भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 24 से 26 अप्रैल, 2026 तक चंडीगढ़ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित चिंतन शिविर के दौरान भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन पर आदर्श दिशानिर्देशों का अनावरण किया। इन दिशानिर्देशों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता, अवसंरचना और क्षमता, पोषण और खाद्य सुरक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास, कानूनी सहायता और जागरूकता, बाल और लैंगिक संवेदनशीलता, और जवाबदेही एवं निगरानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक ढांचा प्रदान किया गया है। ये दिशानिर्देश विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय पर भी जोर देते हैं ताकि उपरोक्त निर्देशों का सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे देश भर में भिखारियों/आश्रय गृहों में मानवीय और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए इन दिशानिर्देशों को अक्षरशः लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन संबंधी आदर्श दिशा - निर्देशों का अनावरण किया गया
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 24 से 26 अप्रैल, 2026 तक चंडीगढ़ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित चिंतन शिविर के दौरान भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन पर आदर्श दिशानिर्देशों का अनावरण किया।
इन दिशानिर्देशों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता, अवसंरचना और क्षमता, पोषण और खाद्य सुरक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास, कानूनी सहायता और जागरूकता, बाल और लैंगिक संवेदनशीलता, और जवाबदेही एवं निगरानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक ढांचा प्रदान किया गया है। ये दिशानिर्देश विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय पर भी जोर देते हैं ताकि उपरोक्त निर्देशों का सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।
मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे देश भर में भिखारियों/आश्रय गृहों में मानवीय और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए इन दिशानिर्देशों को अक्षरशः लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

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