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आपातकालीन देखभाल को सशक्त बनाना: सड़क एम्बुलेंस के लिए बेहतर सुरक्षा उपाय

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच ) ने देश भर में सड़क एम्बुलेंस की सुरक्षा , कामकाज और चिकित्सीय सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु ‘ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (एआईएस )- 125’ में बदलाव का प्रस्ताव दिया है।  सड़क एम्बुलेंस आपातकालीन देखभाल में महत्वपूर्ण जीवनरक्षक लिंक हैं ; ये मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उन्नत जीवनरक्षक सहायता (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट) देने में मदद करती हैं। भारत में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है , जिनमें से कई मौतों को समय पर चिकित्सीय सहायता देकर रोका जा सकता है। विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि अगर दुर्घटना के शिकार लोगों को पहले घंटे के अंदर अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए , तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है। मोटर वाहनों के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के सभी पीड़ितों को जरूरी चिकित्सीय उपचार की सुविधा प्रदान करने हेतु “प्रधानमंत्री - सड़क दुर्घटना पीड़ितों की अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार (पीएम - राहत ) योजना” जैसी योजनाएं भले ही शुरू ...

कोयला मंत्रालय ने एमएमडीआर कोयला ब्लॉकों के लिए बीमा शुरिटी बांड की स्वीकृति को अधिसूचित किया

The Ministry of Coal has notified the acceptance of insurance surety bonds for MMDR coal blocks
कोयला मंत्रालय ने कोयला ब्लॉक आवंटियों को अधिक वित्तीय लचीलापन प्रदान करने और कोयला क्षेत्र में व्यापार करने की सुगमता को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण सुधार किया है। 

कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम, 2026 के ज़रिये मंत्रालय ने खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत आवंटित कोयला ब्लॉकों के लिए निष्पादन बैंक गारंटी (पीबीजी) के स्थान पर बीमा शुरिटी बांड (आईएसबी) के उपयोग की अनुमति प्रदान की है।

संशोधित व्यवस्था के अंतर्गत कोयला ब्लॉक आवंटियों को अपनी निष्पादन सुरक्षा संबंधी बाध्यता पूरी करने के लिए निष्पादन बैंक गारंटी अथवा बीमा शुरिटी बांड – इनमें में से किसी एक का विकल्प चुनने की सुविधा दी गई है। यह सुविधा वर्तमान आवंटियों पर भी लागू होगी, जिससे वे निर्धारित शर्तों के अनुसार पहले से जमा कराई गई निष्पादन बैंक गारंटी को बीमा शुरिटी बांड से प्रतिस्थापित कर सकेंगे।

इस कदम से पारंपरिक बैंक गारंटी व्यवस्था से जुड़े वित्तीय बोझ में कमी आने की उम्मीद है तथा कोयला ब्लॉक आवंटी अपने पूंजागत संसाधनों का उपयोग खदान विकास और परिचालन गतिविधियों में अधिक दक्षता से कर सकेंगे। साथ ही, इससे वित्तीय साधनों तक उनकी पहुंच बेहतर होगी, जबकि उपयुक्त निष्पादन सुरक्षा तंत्र के माध्यम से सरकार के हित भी पूर्णतः सुरक्षित रहेंगे।

कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम, 2026 को 22 जून, 2026 की अधिसूचना जीएसआर 508(ई) के माध्यम से भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया है और इसे वेब लिंक https://egazette.gov.in/(S(lymuax4zcvs2ntquyuz4zhzb))/ViewPDF.aspx पर देखा जा सकता है।

बीमा शुरिटी बांड की सुविधा शुरू में एमएमडीआर अधिनियम के तहत आवंटित कोयला ब्लॉकों के लिए पेश की जाएगी। मंत्रालय कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत आवंटित कोयला ब्लॉकों के लिए भी इस प्रावधान का विस्तार करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

यह पहल कोयला मंत्रालय के उन नियामक सुधारों पर निरंतर ध्यान को दर्शाती है, जो निवेश को प्रोत्साहित करते हैं, कोयला ब्लॉकों के समयबद्ध परिचालन का समर्थन करते हैं और देश में वाणिज्यिक कोयला खनन के लिए एक अधिक पारदर्शी, कुशल और निवेशक-अनुकूल इकोकसिस्टम का निर्माण करते हैं।

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