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53 गर्भवती महिलाओं की मृत्यु से जुड़े मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारत (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच एक वर्ष में प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर अवधि में 53 गर्भवती महिलाओं की मृत्यु से संबंधित एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है।  इन मृत्‍यु का मुख्य कारण जागरूकता और चिकित्सा सुविधाओं का अभाव था।  खबरों के अनुसार, राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित सामुदायिक मातृ स्वास्थ्य लीग की रैंकिंग में सीधी जिला लगातार सबसे निचले तीन जिलों में शामिल रहा है। आयोग ने पाया है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सत्‍य है तो इससे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा बनता है। अतः आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 29 मई, 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 53 मातृ मृत्यु में मृतकों की औसत आयु 26 वर्ष बताई गई है, जिनमें से अधिकांश पहली या दूसरी बार मां बनने वाली महिलाएं थीं। समाचार रिपोर्ट में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में चिकित्‍सकों और तकनीकी विशेषज्ञों सह...

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा में विद्युत क्षेत्र से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा में विद्युत क्षेत्र से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की
केंद्रीय विद्युत एवं आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने कल चंडीगढ़ में हरियाणा के विद्युत क्षेत्र से संबंधित मामलों की समीक्षा की।

इस बैठक में हरियाणा सरकार के विद्युत मंत्री श्री अनिल विज के साथ-साथ राज्य सरकार, भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय और विद्युत क्षेत्र की सीपीएसई कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक की शुरुआत श्री मनोहर लाल द्वारा राज्य विद्युत विभाग और राज्य विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा किए जा सकने वाले प्रमुख कार्यों और विस्तृत कार्य योजना पर चर्चा के साथ हुई। पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) और वितरण उपक्रमों के परिचालन और वित्तीय मापदंडों से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई।

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि बिजली एक आर्थिक वस्तु है और बिजली कंपनियों का संचालन सुदृढ़ व्यावसायिक सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए, जिसमें बिजली खरीद की लागत को कम करने, खर्चों को युक्तिसंगत बनाने और राजस्व बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि यद्यपि बिजली आपूर्ति और संचालन (एटी एंड सी) के घाटे में पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुधार हुआ है, फिर भी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रदर्शन में और सुधार हो।

उन्होंने स्वचालित भुगतान तंत्र के माध्यम से सरकारी विभागों के बकाया और सब्सिडी के समय पर निपटान की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों के शीघ्र आवंटन की सलाह दी। राज्य ने 31 अगस्त से स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इसकी शुरुआत सरकारी उपभोक्ताओं और कर्मचारियों से होनी चाहिए, उसके बाद 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उच्च श्रेणी के उपभोक्ताओं तक और इसके स्वैच्छिक रूपांतरण के लिए उपयुक्त प्रोत्साहन तंत्र होना चाहिए।

श्री मनोहर लाल ने राज्य को समयबद्ध तरीके से सभी हानि निवारण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की सलाह दी। उन्होंने संसाधन पर्याप्तता और अंतर-राज्यीय पारेषण नियोजन की स्थिति की भी समीक्षा की और राज्य को लंबित मुद्दों  का समाधान निकालने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि क्षमता वृद्धि मांग में वृद्धि के अनुरूप हो।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई और राज्य को इस योजना के तहत उपभोक्ताओं के नामांकन को बढ़ाने के लिए एक लक्षित कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। इससे इन उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करने में सहायता मिलेगी।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य के बिजली वितरण निगमों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और राज्य के विद्युत क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में निष्‍ठा से किए गए प्रयास बहुत सहायक होंगे। उन्होंने राज्य के समग्र विकास के लिए भारत सरकार के निरंतर समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।

हरियाणा सरकार में विद्युत मंत्री श्री अनिल विज ने आश्वासन दिया कि राज्य स्वीकृत कार्यों के कार्यान्वयन और राज्य के विद्युत क्षेत्र के समग्र प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी आवश्यक उपाय अपनाएगा।

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