Skip to main content

IIM बैंगलोर, इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिसर से पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को व्यापक लाभ होगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में की गई। प्रस्तावित परिसर इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित किया जाएगा और यह भारत के उच्च शिक्षा तंत्र के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह घोषणा भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक विस्तार में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दुबई में आईआईएम अहमदाबाद, अबू धाबी में आईआईटी दिल्ली और ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक स्थापित विदेशी परिसरों के आधार पर, यह वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एक विश्वसनीय वैश्विक ज्ञान भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है। इंडोनेशिया में प्रस्ता...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान बिंतांग आदिपूर्ण प्रदान किया गया

Prime Minister Narendra Modi was conferred Indonesia's highest civilian honour, the Bintang Adipurna
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आज इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो ने इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान बिंतांग आदिपूर्ण प्रदान किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी को यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को सुदृढ़ बनाने में उनके नेतृत्व और असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया। श्री मोदी ने यह पुरस्कार भारत और इंडोनेशिया के लोगों और दोनों देशों के बीच चिरस्थायी सभ्यतागत संबंधों को समर्पित किया।

इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा पर गए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आज इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्राबोवो सुबियांतो ने इस्ताना मरदेका (राष्ट्रपति प्रासाद) में बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति प्राबोवो 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जनवरी 2025 में भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे। उसके बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है।

दोनों नेताओं ने सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर पर औपचारिक बातचीत की। उन्होंने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और औषधि निर्माण, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ तत्वों, संस्कृति, पर्यटन, कृषि और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान सहित व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (आईओएन) के शुभारंभ का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 2027 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा के एक सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में घोषणा की है कि दोनों देश संयुक्त रूप से इस अवसर पर "टैगोर-देवांतारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष" मनाएंगे।

दोनों नेताओं ने आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर चर्चा की। उन्होंने स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सर्वमान्य नियमों के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में भारत के महासागर (संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) दृष्टिकोण पर बल दिया। राष्ट्रपति प्राबोवो ने 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता के सिलसिले में भारत को इंडोनेशिया के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

वार्ता के बाद दोनों नेताओं की उपस्थिति में अन्य विषयों के साथ-साथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ तत्वों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, चुनावी प्रक्रियाओं, दूरसंचार, कृषि, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, इस्पात आपूर्ति श्रृंखला, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा उत्पाद विनियमन, स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग जैसे क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए भारत के समर्थन पर एक आशय पत्र का भी आदान-प्रदान किया गया। दोनों देशों के बीच जिन समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया उनकी पूरी सूची यहां देखी जा सकती है |

राष्ट्रपति प्राबोवो ने वार्ता के बाद प्रधानमंत्री के सम्मान में प्रीतिभोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री ने सौहार्दपूर्ण आतिथ्य सत्कार के लिए राष्ट्रपति प्राबोवो के प्रति आभार प्रकट किया और उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया।

Comments