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गुजरात के अंकलेश्वर में डीआरआई ने गुप्त रूप से मेफेड्रोन बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और 21 लाख रुपये जब्त किए; तीन गिरफ्तार

एक बड़े अभियान में, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने गुजरात के अंकलेश्वर में एक आवासीय परिसर से संचालित हो रही एक गुप्त मेफेड्रोन निर्माण फैक्‍ट्री का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया और अवैध मादक पदार्थों के निर्माण और तस्करी नेटवर्क में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया। खुफिया जानकारी पर आधारित इस  अभियान में, डीआरआई के अधिकारियों ने एक अत्याधुनिक निर्माण उपकरणों से सुसज्जित कार्यरत अवैध प्रयोगशाला का पता लगाया। जिसमें एक औद्योगिक ओवन ड्रायर, हॉट प्लेट हीटर, कंडेंसर असेंबली, इलेक्ट्रिक स्टिरर और मेफेड्रोन के गुप्त निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य प्रयोगशाला उपकरण शामिल थे। तलाशी के परिणामस्वरूप 1.349 किलोग्राम मेफेड्रोन ठोस रूप में, 6.825 किलोग्राम 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन (एक नियंत्रित पूर्ववर्ती रसायन), और 120 लीटर मोनोमिथाइलमाइन (एमएमए), जो मेफेड्रोन के निर्माण में प्रयुक्त एक अन्य आवश्यक रसायन है, के साथ-साथ 60 किलोग्राम हाइड्रोब्रोमिक एसिड (एचबीआर), 40 लीटर टोल्यून और मिश्रित अम्लों (एचबीआर और एचसीएल) वाले दो कंटेनर बरामद किए गए, जिन्हें नारकोटिक ड्र...

सरकार ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए ऐप स्टोर से अनधिकृत ई-रिक्शा बैटरी प्रबंधन ऐप्स हटाने के आदेश दिए

The government has ordered the removal of unauthorized e-rickshaw battery management apps from app stores to protect consumers
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा में बताया कि सरकार ने कुछ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम मोबाइल एप्लिकेशन के दुरुपयोग की रिपोर्टों का संज्ञान लिया है, जिनके द्वारा ई-रिक्शा की बैटरियों को अनधिकृत तौर पर दूरस्थ नियंत्रण द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था। सरकार ने 3 जुलाई 2026 को ऐप स्टोर से ऐसे एप्लिकेशन हटाने के आदेश दिए।

इसके अलावा, सरकार ने डिजिटल पारितंत्रों में साइबर सुरक्षा और डिजिटल अनुकूलन मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी एकीकृत और समन्वित ढांचे को संस्थागत रूप दिया है। इसमें अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित उपाय शामिल हैं:

i. विभिन्न एजेंसियों के बीच साइबर सुरक्षा समन्वय सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय-एनएससीएस के अधीन राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक एनसीएससी की तैनाती की जाएगी।

ii. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70बी के प्रावधानों के तहत साइबर सुरक्षा संबंधी घटनाओं पर कदम उठाने के लिए भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम-सीईआरटी-इन को राष्ट्रीय एजेंसी नामित किया गया है।

iii. सीईआरटी-इन द्वारा संचालित राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र साइबर सुरक्षा खतरों का पता लगाने के लिए साइबरस्पेस की जांच करता है। यह संबंधित संगठनों, राज्य सरकारों और हितधारक एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करता है ताकि समुचित कार्रवाई की जाए।

iv. सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70ए के प्रावधानों के तहत देश में महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र-एनसीआईआईपीसी स्थापि‍त की है।

v. उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा प्रशासि‍त उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, वैश्वीकरण, प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स बाजारों आदि के युग में उपभोक्ता संरक्षण को नियंत्रित करने वाले ढांचे का आधुनिकीकरण करने के लिए अधिनियमित किया गया था।

vi. इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सूचना, सुरक्षा, शिक्षा एवं जागरूकता-आईएसईए परियोजना सूचना सुरक्षा क्षेत्र में मानव संसाधन सशक्‍त बनाने और सामान्य जागरूकता

के लिए कार्यान्वित किया जा रहा है। साइबर स्वच्छता एवं साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता सामग्री www.staysafeonline.in, www.infosecawareness.in

और www.csk.gov.in जैसे पोर्टलों द्वारा पहुंचाई जा रही है।

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