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बेंगलुरु में राइज़ कॉन्क्लेव 2026 अनुसंधान जगत, उद्योग, स्टार्ट-अप्स और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाएगा

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर ) अपनी सहयोगी प्रयोगशालाओं सीएसआईआर - राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं ( सीएसआईआर - एनएएल ) , सीएसआईआर - केन्‍द्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर - सीएफटीआरआई ) और सीएसआईआर - फोर्थ पैराडाइम इंस्टीट्यूट (सीएसआईआर -4 पीआई ) के माध्यम से 13–14 जून 2026 को वीएम घाटगे कन्वेंशन सेंटर , एचएएल एयरपोर्ट रोड , बेंगलुरु में रिसर्च , इंडस्ट्री , स्टार्ट-अप एंड एंटरप्रेन्योरशिप (राइज ) कॉन्क्लेव 2026 आयोजित करेगी। " विकसित भारत 2047 के लिए इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप से प्रेरित विकास " विषय पर आधारित यह कॉन्क्लेव , इनोवेशन-आधारित विकास और टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइज़ेशन को तेज़ी देने के लिए रिसर्च संस्थानों , इंडस्ट्री लीडर्स , स्टार्ट-अप्स , एकेडेमिया , इन्वेस्टर्स और पॉलिसी मेकर्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मंच के तौर पर काम करेगा। दो दिन तक चलने वाले इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन केन्‍द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह करेंगे। इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी , वैज्ञानिक लीडर्स , उद्यो...

सीबीडीटी ने "नए आयकर अधिनियम, 2025 की समझ: अंतर्राष्ट्रीय कर और हस्तांतरण मूल्य निर्धारण पहलू" विषय पर जागरूकता वेबिनार का आयोजन

CBDT organized an awareness webinar on the topic "Understanding the New Income Tax Act, 2025: International Tax and Transfer Pricing Aspects
आयकर विभाग और पीडब्ल्यूसी इंडिया ने 9 जून, 2026 को नए आयकर अधिनियम 2025 और नए आयकर नियम, 2026 में परिवर्तन पर "नए आयकर अधिनियम, 2025 की समझ - अंतर्राष्ट्रीय कर और हस्तांतरण मूल्य निर्धारण पहलू" विषय पर वेबिनार का आयोजन किया।

इस वेबिनार में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, चीन, सिंगापुर, साइप्रस, जापान, मॉरीशस, कतर, यूएई आदि सहित 16 देशों के 1,100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस वेबिनार ने  भारत में विकसित हो रहे कराधान ढांचे पर आपसी संवाद और ज्ञान साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।

आयकर विभाग की ओर से प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान) सुश्री मोनिका भाटिया, मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान) श्री रमन चोपड़ा और आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान)-2, नई दिल्ली की डॉ. अंजुला जैन उपस्थित थीं, जबकि पीडब्ल्यूसी इंडिया की ओर से वरिष्ठ साझेदार उपस्थित थे।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, सुश्री मोनिका भाटिया ने विभाग और हितधारकों के सामूहिक प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिनके कारण नए आयकर अधिनियम, 2025 में सुचारू रूप से परिवर्तन सुनिश्चित हुआ। उन्होंने सीमा पार हस्तांतरण मूल्य निर्धारण तंत्र, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक कराधान प्रणाली में भारत की बढ़ती भूमिका के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों की सफलता और प्रासंगिकता के बारे में बात की और करदाताओं के लिए अनुपालन में निश्चितता और सुगमता सुनिश्चित करने में सुरक्षित आश्रय प्रावधानों के महत्व पर जोर दिया।

आयकर अधिनियम, 1961 और आयकर अधिनियम, 2025 के प्रमुख परिवर्तनों, संरचनात्मक सुधारों और तुलनात्मक पहलुओं पर भी एक प्रस्तुति दी गई , जिसमें नए नियम, प्रपत्र और प्रक्रियात्मक अद्यतन शामिल थे। संवादात्मक सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने कई प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया। विभिन्न प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और विभाग के साथ इस तरह के और अधिक संवादों की अपेक्षा व्यक्त की।

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