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जबलपुर क्रूज हादसे पर बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम को हुए क्रूज हादसे के बाद एक्टर सोनू सूद ने सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोनू सूद ने लिखा, ' कुछ समय पहले मैंने बिहार नाव हादसे पर ट्वीट किया था और कहा था कि हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट जरूरी होनी चाहिए। फिर वृंदावन में हादसा हुआ… और अब मध्य प्रदेश में भी, उसी तरह लोगों की जान चली गई। आखिर कब तक? अब समय आ गया है कि इसे सख्ती से लागू किया जाए, कोई भी नाव तब तक न चले, जब तक हर यात्री लाइफ जैकेट न पहने।' एक्टर ने आगे लिखा ही, 'एक सरकारी पोर्टल होना चाहिए, जहां हर यात्रा से पहले टाइम के साथ यह सबूत अपलोड हो कि सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी है। सिर्फ सख्त नियम और जवाबदेही ही लोगों की जान बचा सकते हैं।' गुरुवार शाम पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था :- जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था। इस पर लगभग 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। जिस समय क्रूज डूबा, उस वक...

देशभर में आज करोंडो मोबाइल पर एकसाथ इमरजेंसी मैसेज की टेस्टिंग

देशभर में आज करोंडो मोबाइल पर एकसाथ इमरजेंसी मैसेज की टेस्टिंग
देशभर में शनिवार सुबह 11:45 बजे कई मोबाइल फोन पर एकसाथ सायरन की आवाज सुनाई देने लगी। स्क्रीन पर हिंदी-अंग्रेजी में एक मैसेज था। सायरन बंद हुआ तो मोबाइल पर मैसेज पढ़कर भी सुनाया गया। इससे कई लोग परेशान हुए, तो कई कन्फ्यूज। हालांकि सरकार ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।

यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया।

इमरजेंसी अलर्ट मैसेज मोबाइल पर कैसे आया -

*तीन बार बीप -बीप की आवाज आयी 

*मोबाइल पर मैसेज फ्लैश हुआ 

*यूजर को मैसेज के बाद ऑडियो भी सुनाई दिया 

*मैसेज हिंदी-अंग्रेजी के साथ -साथ क्षेत्रीय भाषा में भी भेजा गया 

*यह एक फ़्लैश मैसेज था, जो मोबाइल के इनबॉक्स में सेव नहीं हुआ 

देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग :- शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है।

सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं: - सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था।

देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम:- इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम 'SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है।

सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा :- NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी।

सरकार ने कहा- अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे जा चुके :- रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं जैसे मौसम में बदलाव और चक्रवात के अलर्ट दिए जा चुके हैं। अब तक 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम का इस्तेमाल हर इमरजेंसी सिचुएशन में लोगों को तुरंत चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है।

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