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फिल्म रिव्यू -‘है जवानी तो इश्क होना है’

डेविड धवन की फिल्मों को देखने जाते वक्त दर्शक लॉजिक नहीं, हंसी ढूंढते हैं। गलतफहमियां, रिश्तों का गड़बड़झाला, भागदौड़ और ढेर सारी अफरा तफरी उनकी फिल्मों की पहचान रही है। है जवानी तो इश्क होना है भी उसी स्कूल की फिल्म है।  यहां कहानी से ज्यादा जोर उन हालातों पर है जो धीरे-धीरे इतने बेतुके हो जाते हैं कि दर्शक या तो हंसता है या फिर सिर पकड़कर बैठ जातें  हैं। फिल्म में मनोरंजन के कुछ अच्छे पल जरूर हैं, लेकिन उन्हें पाने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। फिल्म की कहानी: जस एक खुशमिजाज लेकिन बेहद जोशीला इंसान है। उसकी पत्नी बानी उससे प्यार तो करती है, लेकिन उसकी जरूरतों और सोच के साथ तालमेल नहीं बैठा पाती। जस पिता बनना चाहता है, जबकि बानी उसकी इस जल्दबाजी और लगातार बढ़ते दबाव से परेशान हो चुकी है। बात इतनी बिगड़ जाती है कि वह जस से तलाक लेने का फैसला कर लेती है। टूटे हुए रिश्ते से बाहर निकलने की कोशिश में जस की जिंदगी में प्रीत की एंट्री होती है। दोनों करीब आते हैं और जस को लगता है कि जिंदगी फिर पटरी पर लौट रही है, लेकिन डेविड धवन की फिल्म में चीजें इतनी आसान कहां होती हैं। अस...

श्री हरदीप सिंह पुरी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से बातचीत की

श्री हरदीप सिंह पुरी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से बातचीत की
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिगेज गोमेज से मुलाकात की। इस दौरान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के प्रमुख भी उपस्थित थे। दोनों नेताओं ने भारत व वेनेजुएला के बीच एक स्थायी ऊर्जा साझेदारी के निर्माण के अवसरों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और वेनेजुएला के बीच एक स्वाभाविक साझेदारी है जिसकी जड़ें दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता में निहित हैं। उन्होंने वेनेजुएला में ऊर्जा क्षेत्र के पुनर्निर्माण के प्रति भारत के मजबूत समर्थन को दोहराते हुए कहा कि भारतीय कंपनियां वहां अपनी भागीदारी और उपस्थिति बढ़ाने के लिए तत्पर हैं। भारत की ऊर्जा विविधीकरण रणनीति में वेनेजुएला की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए, उन्होंने वेनेजुएला के साथ ऊर्जा व्यापार को और मजबूत करने की भारत की इच्छा व्यक्त की।

भारत को वेनेजुएला का विश्वसनीय सहयोगी बताते हुए, कार्यवाहक राष्ट्रपति ने भारतीय कंपनियों को वेनेजुएला के तेल और गैस क्षेत्र में सुधार हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में भारत और वेनेजुएला के बीच मौजूद पूरकताओं पर प्रकाश डाला और सहयोग बढ़ाने के अवसरों का पता लगाने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल को वेनेजुएला आने का निमंत्रण भी दिया।

पृष्ठभूमि

विश्व का सबसे बड़ा ज्ञात तेल भंडारों का देश वेनेजुएला, भारत के लिए कच्चे तेल का प्रमुख पारंपरिक आपूर्तिकर्ता है। भारत का उन्नत शोधन उद्योग वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को प्रभावी ढंग से संसाधित करने के लिए विशेष रूप से सक्षम है। भू-राजनीतिक और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण खाड़ी देशों से कच्चे तेल के आयात पर असर पड़ने के कारण, भारत ऊर्जा विविधीकरण के लिए वेनेजुएला के साथ एक रणनीतिक साझेदार के रूप में जुड़ रहा है। अप्रैल और मई 2026 के दौरान वेनेजुएला भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाले शीर्ष देशों में से एक बनकर उभरा है, जो भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है। वेनेजुएला से भारत का औसत मासिक आयात वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 64.027 टन मीट्रिक टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल-मई में 1,047.148 टन मीट्रिक टन हो गया।

भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की वेनेजुएला के अपस्ट्रीम क्षेत्र में 2008 से ही मजबूत उपस्थिति है, जो उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ओरिनोको बेल्ट में स्थित सैन क्रिस्टोबल और पेट्रोकाराबोबो-1 परियोजनाओं में भारत का वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में कुल निवेश लगभग 1 अरब अमेरिकी डॉलर है।

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