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अल्फा मूवी रिव्यू

यशराज स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल लीड फिल्म अल्फा बड़े स्केल, हाई-ऑक्टेन एक्शन और एक नए कॉन्सेप्ट के साथ सिनेमाघरों में आई है।  ट्रेलर से उम्मीद थी कि यह स्पाई यूनिवर्स को नया मुकाम देगी, लेकिन फिल्म उस उम्मीद पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती। डायरेक्टर शिव रवैल ने इसे इंटरनेशनल स्पाई थ्रिलर का लुक देने में मेहनत की है।  विजुअल्स, एक्शन और प्रोडक्शन वैल्यू इम्प्रेस करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और फीका इमोशनल रेजोनेंस फिल्म को बार-बार पीछे खींचता है। फिल्म की कहानी:-  करीब 140 मिनट लंबी फिल्म की शुरुआत 27 जुलाई 1999 से होती है। इंडियन आर्मी के विक्रांत कौल (अनिल कपूर) और फतेह सिंह लाखावत (बॉबी देओल) देश की सबसे खतरनाक सीक्रेट फोर्स बनाने का सपना देखते हैं। इसी सोच से टीम अल्फा की शुरुआत होती है, जिसके सैनिकों को अल्फा सीरम दिया जाता है। यह सीरम इंसान की ताकत, रिफ्लेक्स और रिकवरी को कई गुना बढ़ा देता है। इसी दौरान विक्रांत अपनी गर्भवती पत्नी जानकी (दिया मिर्जा) की जान बचाने के लिए उसे भी अल्फा सीरम दे देता है। यह फैसला उसकी पूरी जिंदगी बदल देता है। फतेह का मानना होता है कि ...

सीएसआईआर-एनसीएल ने अपने पुनर्निर्मित, अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया

CSIR-NCL inaugurated its renovated, state-of-the-art Skill Development Centre
सीएसआईआर-राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला (एनसीएल), पुणे ने अपने नवनिर्मित, अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया है। इस उन्नत सुविधा का उद्घाटन सीएसआईआर-एनसीएल के निदेशक डॉ. आशीष लेले ने मुख्य अतिथि के रूप में सीएसआईआर-एकीकृत कौशल पहल (सीएसआईआर-एचआरडीसी, गाजियाबाद) के नोडल वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार और एनवेलियर टीम के प्रतिनिधियों के साथ किया। 

एनवेलियर टीम ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के माध्यम से आधुनिकीकरण परियोजना को प्रायोजित किया था। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में एनसीएल कौशल नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गोन्नाडे और एनसीएल की प्रशासनिक नियंत्रक (सीओए) श्रीमती कनिका गोयल शामिल थीं।

सीएसआईआर की एकीकृत कौशल पहल (सीएसआईआर आईएसआई) के अंतर्गत सीएसआईआर-एनसीएल का कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय कौशल प्रणाली तंत्र में विश्व स्तरीय उच्च स्तरीय कौशल प्रदान करना है, ताकि प्रयोगशाला के मुख्य दक्षता क्षेत्र में वर्तमान और उभरती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले कुशल कार्यबल का निर्माण किया जा सके। एसडीपी गतिविधियां एनसीएल के अत्यधिक अनुभवी वैज्ञानिक कर्मचारियों और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से संचालित की जाती हैं।

उन्नत सुविधा को एनसीएल में कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण की सभी पहलों को केंद्रीकृत और बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित, पूर्णतः एकीकृत केंद्र के रूप में संरचित किया गया है। आधुनिक बुनियादी ढांचे में अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिनमें संवादात्‍मक स्मार्ट डिस्प्ले से सुसज्जित अति आधुनिक कक्षाएं, एक डिजिटल पोडियम, एक समर्पित कंप्यूटर कक्षा, एक उन्नत डिजिटल कॉन्फ्रेंस रूम, विश्लेषणात्मक प्रयोगशालाएं और एक केंद्रीकृत कौशल विकास कार्यक्रम (एसडीपी) कार्यालय शामिल हैं।

निदेशक डॉ. आशीष लेले ने उद्घाटन समारोह में इस बात पर जोर दिया कि उन्नत सुविधाएं विशेष उपकरणों के महत्वपूर्ण व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेंगी, औद्योगिक दक्षता में सुधार करेंगी और प्रभावशाली नवाचार को बढ़ावा देंगी। मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार ने आधुनिक अवसंरचना की सराहना करते हुए कहा कि यह सीएसआईआर-एकीकृत कौशल पहल के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक कौशल को बढ़ाना और सतत तकनीकी क्षमता का निर्माण करना है।

 

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