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आपातकालीन देखभाल को सशक्त बनाना: सड़क एम्बुलेंस के लिए बेहतर सुरक्षा उपाय

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच ) ने देश भर में सड़क एम्बुलेंस की सुरक्षा , कामकाज और चिकित्सीय सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु ‘ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (एआईएस )- 125’ में बदलाव का प्रस्ताव दिया है।  सड़क एम्बुलेंस आपातकालीन देखभाल में महत्वपूर्ण जीवनरक्षक लिंक हैं ; ये मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उन्नत जीवनरक्षक सहायता (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट) देने में मदद करती हैं। भारत में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है , जिनमें से कई मौतों को समय पर चिकित्सीय सहायता देकर रोका जा सकता है। विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि अगर दुर्घटना के शिकार लोगों को पहले घंटे के अंदर अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए , तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है। मोटर वाहनों के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के सभी पीड़ितों को जरूरी चिकित्सीय उपचार की सुविधा प्रदान करने हेतु “प्रधानमंत्री - सड़क दुर्घटना पीड़ितों की अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार (पीएम - राहत ) योजना” जैसी योजनाएं भले ही शुरू ...

इस्पात मंत्रालय ने मेकॉन लिमिटेड को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्रदान किया

The Ministry of Steel granted Miniratna Category-I status to MECON Limited
इस्पात मंत्रालय ने अनुसूची 'ए' के ​​अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) मेटलर्जिकल एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स (इंडिया) लिमिटेड (मेकॉन) को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है। 

मेकॉन ने हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लगातार लाभ दर्ज किया है, जिसमें वित्त वर्ष 2023-24 (पुनर्घोषित) में 77.62 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2024-25 (पुनर्घोषित) में 32.08 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में 104.53 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) शामिल है। 

कंपनी ने 31 मार्च 2026 तक 535.42 करोड़ रुपये की सकारात्मक शुद्ध संपत्ति भी दर्ज की है, जिससे वह सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्राप्त करने के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करती है।

मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा मिलने से मेकॉन लिमिटेड के बोर्ड को वित्तीय और परिचालन संबंधी स्वायत्तता में वृद्धि प्राप्त हुई है। शक्तियों के इस बढ़े हुए प्रत्यायोजन से कंपनी को निवेश, आधुनिकीकरण पहल, तकनीकी उन्नयन और व्यापार विस्तार परियोजनाओं को अधिक लचीलेपन और गति के साथ क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी, जिससे इसके भविष्य के विकास पथ को बल मिलेगा।

वर्ष 1959 में स्थापित और रांची में मुख्यालय वाली मेकॉन लिमिटेड देश की प्रमुख इंजीनियरिंग, परामर्श, परियोजना प्रबंधन और ठेका देने वाली कंपनियों में से एक है। कंपनी ने देश के इस्पात क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कंपनी ने खनन, अवसंरचना, बिजली, तेल एवं गैस तथा अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में अपने परिचालन का विस्तार किया है।

यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) को अधिक स्वायत्तता और परिचालन लचीलापन प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को मजबूत करने, उनकी दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने और उन्‍हें देश के आर्थिक तथा अवसंरचना विकास में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है।

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