Skip to main content

NHAI ने दौलतपुरा टोल प्लाजा पर राजस्थान की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया

देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजस्थान में एनएच-48 के दिल्ली-जयपुर खंड पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) आधारित टोलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया है।  एमएलएफएफ प्रणाली न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ बाधा रहित टोलिंग की सुविधा प्रदान करती है, जिससे वाहन बिना रुके टोल चौकियों से गुजर सकते हैं और यातायात का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित होता है। दौलतपुर में इस प्रणाली के शुभारंभ के बाद एनएचएआई अब शाहजहांपुर और मनोहरपुर के टोल प्लाजा को भी एमएलएफएफ प्रणाली में परिवर्तित करने की योजना बना रहा है, जिससे व्यस्त दिल्ली-जयपुर खंड पर यात्रा और अधिक सुगम तथा अवरोध-मुक्त हो जाएगा। यह प्रणाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रौद्यागिकी को फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के साथ एकीकृत करती है, जिससे न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ स्वचालित रूप से उपयोगकर्ता शुल्क का संग्रह किया जा सके। यह पहल भारत सरकार के नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान ...

NHAI ने दौलतपुरा टोल प्लाजा पर राजस्थान की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया

NHAI successfully launched Rajasthan's first multi-lane free-flow tolling system at the Daulatpura toll plaza
देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजस्थान में एनएच-48 के दिल्ली-जयपुर खंड पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) आधारित टोलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया है। 

एमएलएफएफ प्रणाली न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ बाधा रहित टोलिंग की सुविधा प्रदान करती है, जिससे वाहन बिना रुके टोल चौकियों से गुजर सकते हैं और यातायात का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित होता है। दौलतपुर में इस प्रणाली के शुभारंभ के बाद एनएचएआई अब शाहजहांपुर और मनोहरपुर के टोल प्लाजा को भी एमएलएफएफ प्रणाली में परिवर्तित करने की योजना बना रहा है, जिससे व्यस्त दिल्ली-जयपुर खंड पर यात्रा और अधिक सुगम तथा अवरोध-मुक्त हो जाएगा।

यह प्रणाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रौद्यागिकी को फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के साथ एकीकृत करती है, जिससे न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ स्वचालित रूप से उपयोगकर्ता शुल्क का संग्रह किया जा सके। यह पहल भारत सरकार के नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान करने और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर जीवन और व्यापार में सुगमता बढ़ाने के विजन के अनुरूप है।

इससे पहले, एनएचएआई ने गुजरात में एनएच-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित चोरायासी टोल प्लाजा और दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) पर स्थित मुंडका बक्करवाला टोल प्लाजा पर एमएफएलएफ आधारित टोलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया था। एमएफएलएफ प्रणाली का कार्यान्वयन डिजिटल राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाता है। शून्य प्रतीक्षा समय और निर्बाध वाहन आवागमन को सक्षम बनाकर एमएफएलएफ ने यात्रियों को समय बचाने, ईंधन दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ टोल स्थानों पर वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में मदद की है।

एमएलएफएफ प्रणाली का निर्बाध लाभ लेने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को अपने फास्टैग खाते में पर्याप्त शेष राशि बनाए रखना आवश्यक है। यदि फास्टैग में अपर्याप्त शेष राशि हो, फास्टैग अमान्य हो या कार्य नहीं कर रहा हो, तो  उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान न होने स्थिति में संबंधित वाहन मालिक को इलेक्ट्रॉनिक नोटिस (ई-नोटिस) जारी किया जाता है। ऐसे उपयोगकर्ताओं को ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर सामान्य उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना होगा। यदि 72 घंटे के बाद भी भुगतान नहीं किया जाता है तो, संबंधित वाहन श्रेणी के लिए सामान्य शुल्क का दोगुना उपयोगकर्ता शुल्क वसूला जाएगा।

ई-नोटिस निर्धारित पोर्टल https://nhfeenotice.parivahan.gov.in/#/ के माध्यम देखे और भुगतान किए जा सकते है। उपयोगकर्ता ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। ई-नोटिस का भुगतान न करने की स्थिति में फास्टैग को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है तथा वाहन (वीएएचएएन) प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध  अन्य वाहन संबंधी सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। ई-नोटिस प्रणाली का प्रवर्तन संबंधित अधिकारियों द्वारा पहले ही लागू किया जा चुका है।

मल्टी-लेन फ्री फ्लो प्रणाली का कार्यान्वयन से टोल संग्रह व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, कुशल और लागत-प्रभावी बनाएगा। साथ ही, भौतिक टोल प्लाजा स्थापित करने से जुड़ी परिचालन लागत में कमी आएगी तथा देश भर में टोल संचालन की समग्र दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

Comments