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भारतीय नौसेना ने भारत में निर्मित उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट 'आईएनएस महेन्‍द्रगिरि' को शामिल किया

भारतीय नौसेना ने 11 जुलाई, 2026 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक समारोह में स्वदेशी रूप से निर्मित उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट 'आईएनएस महेन्‍द्रगिरि' को अपने पूर्वी बेड़े में शामिल किया।  रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इस अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत को असाधारण डिजाइन क्षमताओं, विनिर्माण उत्कृष्टता, नौसेना-औद्योगिक तंत्र के तीव्र विकास और समय पर अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म प्रदान करने की क्षमता के आधार पर जहाज निर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। 'आईएनएस महेन्‍द्रगिरि' प्रोजेक्‍ट 17ए के अंतर्गत आने वाला छठा स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट है जिसे मात्र डेढ़ वर्ष के अंतराल में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। इस श्रृंखला का पहला जहाज 'आईएनएस नीलगिरि' जनवरी 2025 में शामिल किया गया इसके बाद अगस्त में 'आईएनएस उदयगिरि' और 'आईएनएस हिमगिरि', इस वर्ष अप्रैल में 'आईएनएस तारागिरि' और पिछले महीने 'आईएनएस दुनागिरि' को शामिल किया गया।  भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डि...

प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया

The Prime Minister addressed business leaders in New Zealand
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के साथ मिलकर सीईओ और बिजनेस लीडर्स के एक चुनिंदा समूह के साथ बातचीत की।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति सम्मान, विविधता तथा सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से जुड़े हैं, जो एक महत्वाकांक्षी एवं भविष्योन्मुखी आर्थिक साझेदारी हेतु एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक अहम उपलब्धि बताया, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा एवं गतिशील बनाएगा तथा बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, तकनीक और प्रतिभाओं की आवाजाही के नए अवसर खोलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि भारत की निरंतर तेज विकास दर, युवा एवं  कुशल श्रमशक्ति, बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल क्रांति, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे पर जोर तथा निरंतर हो रहे आर्थिक सुधार, न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए व्यापार, निवेश और नवाचार के व्यापक अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और निरंतर विकास की राह ने भारत को वैश्विक विकास में एक अहम योगदानकर्ता के तौर पर स्थापित किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के निवेशकों और व्यापारिक घरानों को भारत के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास, नागर विमानन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी आवागमन, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र में काम करने के लिए आमंत्रित किया। भारत के जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बारे में बात करते हुए, उन्होंने नवाचार, फिनटेक तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डेयरी साइंस, बागवानी एवं वानिकी में न्यूजीलैंड की मजबूती और भारत के उपभोक्ता बाजार, फूड पार्क एवं एग्री-टेक से जुड़ी प्रतिभाओं को मिलकर ग्लोबल फूड वैल्यू चेन का निर्माण करना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यवसाय जगत को निवेश एवं व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 बिलियन न्यूजीलैंड  डॉलर (लगभग 35,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करने को कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक साझेदारी समावेशी एवं  सतत व्यापार का एक मॉडल और नवाचार एवं समृद्धि का एक मंच बन सकती है।

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