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हैंडलूम हैकाथॉन 2026 – “बुनाई नवाचार” नामक एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता शुरू

भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय ने हैंडलूम हैकाथॉन 2026 – “बुनाई नवाचार” नामक एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता शुरू की है, जिसका उद्देश्य भारत के हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी, डिजाइन, उद्यमिता और टिकाऊ समाधानों का उपयोग करना है। यह पहल राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 समारोहों के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले 1 अगस्त, 2026 को फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी), आईआईटी दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जहां चयनित टीमें शिक्षा जगत, उद्योग, डिजाइन, प्रौद्योगिकी और हथकरघा क्षेत्र के विशेषज्ञों से बनी एक प्रतिष्ठित जूरी के समक्ष अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी। वस्त्र मंत्रालय में विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना ने इस पहल के बारे में कहा: “हैंडलूम हैकाथॉन 2026 का उद्देश्य भारत के युवाओं की रचनात्मकता को हथकरघा क्षेत्र की समृद्ध विरासत से जोड़ना है। बुनकरों, छात्रों, डिजाइनरों, प्रौद्योगिकीविदों, उद्यमियों और नवप्रवर्तकों के लिए एक सहयोगात्मक मंच प्रदान करके, इस पहल का लक्ष्य प्रमुख चुनौतियों का समाधान कर...

पंजाब में पारदर्शिता, लॉजिस्टिक्स दक्षता और डेटा-आधारित निर्णय को बढ़ावा देने हेतु यूएलआईपी-सक्षम साझेदारी

ULIP-enabled partnership to promote transparency, logistics efficiency, and data-driven decision-making in Punjab
राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम की संचालन शाखा-एनएलडीएसएल और पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय ने यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म -यूएलआईपी द्वारा पंजाब के पारितंत्र में डिजिटल बदलाव के लिए 7 जुलाई, 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है।

इस सहयोग का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स (संचालन) की पारदर्शिता बढ़ाना, परिचालन दक्षता में सुधार, अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत बनाना और वास्तविक समय के लॉजिस्टिक्स डेटा के निर्बाध आदान-प्रदान द्वारा डेटा-आधारित निर्णय को सक्षम बनाना है। इस पहल से राज्य के उद्योग, लघु एवं मध्यम उद्यम, निर्यातक और अन्य लॉजिस्टिक्स हितधारक लाभान्वित होंगे।

इस साझेदारी द्वारा एनएलडीएसएल, यूएलआईपी के ज़रिए विभागों के बीच निर्बाध डेटा आदान-प्रदान सक्षम बनाकर पंजाब सरकार को डिजिटल रूप से जुड़े लॉजिस्टिक्स पारितंत्र विकसित करने में सहायक होगा। इससे पारदर्शिता में सुधार, नीतिगत और परिचालन निर्णय लेने में तेज़ी, लॉजिस्टिक्स दक्षता में बढ़ोतरी और विनिर्माण, कृषि और निर्यात केंद्र के रूप में पंजाब की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की संभावना है।

यूएलआईपी, एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस आधारित एकीकरण द्वारा कई सरकारी प्रणालियों से संचालन संबंधी डेटा के लिए एकीकृत डिजिटल गेटवे का कार्य करता है। यह प्लेटफॉर्म अभी 12 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की 46 प्रणालियों को 142 एपीआई के माध्यम से जोड़ता है, जिसमें दो हजार से अधिक डेटा फ़ील्ड शामिल हैं। इससे 260 से अधिक ऐप विकसित हुए हैं और 450 करोड़ से अधिक एपीआई लेनदेन सुगम हुआ है। यह इस प्लेटफॉर्म  की व्यापकता, विश्वसनीयता और मजबूती को दर्शाता है।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद, परिवहन, भंडारण, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, लोक निर्माण विभाग, नागरिक उड्डयन और अन्य हितधारकों सहित प्रमुख राज्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक संवादात्मक यूएलआईपी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंजाब में संचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान, आपूर्ति श्रृंखला पारदर्शिता में सुधार और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए यूएलआईपी के राज्य-विशिष्ट उपयोग के मामलों की पहचान करना था।

कार्यशाला में एनएलडीएसएल ने अपने प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए, जिनमें लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक -एलडीबी, कोयला शक्ति - स्मार्ट कोल एनालिटिक्स डैशबोर्ड, ट्रैक योर ट्रांसपोर्ट -टीवाईटी, ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम -टीएमएस और लॉजिस्टिक्स ई-मार्केटप्लेस -एलईएमपी शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म द्वारा प्रदर्शित किया गया कि एकीकृत लॉजिस्टिक्स डेटा किस प्रकार एसेट ट्रैकिंग, परिचालन योजना, अंतर-एजेंसी समन्वय और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सहायक हो सकता है।

समझौता ज्ञापन पर पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोरा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य प्रशासनिक सचिव श्री गुरकीरत किरपाल सिंह की उपस्थिति में एनएलडीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री तकायुकी कानो और पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य निदेशक श्री जसप्रीत सिंह ने हस्ताक्षर किए।

डिजिटल एकीकरण और सहयोगात्मक व्यवस्था द्वारा लॉजिस्टिक्स दक्षता मजबूत करने की यह पहल राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम-एनआईसीडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक तथा एनएलडीएसएल के अध्यक्ष श्री रजत कुमार सैनी के निर्देशन में कार्यान्वित की जा रही है।

एनआईसीडीसी नए औद्योगिक स्मार्ट शहरों के विकास और भूखंड स्तर पर आवश्यक सुविधाओं से युक्त एकीकृत प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना द्वारा देश में औद्योगिक बदलाव ला रहा है। 20 औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता के आधार पर, एनआईसीडीसी को भारत औद्योगिक विकास योजना -भव्या कार्यान्वित करने का दायित्व सौंपा गया है। इसके अंतर्गत 33,660 करोड़ रुपये की लागत से देश भर में 100 निवेश-आकर्षक, प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों का विकास किया जाएगा। एनआईसीडीसी राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क और इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक -आईआईएलबी सहित प्रमुख राष्ट्रीय पहल भी कार्यान्वित कर रहा है।

एनआईसीडीसी की लॉजिस्टिक्स शाखा, एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड -एनएलडीएसएल, लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक -एलडीबी और यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म -यूएलआईपी जैसे प्लेटफार्मों द्वारा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को बढ़ावा दे रही है। एनएलडीएसएल, एनआईसीडीसी औद्योगिक विकास ट्रस्ट और जापान की एनईसी कॉर्पोरेशन का संयुक्त उद्यम है। इसे 30 दिसंबर, 2015 को स्थापित किया गया था। 

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