वेव्स डॉक बाजार का दूसरा संस्करण 19वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) 2026 में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसने वृत्तचित्र फिल्म निर्माताओं को वैश्विक सलाहकारों, निर्माताओं, वितरकों, प्रसारकों और फिल्म उद्योग के पेशेवरों से जोड़ने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में अपनी अहमियत दर्शाई।
तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट पिचिंग, नेटवर्किंग सत्र और फिल्म उद्योग के विशेषज्ञों के साथ संवाद गतिविधियों का आयोजन हुआ। इन सत्रों ने चयनित फिल्म निर्माताओं को अपने प्रोजेक्ट के विकास, पोस्ट-प्रोडक्शन और वितरण में मदद प्राप्त करने के असवर प्रदान किए।
कार्यक्रम के समापन पर, उत्कृष्ट वृत्तचित्र परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
प्रसाद लैब्स के महाप्रबंधक श्री नितिन पिंगले द्वारा प्रस्तुत प्रसाद लैब्स पुरस्कारों के अंतर्गत चयनित परियोजनाओं को पोस्ट-प्रोडक्शन में सहायता प्रदान कर उनकी उत्कृष्टता को सराहा गया।
प्रसाद लैब्स पोस्ट-प्रोडक्शन अवार्ड के तहत, चेन्नई स्थित प्रसाद लैब्स ने 50 घंटे तक मुफ्त 4के डिजिटल इंटरमीडिएट (डीआई) सेवाएं प्रदान कीं, जिससे इन परियोजनाओं को पोस्ट-प्रोडक्शन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग मिला। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में शामिल हैं:
- विजेता: ऑन अ गुड नोट
- निर्देशक: करिश्मा राव
- निर्माता: विश्वेश एस. प्रसाद
- विजेता: इट टेक्स अ विलेज
- निर्देशक: इंद्रजीत मोरे
- संपादक: आकांक्षा कालहे
इसके अतिरिक्त, भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के निदेशक (अकादमिक) श्री सतीश नारायणन ने आईआईसीटी पोस्ट-प्रोडक्शन पुरस्कार प्रदान किए। इन पुरस्कारों ने वृत्तचित्र फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्टता को पहचाना और चयनित परियोजनाओं के पोस्ट-प्रोडक्शन विकास के लिए सहायता प्रदान की।
आईआईसीटी पोस्ट-प्रोडक्शन अवार्ड के अंतर्गत 50 घंटे की 4के डिजिटल इंटरमीडिएट (डीआई) सेवाओं पर 50 प्रतिशत की छूट दी गई। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के नाम इस प्रकार हैं:
- विजेता: एड्यू डेल्ही
- निर्देशक: नंदन सक्सेना और कविता बहल
- विजेता: दो चार दिन
- निर्देशक: सान्या आनंद
- निर्माता: नव्या बजाज
रिबॉर्न इंडिया फिल्म्स डिस्ट्रीब्यूशन अवार्ड, रिबॉर्न इंडिया फिल्म्स के राहुल अग्रवाल और रोहित अग्रवाल ने प्रदान किया। यह पुरस्कार चुनिंदा परियोजनाओं को वितरण अवसरों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करता है। इसमें 10 सिनेमाघरों में रिलीज और 7 लाख रुपए तक की वितरण सहायता शामिल है।
यह पुरस्कार इस फिल्म को मिला: ऑन अ गुड नोट
- निर्देशक: करिश्मा राव
- निर्माता: विश्वेश एस. प्रसाद
पहली बार एनएफडीसी ने वृत्तचित्र और लघु फिल्म परियोजनाओं के लिए 1 लाख रुपए के तीन नकद अनुदान शुरू किए हैं। ये पुरस्कार एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश मगदुम द्वारा प्रदान किए गए।
अनुदान प्राप्त करने वालों में शामिल हैं:
- कुंचोक एंड हिज मेनी मून्स
- निर्देशक एवं संपादक: अशोक मीना
- द गर्ल बिनिथ द सन
- निर्देशक: मधुरिमा मैती
- टुक्रो टुक्रो पृथ्वी
- निर्देशक: अस्मिता पाल
- निर्माता: अरुणिमा चौधरी
समारोह को संबोधित करते हुए श्री प्रकाश मगदुम ने कहा कि वेव्स डॉक बाजार को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इसमें विभिन्न श्रेणियों में 150 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं जो वृत्तचित्र फिल्म निर्माताओं के लिए एक समर्पित मंच की बढ़ती मांग को दर्शाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एनएफडीसी इस तरह की पहलों को मजबूत करना जारी रखेगा और गैर-कथा सिनेमा में उभरती प्रतिभाओं को सहायता प्रदान करता करेगा।
इस मंच पर वृत्तचित्र जगत की ओर से व्यापक भागीदारी देखने को मिली। इसमें 19 देशों से 35 भाषाओं में 155 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। इनमें से 12 परियोजनाओं को प्रस्तुति और विपणन गतिविधियों के लिए चुना गया। 100 से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें आयोजित की गईं जिससे सह-निर्माण, वित्तपोषण और वितरण साझेदारी के अवसर सृजित हुए।
वेव्स डॉक बाज़ार के दूसरे संस्करण का समापन सार्थक वृत्तचित्र कहानी का समर्थन करने और उभरती परियोजनाओं को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

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