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रक्षा खरीद, आईडेक्स, टीपीसीआर और परीक्षण प्रक्रियाओं पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए कार्यशाला आयोजित की जाएगी

रक्षा खरीद, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडेक्स) , प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य क्षमता रोडमैप (टीपीआरसी) और एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप्स के लिए परीक्षण प्रक्रियाओं पर 11 और 12 जून , 2026 को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का आयोजन स्वदेशीकरण निदेशालय , एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) एवं स्टार्ट-अप्स जागरूकता बढ़ाना और रक्षा इकोसिस्टम में उनकी अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन उद्योग प्रतिनिधियों को रक्षा खरीद प्रक्रियाओं , स्वदेशीकरण पहलों , आईडेक्स ढांचे , परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रियाओं तथा टीपीसीआर के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक संवादात्मक मंच प्रदान करेगा। मुख्यालय आईडीएस , सेवा मुख्यालय , डीजीक्यूए , आईडेक्स - डीआईओ और अन्य हितधारक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों के दौरान प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे। उद्घाटन सत्र को एकीकृत रक्षा स्...

सरकार ने वस्त्र उद्योग पीएलआई स्कीम के तीसरे चरण के तहत 96 कंपनियों को मंजूरी दी

सरकार ने वस्त्र उद्योग पीएलआई स्कीम के तीसरे चरण के तहत 96 कंपनियों को मंजूरी दी
सरकार ने वस्त्रों के लिए उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के तीसरे चरण के तहत 22 नए आवेदकों को मंजूरी दी है। उम्मीद है कि ये नई स्वीकृत कंपनियां कुल 2,339.14 करोड़ रुपए का निवेश लाएंगी, अधिसूचित उत्पादों में 15,561.34 करोड़ रुपए का अनुमानित कारोबार करेंगी और वस्त्र मूल्य श्रृंखला में 36,217 रोजगार के अवसर सृजित करेंगी। 

योजना के तीसरे चरण के तहत कुल 96 कंपनियों का चयन किया गया है, जिन्होंने 12,822.67 करोड़ रुपए के कुल निवेश और 58,294.18 करोड़ रुपए के अनुमानित कारोबार की प्रतिबद्धता जताई है।

स्वीकृत आवेदकों में पीएलआई योजना के मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) परिधान, एमएमएफ फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्र शामिल हैं, जिससे मूल्यवर्धित वस्त्र विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।

पीएलआई स्कीम के तहत इन कंपनियों को शामिल करना, वस्त्र क्षेत्र के उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों के प्रति उद्योग जगत की निरंतर सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। प्रस्तावित निवेश और उत्पादन क्षमताओं से आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप एक मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वस्त्र इकोसिस्टम के विकास में सहायता मिलने की उम्मीद है।

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