभिनेता अभिषेक बच्चन से भी पूछताछ की थी, रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में जल्द ही अमिताभ बच्चन से भी पूछताछ हो सकती है।

पनामा पेपर्स मामले में ED की पूछताछ से अमिताभ बच्चन परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय से दिल्ली में पूछताछ की जा सकती है। 

पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने का दावा किया गया था, इनमें देश के कई नेता, अभिनेता, बिजनेसमैन सहित कई चर्चित लोग शामिल हैं।

पनामा पेपर्स  कांड तीन अप्रैल, 2016  को शुरू हुआ जब कंपनी की डिजिटल आर्काईव्स से करीब 1.15 करोड़ फाइलें लीक हो गयीं। इस पेपर्स लीक कांड ने दो देशों के शासनाध्यक्षों को पद से हटने पर मजूबर कर दिया जबकि अन्य कई बड़ी हस्तियों की साख खराब कर दी। लीक हुई फाइलें जर्मनी के अखबार' एसजेड  को मिली थीं, जिसने बाद में उन्हें इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट को सौंप दिया था।

पाकिस्तान की अदलात ने घोषित किया था अयोग्य :- इस लीक कांड के कारण आइसलैंड के प्रधानमंत्री सिग्मुंदुर डेविड गुनलॉगसन को इस्तीफा देना पड़ा था जबकि पाकिस्तान की अदालत ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को शीर्ष राजनीतिक पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। 

इस लीक कांड में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन,  फुटबॉल स्टर लिओनल मेस्सी, अर्जेनटिना के राष्ट्रपति मौरिसिओ मासरी आदि का नाम भी आया है। 

इस मामले को लेकर 79 देशों में कम से कम150 जांचें चल रही हैं।

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