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सीसीआई ने होंडा मोटर कंपनी लिमिटेड द्वारा एस्टेमो लिमिटेड में 21 प्रतिशत वोटिंग इंटरेस्ट के अधिग्रहण को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने होंडा मोटर कंपनी लिमिटेड द्वारा एस्टेमो लिमिटेड में 21 प्रतिशत वोटिंग इंटरेस्ट के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संयोजन होंडा मोटर कंपनी लिमिटेड (अधिग्रहणकर्ता) द्वारा हिताची लिमिटेड (विक्रेता) से एस्टेमो लिमिटेड (लक्ष्य) में 21 प्रतिशत वोटिंग इंटरेस्ट के अधिग्रहण से संबंधित है। अधिग्रहणकर्ता कंपनी होंडा गिकेन कोग्यो काबुशिकी काइशा के रूप में जापान के कंपनी अधिनियम के तहत निगमित एक सीमित देयता संयुक्त स्टॉक निगम है। यह होंडा समूह की प्रमुख कंपनी है। भारत में , यह मुख्य रूप से ( i) ऑटोमोबाइल , दोपहिया वाहन और बिजली उत्पादों के निर्माण और बिक्री , (ii) ऑटोमोबाइल और दोपहिया वाहनों के लिए ऑटोमोटिव कल-पुर्जो के निर्माण और बिक्री , और ( iii) अनुसंधान और विकास गतिविधियों में लगी हुई है। लक्षित कंपनी को 2009 में जापान के कानूनों के तहत निगमित किया गया था , 2021 में इसका विलय और एकीकरण हुआ और अब यह अधिग्रहणकर्ता , विक्रेता और जेआईसीसी -01 इन्वेस्टमेंट बिजनेस लिमिटेड पार्टनरशिप द्वारा संयुक्त रूप से नियंत्रित है। भारत में , लक्षित कंपनी मुख्य रूप ...

डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स (डीआईसीवी) भी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए छूट देने वाली सरकार की योजना में शामिल

Daimler India Commercial Vehicles (DICV) has also joined the government's scheme offering incentives for replacing old trucks and buses in Delhi-NCR
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने की सरकार की योजना के तहत, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) और डीआईसीवी, जो भारत बेंज ब्रांड की मालिक है, के बीच आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।         

इस समझौते के तहत, ओईएम इस योजना के तहत खरीदे गए पात्र ट्रकों और बसों की एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत की छूट देगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में, छूट की सीमा उतनी ही होगी जितनी उसी सकल वाहन भार (जीवीडब्‍ल्‍यू) श्रेणी वाले आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहन पर मिलती है।

इस योजना के अंतर्गत भाग लेने वाले वाहन निर्माताओं (ओईएम) की तरफ़ से दी जाने वाली 8 प्रतिशत छूट के अलावा, केन्‍द्र सरकार 5 वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और हर महीने तय ईंधन वाउचर देगी। इस योजना में भाग लेने वाली राज्य सरकारें पात्र लाभार्थियों को 10 वर्ष तक मोटर वाहन कर पर 100 प्रतिशत तक छूट और पंजीकरण शुल्‍क माफ़ करेंगी।

इससे पहले, अशोक लेलैंड, स्विच मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एसएमएल महिंद्रा भी इस योजना को लागू करने के लिए सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर कर चुके हैं। ट्रक एवं बस बाजार में इन कंपनियों की कुल हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत है, जिससे इस योजना के प्रभावी और व्यापक क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध होता है।

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