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आपातकालीन देखभाल को सशक्त बनाना: सड़क एम्बुलेंस के लिए बेहतर सुरक्षा उपाय

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच ) ने देश भर में सड़क एम्बुलेंस की सुरक्षा , कामकाज और चिकित्सीय सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु ‘ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (एआईएस )- 125’ में बदलाव का प्रस्ताव दिया है।  सड़क एम्बुलेंस आपातकालीन देखभाल में महत्वपूर्ण जीवनरक्षक लिंक हैं ; ये मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उन्नत जीवनरक्षक सहायता (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट) देने में मदद करती हैं। भारत में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है , जिनमें से कई मौतों को समय पर चिकित्सीय सहायता देकर रोका जा सकता है। विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि अगर दुर्घटना के शिकार लोगों को पहले घंटे के अंदर अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए , तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है। मोटर वाहनों के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के सभी पीड़ितों को जरूरी चिकित्सीय उपचार की सुविधा प्रदान करने हेतु “प्रधानमंत्री - सड़क दुर्घटना पीड़ितों की अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार (पीएम - राहत ) योजना” जैसी योजनाएं भले ही शुरू ...

8.1 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 6 लेन की सुरंग के निर्माण को स्वीकृति

Approval granted for the construction of a 6-lane tunnel with a total length of 8.1 kilometers
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने आज एनएच (ओ) योजना के अंतर्गत हाइब्रिड वार्षिकी मोड (एचएम) पर द्वारका एक्सप्रेसवे (एनएच 248 बीबी) को नेल्सन मंडेला मार्ग, वसंत कुंज, दिल्ली से जोड़ने वाले एनएच-148एई के लिए 6 लेन की सड़क सुरंग के निर्माण को स्वीकृति दी है। इस परियोजना की कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर और कुल पूंजी लागत 6969.67 करोड़ रुपये है।

यह परियोजना पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी, जिससे यूईआर 2/द्वारका एक्सप्रेसवे दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज से जुड़ जाएगा। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम, द्वारका, आईजीआई हवाई अड्डे और पश्चिम दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यातायात को भी लाभ मिलेगा। भूमिगत दोहरी सुरंग से सतह पर यातायात व्यवधान कम से कम होगा और दक्षिणी रिज वन (सुरंग का 1.98 किमी भाग रिज के नीचे से गुजरता है) संरक्षित रहेगा। एनएचएआई एम्स और महिपालपुर के बीच एक एलिवेटेड कॉरिडोर का भी प्रस्ताव कर रहा है। यह लिंक सुरंग को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ेगा, जिससे पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से जुड़ जाएंगे।

प्रस्तावित सुरंग रंगपुरी (दक्षिणी दिल्ली) रिज ​​से होकर गुजरती है, जिसे एक ट्विन-ट्यूब सुरंग (टीबीएम के माध्यम से निर्मित की जाएगी) के रूप में डिजाइन किया गया है, यह शिवमूर्ति इंटरचेंज से शुरू होती है और नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर छतरपुर रोड के चौराहे से पहले समाप्त होती है।

इस चौराहे पर भीड़भाड़ कम करने के लिए नेल्सन मंडेला मार्ग के समानांतर एक एलिवेटेड रोड (1.8 किमी) प्रस्तावित है। छतरपुर से महिपालपुर की ओर वर्तमान फ्लाईओवर के समानांतर एक अतिरिक्त फ्लाईओवर भी प्रस्तावित है। छतरपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए दाएं मुड़ने की सुविधा हेतु एक एलिवेटेड यू-टर्न भी प्रस्तावित है।

मुख्य कैरिजवे की लंबाई 6.3 किमी है। महिपालपुर छतरपुर रोड पर प्रस्तावित फ्लाईओवर और एलिवेटेड यू टर्न को ध्यान में रखते हुए, परियोजना की कुल लंबाई 8.100 किमी है, जिसमें 3.140 किमी सुरंग, 0.980 किमी सुरंग अप्रोच रैंप, 0.554 किमी आरई वॉल के साथ अप्रोच, 2.556 किमी एलिवेटेड भाग और 0.870 किमी एट-ग्रेड सड़क शामिल है।

अनुमान है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रत्येक लेन-किलोमीटर के विकास से औसतन 264 व्यक्ति-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और औसतन 55 व्यक्ति-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होता है। अतः इस परियोजना से लगभग 7.54 लाख व्यक्ति-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 9.80 लाख व्यक्ति-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा। प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण परियोजना से अतिरिक्त रोजगार के अवसरों का  भी सृजन होगा। 

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