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खनन मंत्रालय द्वारा क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों के आठवे ट्रांच की नीलामी लॉन्च की जाएगी

कोयला और खनन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, माननीय राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे और खनन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों की 15 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आठवीं ट्रांच की नीलामी लॉन्च करेंगे। आठवीं ट्रांच में देश के नौ राज्यों में फैले 20 क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लॉक शामिल किए गए हैं, जिनमें 13 नए पहचाने गए ब्लॉक और 7 ब्लॉक दूसरे प्रयास के तहत पेश किए गए हैं। क्रिटिकल खनिज पोर्टफोलियो में मोलिब्डेनम, ग्रेफाइट, ग्लॉकोनाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), वैनाडियम, गेलेयुम (Gallium), टाइटेनियम, टंगस्टन, फॉस्फोराइट, पॉटाश, लिथियम, सीज़ियम और रुबिडियम शामिल हैं। ये खनिज क्लीन एनर्जी, उन्नत विनिर्माण, उर्वरक, रक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। सात ट्रांच पूरी होने के साथ, खनन मंत्रालय ने कुल 88 में से 56 क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी कर ली है, जो इसकी 63% से अधिक की सफलता दर दर्शाती है। लगातार नीलामी दौरों में शामिल खनिज उद्योग की मजबूत प्रतिक्रिया सरकार के पारदर्शी, ...

खनन मंत्रालय द्वारा क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों के आठवे ट्रांच की नीलामी लॉन्च की जाएगी

The auction for the eighth tranche of critical and strategic mineral blocks will be launched by the Ministry of Mines
कोयला और खनन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, माननीय राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे और खनन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों की 15 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आठवीं ट्रांच की नीलामी लॉन्च करेंगे।

आठवीं ट्रांच में देश के नौ राज्यों में फैले 20 क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लॉक शामिल किए गए हैं, जिनमें 13 नए पहचाने गए ब्लॉक और 7 ब्लॉक दूसरे प्रयास के तहत पेश किए गए हैं।

क्रिटिकल खनिज पोर्टफोलियो में मोलिब्डेनम, ग्रेफाइट, ग्लॉकोनाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), वैनाडियम, गेलेयुम (Gallium), टाइटेनियम, टंगस्टन, फॉस्फोराइट, पॉटाश, लिथियम, सीज़ियम और रुबिडियम शामिल हैं। ये खनिज क्लीन एनर्जी, उन्नत विनिर्माण, उर्वरक, रक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सात ट्रांच पूरी होने के साथ, खनन मंत्रालय ने कुल 88 में से 56 क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी कर ली है, जो इसकी 63% से अधिक की सफलता दर दर्शाती है।

लगातार नीलामी दौरों में शामिल खनिज उद्योग की मजबूत प्रतिक्रिया सरकार के पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और बाजार-आधारित नीलामी फ्रेमवर्क में बढ़ते निवेशक विश्वास को दर्शाती है। साथ साथ आर्थिक विकास, तकनीकी उन्नति और क्लीन एनर्जी संक्रमण के लिए आवश्यक क्रिटिकल खनिज संसाधनों को सुरक्षित करने के भारत के प्रयासों को भी सुदृढ़ करती है।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में खनिज क्षेत्र ने तब एक ऐतिहासिक माइलस्टोन हासिल किया, जब 212 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी हुई — जो नीलामी प्रणाली के आरम्भ के बाद किसी भी वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक नीलामी है। इसमें 22 क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक शामिल थे, जो सरकार की उन प्रतिबद्धताओं की पुष्टि करते हैं जिनका लक्ष्य आर्थिक वृद्धि, तकनीकी उन्नयन और क्लीन एनर्जी संक्रमण के लिए आवश्यक क्रिटिकल खनिज संसाधनों को सुरक्षित करना है।

सरकार ने हाल ही में मिनरल (नीलामी) नियम, 2026 में संशोधन भी अधिसूचित किए हैं ताकि नीलामी प्रक्रिया को और सरल बनाया जा सके। इन सुधारों में अग्रिम राशि (upfront amount) के भुगतान के समय-सीमाओं का तर्कसंगतकरण, खनन पट्टा (Mining Lease) और प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस (Prospecting Licence) दस्तावेजों के निष्पादन में अधिक लचीलापन, और उन मामलों में बोली सुरक्षा, प्रदर्शन सुरक्षा और अन्य भुगतान की समय पर वापसी की सुविधा शामिल है जहाँ नीलामी रद्द की जाती है। नीलामी रद्द होने का कारण सफल बोलीदाता/प्राथमिक बोलीदाता से संबंधित नहीं होते। ये उपाय कारोबार में आसानी (ease of doing business) बेहतर बनाने, निवेशक विश्वास बढ़ाने और नीलाम किए गए खनिज ब्लॉकों के शीघ्र परिचालन को गति देने के उद्देश्य से हैं।

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