BBC के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को आज ईरान के खिलाफ हमले से जुड़ी ब्रीफिंग दी जाएगी। सेंटकॉम ने ईरान के खिलाफ ‘छोटे लेकिन बहुत ताकतवर हमलों’ की प्लानिंग तैयार की है। इसका मकसद सीधे युद्ध को लंबा खींचना नहीं, बल्कि ईरान पर दबाव बनाना है ताकि वह बातचीत में झुक जाए।
इसी खबर के बाहर आने के बाद तेल की कीमतें बढ़ी हैं। वही तेल की कीमतें बढ़ने को लेकर ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने तंज कसते हुए कहा कि अगला पड़ाव 140 डॉलर होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प को उनके लोग बेकार सलाह दे रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का भी मजाक उड़ाया और कहा कि उनकी सलाह की वजह से तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है।
ईरानी दूतावास ने बताया
भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने बताया कि बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की गई।
दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि बातचीत के दौरान अराघची ने जयशंकर को क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने खास तौर पर यह बताया कि अमेरिका की लगातार गैरकानूनी कार्रवाइयों की वजह से अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही की आजादी पर खतरा पैदा हो रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने ईरान के खिलाफ थोपी गई जंग को खत्म करने के लिए चल रही बातचीत से जुड़े ताजा घटनाक्रम की जानकारी भी साझा की।
बयान में यह भी कहा गया कि फारस की खाड़ी और होर्मुज में पैदा हुई असुरक्षा को अमेरिका और इसराइल की ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों का सीधा नतीजा बताया गया है।
ईरानी दूतावास के मुताबिक, अरागची ने कहा कि इन घटनाओं के कारण वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर जो असर पड़ रहा है, उसके लिए अमेरिका और इसराइल को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

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