Skip to main content

बेंगलुरु में राइज़ कॉन्क्लेव 2026 अनुसंधान जगत, उद्योग, स्टार्ट-अप्स और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाएगा

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर ) अपनी सहयोगी प्रयोगशालाओं सीएसआईआर - राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं ( सीएसआईआर - एनएएल ) , सीएसआईआर - केन्‍द्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर - सीएफटीआरआई ) और सीएसआईआर - फोर्थ पैराडाइम इंस्टीट्यूट (सीएसआईआर -4 पीआई ) के माध्यम से 13–14 जून 2026 को वीएम घाटगे कन्वेंशन सेंटर , एचएएल एयरपोर्ट रोड , बेंगलुरु में रिसर्च , इंडस्ट्री , स्टार्ट-अप एंड एंटरप्रेन्योरशिप (राइज ) कॉन्क्लेव 2026 आयोजित करेगी। " विकसित भारत 2047 के लिए इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप से प्रेरित विकास " विषय पर आधारित यह कॉन्क्लेव , इनोवेशन-आधारित विकास और टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइज़ेशन को तेज़ी देने के लिए रिसर्च संस्थानों , इंडस्ट्री लीडर्स , स्टार्ट-अप्स , एकेडेमिया , इन्वेस्टर्स और पॉलिसी मेकर्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मंच के तौर पर काम करेगा। दो दिन तक चलने वाले इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन केन्‍द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह करेंगे। इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी , वैज्ञानिक लीडर्स , उद्यो...

टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाओं से जुड़े दूरसंचार नियमों का Draft

Draft of telecommunication regulations related to television, radio, and allied services
दूरसंचार अधिनियम संसद द्वारा 2023 में पारित किया गया था। यह एक ऐतिहासिक कानून है जिसे 1885 के पुरातन टेलीग्राफ अधिनियम के स्थान पर लाया गया है।

दूरसंचार अधिनियम एक व्यापक कानून है जो सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को समाहित करता है। इसका कार्यान्वयन सेवा की प्रकृति के आधार पर विभिन्न विभागों द्वारा किया जाता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाओं से संबंधित प्रावधानों का प्रशासित करता है।

दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो और संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026 का मसौदा पूर्ववर्ती टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 के अंतर्गत टेलीविजन और रेडियो सेवाओं के लिए जारी विभिन्न दिशानिर्देशों को नवगठित दूरसंचार अधिनियम, 2023 के प्रारूप के भीतर समेकित करने के लिए तैयार किया गया है।

निम्नलिखित दिशा-निर्देश नियमों के इस समूह में समाहित हैं:

  • भारत में सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए नीतिगत दिशानिर्देश, दिनांक 9 नवंबर 2022;

बी. भारत में डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) प्रसारण सेवाएं प्रदान करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने हेतु दिशानिर्देश, दिनांक 15 मार्च 2001, समय-समय पर संशोधित;

सी. भारत में हेडएंड-इन-द-स्काई (एचआईटीएस) प्रसारण सेवाएं प्रदान करने के लिए दिशानिर्देश, दिनांक 26 नवंबर 2009;

डी. निजी एजेंसियों के माध्यम से एफएम रेडियो प्रसारण सेवाओं के विस्तार पर नीति दिशानिर्देश (चरण III), दिनांक 25 जुलाई 2011, 10 सितंबर 2024 तक संशोधित;

  • भारत में सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापित करने के लिए संशोधित नीति दिशानिर्देश, दिनांक 13 फरवरी 2024; और

एफ. इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (आईपीटीवी) सेवाओं के प्रावधान के लिए दिशानिर्देश, दिनांक 8 सितंबर 2008।

 

इन नियमों के लागू होने से उद्योग को एक एकीकृत और काफी सरल नियमावली प्राप्त होगी। ये नियम टेलीविजन और रेडियो प्रसारण क्षेत्र में कारोबार में सुगमता को बढ़ावा देते हुए वर्तमान व्यवस्था को सरल और सुसंगत बनाने के लिए तैयार किए गए हैं।

 

अधिसूचित होने के बाद, ये नियम प्रसारण सेवाओं को नियंत्रित करने वाले विभिन्न वर्तमान दिशानिर्देशों का स्थान ले लेंगे। मसौदा नियमों की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  1. निरंतरता के साथ परिवर्तन: सुधारों को सक्षम बनाते हुए निरंतरता को सुगम बनाने के लिए प्राधिकरण के वर्तमान नियमों और शर्तों को सामंजस्यपूर्ण और तर्कसंगत बनाया गया है।
  2. व्यापार करने में आसानी

ए. अनेक दिशा-निर्देशों के स्थान पर एक एकल नियामक प्रारूप

बी. प्राधिकरण प्रक्रिया का डिजिटल कार्यान्वयन

सी. सरलीकृत प्राधिकरण प्रक्रियाएँ

डी. अनुमति प्रदान करने संबंधी समझौते (जीओपीए) पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता को हटाना

  • पारदर्शी न्यायनिर्णय तंत्र का प्रावधान

इन मसौदा नियमों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वेबसाइट ( www.mib.gov.in) पर सार्वजनिक और अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए प्रकाशित किया गया है।

यदि कोई सुझाव, टिप्पणी या इनपुट हो तो उसे अवर सचिव (बीपी एंड एल), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, तृतीय तल, कर्तव्य भवन-II, नई दिल्ली – 110001 को ईमेल द्वारा usbpl-moib[at]gov[dot]in पर 27 जुलाई, 2026 तक भेजा जा सकता है।


Comments