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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जनहित में 16 निश्चित खुराक संयोजनों (एफडीसी) के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया

जनस्वास्थ्य की रक्षा और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत अधिसूचना जारी कर 16 निश्चित खुराक संयोजनों (एफडीसी) के निर्माण, बिक्री और मानव उपयोग के लिए वितरण पर रोक लगा दी है। ये अधिसूचनाएं तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। यह निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद लिया गया है, जिसमें देश में उपलब्ध निश्चित खुराक संयोजनों (फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन) की व्यापक समीक्षा अनिवार्य की गई थी। इन निर्देशों के अनुपालन में, औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (डीटीएबी) ने विभिन्न एफडीसी की जांच करने और उन एफडीसी की पहचान करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जो तर्कहीन हैं, चिकित्सीय औचित्य का अभाव रखते हैं, या मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। वैज्ञानिक मूल्यांकन और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर, सरकार ने 16 ऐसे प्रतिबंधित निश्चित खुराक संयोजन (एफडीसी) के खिलाफ कार्रवाई की है जिनका चिकित्सीय औचित्य नहीं पाया गया और जिनका निरंतर उप...

प्रधानमंत्री मोदी ने G7 शिखर सम्मेलन के मौके पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से मुलाकात की

Prime Minister Modi met the President of the United Arab Emirates on the sidelines of the G7 summit
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। वर्ष 2026 में दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी मुलाकात थी, जो भारत-यूएई की मजबूत और जीवंत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।

दोनों नेताओं ने जनवरी 2026 में राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और मई 2026 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के परिणामस्वरूप प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति तथा सकारात्मक घटनाक्रमों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए संवाद, कूटनीति तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। दोनों पक्षों ने होर्मुज स्ट्रेट से निरंतर निर्बाध, सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार जारी रखने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को इस वर्ष के अंत में भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

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