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बायोकॉन कंपनी को मिला नया उत्तराधिकारी

बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन की फाउंडर और चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कंपनी के लिए उत्तराधिकार योजना यानी सक्सेशन प्लान का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपनी भांजी क्लेयर मजूमदार को उत्तराधिकारी चुना है। फॉर्च्यून इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 37 साल की क्लेयर कंपनी के विकास के अगले फेज का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। किरण मजूमदार शॉ ने चार दशक पहले बायोकॉन की नींव रखी थी। उनकी अपनी कोई संतान नहीं है, इसलिए वे कंपनी को सुरक्षित हाथों में सौंपना चाहती थीं। उन्होंने बताया कि क्लेयर ने खुद को साबित किया है कि वे एक कंपनी चला सकती हैं। क्लेयर मजूमदार फिलहाल 'बिकारा थेरेप्यूटिक्स' की फाउंडर और CEO हैं। यह कंपनी बायोकॉन द्वारा ही इंक्यूबेट की गई थी और 2024 में नैस्डैक पर लिस्ट हुई है। बिकारा का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.6 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। क्लेयर के पास एमआईटी (MIT) और स्टैनफोर्ड जैसी यूनिवर्सिटी की डिग्री है और उन्होंने कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी की है। फैमिली इकोसिस्टम का सपोर्ट, एआई और ऑन्कोलॉजी एक्सपर्ट्स की टीम :- भविष्य की चुनौतियों से निपट...

ISMC का भारत में Semiconductor फैसिलिटी लगाने का काम रुका

ISMC's work on setting up semiconductor facility in India stalled
भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक बड़े प्लेयर के रूप में स्थापित करने के केंद्र सरकार के प्रयासों को एक और बड़ा झटका लगा है |

चिप कंसोर्टियम ISMC द्वारा भारत में तीन अरब डॉलर की सेमीकंडक्टर फैसिलिटी लगाने की योजना पर काम फिलहाल रूक गया है, क्योंकि Intel द्वारा इस कंपनी के अधिग्रहण की वजह से कंपनी के प्लान को लागू करने का काम रूक गया है, इससे चिप मैन्यूफैक्चरिंग से जुड़ी भारत की योजनाओं को बड़ा झटका लगा है |

भारत में चिप बनाने की Vedanta और ताइवान के फॉक्सकॉन की कोशिश भी काफी धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है, इसकी वजह ये है कि उन्हें यूरोपीय चिपमेकर STMicroelectronics को पार्टनर के रूप में जोड़ने में अब तक सफलता नहीं मिल सकी है और इस राह में भी कई रोड़े सामने आ रहे हैं |

इन कंपनियों की योजनाओं का आगे नहीं बढ़ पाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के लिए बड़ा झटका है, इसकी वजह ये है कि केंद्र सरकार ने चिप मैन्यूफैक्चरिंग को शीर्ष प्राथमिकता में शामिल किया है | सरकार इस प्रोजेक्ट के साथ ग्लोबल कंपनियों को आकर्षित करके भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग के नए युग की शुरुआत की ओर देख रही है |

भारत को उम्मीद है कि 2026 तक देश का सेमीकंडक्टर मार्केट करीब 63 अरब डॉलर का होगा, सरकार ने इसकी अहमियत को समझते हुए 10 अरब डॉलर के प्रोत्साहन स्कीम की घोषणा की थी | पिछले साल उसे इस प्रोत्साहन योजना के लिए तीन आवेदन मिले थे, इनमें वेदांता-फॉक्सकॉन का ज्वाइंट वेंचर, ग्लोबल कंसोर्टियम ISMC शामिल थे, ISMC ने टावर सेमीकंडक्टर को टेक पार्टनर बनाया था, वहीं सिंगापुर स्थित IGSS वेंचर्स ने भी इस योजना के लिए अप्लाई किया था |

वेदांता जेवी की गुजरात में चिप फैक्ट्री लगाने की योजना है., वहीं ISMC और IGSS दोनों ने दो अलग-अलग दक्षिणी राज्यों में तीन-तीन अरब डॉलर की चिप फैक्ट्री लगाने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी |

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