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भारतीय तटरक्षक बल के लिए मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत के निर्माण का मुंबई में औपचारिक शुभारंभ

भारतीय तटरक्षक बल के लिए मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे अगली पीढ़ी के छह अपतटीय गश्ती पोतों के चौथे पोत के निर्माण का औपचारिक शुभारंभ समारोह आज मुंबई में आयोजित हुआ।  आधुनिक मशीनरी और अत्याधुनिक प्रणालियों से सुसज्जित यह पोत , सरकार की आत्मनिर्भर भारत दृष्टियोजना के अनुरूप , मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन , विकसित और निर्मित किया जा रहा है। समारोह में भारतीय तटरक्षक और मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अगली पीढ़ी के इन छह अपतटीय गश्ती पोतों के निर्माण संबंधी अनुबंध  का काम 20 दिसंबर , 2023 को पूरा हुआ था।  भारतीय तटरक्षक द्वारा अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने और तटीय सुरक्षा मजबूत बनाने के निरंतर प्रयासों की यह उल्लेखनीय पहल है , जो राष्ट्र की रणनीतिक स्वायत्तता सबलता प्रदान करता है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DIAL ने आज एयर सुविधा 2.0 का शुभारंभ किया

The Ministry of Civil Aviation and DIAL launched Air Suvidha 2.0 today
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) ने आज एयर सुविधा 2.0 का शुभारंभ किया, जो एक उन्नत संपर्क रहित यात्री स्वास्थ्य स्व-घोषणा पोर्टल है, जिसका उद्देश्य चल रहे इबोला रोग के प्रकोप के जवाब में प्रवेश बिंदुओं पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करना है।

यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 17 मई, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) 2005 के तहत कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में इबोला/बुंडीबुग्यो वायरस रोग के प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित करने के बाद की गई है। वर्तमान प्रकोप की पुष्टि बुंडीबुग्यो वायरस रोग (बीवीडी) के रूप में की गई है, और डीआरसी और युगांडा की सीमा से लगे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, को संक्रमण के उच्च जोखिम वाले देशों के रूप में मूल्यांकित किया गया है (डब्ल्यूएचओ द्वारा अद्यतन जानकारी के अनुसार)।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के सहयोग से विकसित यह पोर्टल अंतरराष्ट्रीय आगमन करने वाले यात्रियों को आव्रजन मंजूरी से पहले अनिवार्य ऑनलाइन स्वास्थ्य स्व-घोषणा पत्र जमा करने में सक्षम बनाता है, जिसमें 21 दिनों का यात्रा इतिहास, संपर्क इतिहास और संबंधित लक्षण (यदि कोई हो) शामिल हैं। यह पोर्टल हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारी, आव्रजन ब्यूरो, आईडीएसपी और राज्य निगरानी अधिकारियों के साथ वास्तविक समय में डेटा साझा करने में सक्षम बनाता है, जिससे जोखिम वाले यात्रियों की त्वरित पहचान और रेफरल संभव हो पाता है, साथ ही आगमन प्रक्रिया को सहज और संपर्क रहित बनाए रखता है, और लैंडिंग पर कोई भौतिक फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होती है।

एयरसुविधा स्व-घोषणा पत्र (एसडीएफ) भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले भरा जा सकता है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे उड़ान में चढ़ने से पहले या वेब चेक-इन के दौरान फॉर्म भरें ताकि आगमन पर शीघ्र निकासी हो सके। अंतर्राष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य डेस्क या आव्रजन काउंटर पर केवल डाउनलोड किया गया एसडीएफ दिखाना आवश्यक है।

सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्री सुरक्षा और जन स्वास्थ्य के हित में, अपनी स्व-घोषणा को सही-सही और पहले से ही पूरा कर लें।

इस पोर्टल को https://airsuvidha.civilaviation.gov.in/ पर एक्सेस किया जा सकता है।

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