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स्वच्छ परिसर, शून्य अपशिष्ट: स्वास्थ्य सेवा के लिए स्मार्ट स्वच्छता

स्वच्छ भारत मिशन अर्बन  2.0  के तहत ,  एक अग्रणी पहल के माध्यम से एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा संस्थान को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के एक आदर्श में परिवर्तित किया जा रहा है ,  क्योंकि यह संस्थान कचरे को लैंडफिल में जाने से रोकने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। सतत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय क्षय रोग एवं श्वसन रोग संस्थान (एनआईटीआरडी) को आधिकारिक तौर पर 'शून्य अपशिष्ट भूमि उपयोग' संस्थान के रूप में मान्यता दी गई है। यह उपलब्धि भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति जागरूक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एनआईटीआरडी को एक मिसाल के तौर पर स्थापित करती है। यह पहल 'व्हाई वेस्ट वेडनेसडे' फाउंडेशन द्वारा अपने प्रमुख कार्यक्रम 'स्वच्छ संकल्प' के माध्यम से कार्यान्वित की गई, जो यह दर्शाता है कि सुनियोजित योजना और सामूहिक प्रयास किस प्रकार सार्थक परिवर्तन ला सकते हैं। 27 एकड़ के विशाल परिसर में फैला राष्ट्रीय क्षय रोग एवं श्वसन रोग संस्थान (एनआईटीआरडी) प्रतिदिन लगभग 1 से 1.2 टन अपशिष्ट उत...

शेखा झील पक्षी अभयारण्य को भारत का 99वां रामसर स्थल घोषित किया

शेखा झील पक्षी अभयारण्य को भारत का 99वां रामसर स्थल घोषित किया
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित शेखा झील पक्षी अभयारण्य को रामसर स्थल घोषित करने की घोषणा की, जिससे भारत में ऐसे अभयारण्यों की कुल संख्या 99 और राज्य में 12 हो गई है।

श्री भूपेंद्र यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी देते हुए लिखा- “उत्तर प्रदेश ने देशभर के इस आंकड़ें को 99 तक ले जाने का श्रेय प्राप्‍त कर लिया है! शेखा झील पक्षी अभयारण्य (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) को रामसर स्थल घोषित करते हुए मुझे बेहद प्रसन्‍नता का अनुभव हो रहा है।” उन्होंने कहा कि इस घोषणा से स्थानीय आजीविका और वैश्विक जैव विविधता के साथ-साथ जल और जलवायु सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा और यह “भारत की 99वीं वर्षगांठ” का प्रतीक है, जो हमें ऐतिहासिक शताब्दी के और निकट ले जाता है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्विकसित करने अभियान के अंतर्गत आर्द्रभूमि और पशुओं, विशेष रूप से पक्षियों के प्राकृतिक आवास के संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को वैश्विक समुदाय से एक बार फिर सराहना मिली है।”

इस स्थल के पारिस्थितिक महत्व का उल्‍लेख करते हुए श्री यादव ने कहा कि शेखा झील मध्य एशियाई फ्लाईवे पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो सर्दियों के मौसम में हंस, पेंटेड स्टॉर्क और विभिन्न प्रकार की बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावास प्रदान करती है। मंत्री महोदय ने लोगों को इस स्थल का भ्रमण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

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