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प्रधानमंत्री की मेक इन इंडिया योजना के तहत एआई डेटा सेंटर एक प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहे हैं: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बुधवार , 17 जून, 2026 को पुणे के रंजंगांव में जैबिल इंक की उच्च तकनीक वाले उन्नत विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे , जिनमें वरिष्ठ नेता श्री दिलीप वलसे पाटिल , युवा नेता श्री ज्ञानेश्वर कटके , श्री एंडी प्रीस्टली ( जैबिल सर्किट्स के कार्यकारी उपाध्यक्ष और सीओओ) , महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जावान अधिकारियों के साथ-साथ पूरी जैबिल टीम शामिल थी। इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक प्रगति का एक शक्तिशाली माध्यम बन गई है। उन्होंने देश के भीतर इसके बुनियादी ढांचे को स्थापित करने की रणनीतिक आवश्यकता पर बल दिया।  उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आज विश्व भर में एआई डेटा सेंटर एक बहुत बड़ा विकास इंजन बन गए हैं , इसलिए प्रधानमंत्री की ' मेक इन इंडिया ' योजना के तहत यह सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है कि इन डेटा सेंटरों को ...

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिवानी में आयोजित 'खादी रोजगार उत्सव' में कारीगरों को 3,645 मशीनें और टूलकिट वितरित किए

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिवानी में आयोजित 'खादी रोजगार उत्सव' में कारीगरों को 3,645 मशीनें और टूलकिट वितरित किए
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत 2047', 'आत्मनिर्भर भारत', 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के विजन को साकार करने के लिए, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने बुधवार को एक भव्य 'खादी रोजगार उत्सव' का आयोजन किया। यह कार्यक्रम हरियाणा के भिवानी जिले में स्थित सिवानी (तोशम रोड, खेड़ा गांव) के न्यू ग्रेन मार्केट कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया गया। 

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जबकि केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम में संसद सदस्यों, विधानसभा सदस्यों, जन प्रतिनिधियों और केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर, ग्राम उद्योग विकास योजना (जीवीवाई) के अंतर्गत हरियाणा और देश भर के 972 कारीगरों को 3,645 आधुनिक मशीनें और टूलकिट वितरित किए गए। इनमें हरियाणा के 700 मधुमक्खी पालकों के लिए छत्ते और मधुमक्खी कॉलोनी, बिजली से चलने वाले मिट्टी के बर्तन बनाने के 220 चाक, 100 सिलाई मशीनें, लकड़ी के 80 औजार, जूते बनाने के 59 औजार, 128 पारंपरिक चरखे और  पत्ती-प्लेट बनाने की 8 मशीनें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों - नई दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और त्रिपुरा - में 2,350 मधुमक्खी के डब्बे और छत्ते ऑनलाइन वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत देश भर में 22,259 नई परियोजनाओं के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी ऑनलाइन वितरित की गई। बैंकों ने इन परियोजनाओं के लिए लगभग 1,485 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं, जिनसे 244,849 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

 हरियाणा में ही इस सहायता से 253 परियोजनाओं को लाभ मिलेगा; इनके लिए लगभग 7.50 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी और 23.19 करोड़ रुपये के बैंक ऋण स्वीकृत किए गए हैं। अनुमान है कि इन परियोजनाओं से राज्य में 2,783 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही खादी करोड़ों भारतीयों के श्रम, गरिमा और आत्मसम्मान का प्रतीक रही है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान खादी स्वदेशी आत्मनिर्भरता का प्रतीक थी; बिना किसी हथियार के इसने ब्रिटिश शासन की आर्थिक नींव को हिलाकर रख दिया था। अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हमें "देश के लिए खादी, फैशन के लिए खादी और परिवर्तन के लिए खादी" का मंत्र दिया है। सिवानी में आज का यह कार्यक्रम इस विजन को वास्तविकता में बदलने का एक सशक्त माध्यम है।

खादी रोजगार उत्सव में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के विभिन्न जिलों के लाभार्थियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उन्हें मशीनरी एवं औजार वितरित किए। मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिले की नेहा, अंजली और रितु, साथ ही रोहतक के सुदेश और पिंकी को जूते बनाने की मशीनें वितरित कीं। इसी प्रकार, रोहतक की साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति और नीलम को सिलाई मशीनें वितरित की गईं, जबकि भिवानी जिले के झुम्पा की राजेश देवी, उषा रानी, ​​चकली देवी और प्रमिला को चरखे दिए गए। फतेहाबाद के कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार और कुलवंत और कुरुक्षेत्र के मुनीश को शहद उत्पादन के उपकरण भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में 96 सक्रिय खादी और ग्रामोद्योग संस्थानों के माध्यम से लगभग 58,796 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है। इसी प्रकार, राज्य में ग्राम उद्योग विकास योजना के तहत 1.27 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। अब तक इस योजना के तहत 5,533 मशीनें और टूलकिट वितरित किए जा चुके हैं। यह दर्शाता है कि हरियाणा तेजी से आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले 12 वर्षों में हरियाणा में 18,683 नई इकाइयां स्थापित की गई हैं। इसके लिए लगभग 638 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई, जिसके परिणामस्वरूप 1.50 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित हुए। यह उपलब्धि हरियाणा के मेहनती युवाओं और उद्यमियों की सफलता की कहानी बयां करती है।

श्री सैनी ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि खादी क्षेत्र से जुड़े 80 प्रतिशत कारीगर हमारी माताएं और बहनें हैं। यह परिवर्तन महिला सशक्तिकरण में एक नई क्रांति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आत्मनिर्भर हो जाती है, तो पूरा परिवार, समाज और राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। हमारी सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दे रही है। हम एक व्यापक प्रणाली स्थापित कर रहे हैं ताकि इन समूहों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पाद स्थानीय दुकानों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म दोनों के माध्यम से देश और विदेश के बाजारों तक पहुंच सकें।

केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा कि अपने गृह जिले भिवानी में आयोजित 'खादी रोजगार उत्सव' में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में खादी एवं ग्राम उद्योग क्षेत्र ने अभूतपूर्व विकास हुआ है। आज खादी मात्र एक कपड़ा नहीं, बल्कि स्वरोजगार, आत्मसम्मान और स्वदेशी भावना का प्रतीक बन गई है। उन्होंने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं; कुल उत्पादन लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और कारोबार रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने देशभर में 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान किया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय देशभर के लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और खादी संस्थानों के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग सेक्टर ने अब 2.51 लाख करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी कारोबार लक्ष्य निर्धारित किया है।

श्री गोयल ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम मात्र मशीनों और औजारों के वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत और समृद्ध गांवों के निर्माण का एक सशक्त अभियान है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मशीनरी और वित्तीय सहायता से लाभान्वित होने वाले कारीगर और उद्यमी न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगे। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत के निर्माण में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका की परिकल्पना करते हैं और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) इस लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जहां पूज्य बापू ने खादी के माध्यम से स्वराज का संदेश दिया, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खादी को आत्मनिर्भर भारत की नींव के रूप में स्थापित किया है।

केवीआईसी के अध्यक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 12 वर्षों में, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत देश भर में 10.84 लाख से अधिक नई इकाइयां स्थापित की गई हैं। इसके लिए भारत सरकार ने 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार मिला है।

हरियाणा में अर्जित की गई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने बताया कि अंबाला स्थित राज्य कार्यालय के अधीन 96 सक्रिय खादी संस्थानों के माध्यम से 58,796 कारीगरों को रोजगार मिला है। पीएमईजीपी के तहत पिछले 12 वर्षों में राज्य में 18,683 नई इकाइयां स्थापित करने के लिए लगभग 638 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की गई, जिससे 1,50,600 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत अब तक राज्य में 5,533 मशीनें और टूलकिट वितरित किए गए हैं, जिससे 1,27,010 लोगों को रोजगार मिला है।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खादी कारीगर, लाभार्थी, स्थानीय निवासी और हरियाणा के जिलों-भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, यमुनानगर, झज्जर, करनाल, रोहतक, सोनीपत, नूंह, गुरुग्राम, कुरूक्षेत्र, जींद और कैथल - के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।


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