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रक्षा खरीद, आईडेक्स, टीपीसीआर और परीक्षण प्रक्रियाओं पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए कार्यशाला आयोजित की जाएगी

रक्षा खरीद, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडेक्स) , प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य क्षमता रोडमैप (टीपीआरसी) और एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप्स के लिए परीक्षण प्रक्रियाओं पर 11 और 12 जून , 2026 को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का आयोजन स्वदेशीकरण निदेशालय , एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) एवं स्टार्ट-अप्स जागरूकता बढ़ाना और रक्षा इकोसिस्टम में उनकी अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन उद्योग प्रतिनिधियों को रक्षा खरीद प्रक्रियाओं , स्वदेशीकरण पहलों , आईडेक्स ढांचे , परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रियाओं तथा टीपीसीआर के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक संवादात्मक मंच प्रदान करेगा। मुख्यालय आईडीएस , सेवा मुख्यालय , डीजीक्यूए , आईडेक्स - डीआईओ और अन्य हितधारक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों के दौरान प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे। उद्घाटन सत्र को एकीकृत रक्षा स्...

ओमान के पास एक व्यापारिक पोत पर हुए हमले के बाद 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया

ओमान के पास एक व्यापारिक पोत पर हुए हमले के बाद 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया
भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) मुंबई को 8 जून, 2026 को लगभग 14:20 बजे ओमान के मसिराह तट के पास लंगर डाले हुए पलाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी मारिवेक्स पर मिसाइल हमले की सूचना मिली। इस टैंकर में 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। 

इसके बाद समुद्री बचाव समन्वय केंद्र ने ओमान समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र (ओएमएससी) से संपर्क स्थापित किया और स्थिति पर नजर रखने और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखा। 

लगभग 17:00 बजे, ओमान समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र ओमान ने पुष्टि की कि ओमान नौसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नही हुआ। जहाज अभी भी ओमान के मसिराह तट के पास लंगर डाले हुए है।

इस सफल बचाव अभियान से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग की प्रभावशीलता और क्षेत्र में समुद्री बचाव अधिकारियों के बीच मजबूत समन्वय तंत्र का पता चलता है। यह भारतीय तटरक्षक बल की भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री आपात स्थितियों के दौरान समय पर सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।

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