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आत्मनिर्भर भारत : रक्षा उत्पादन विभाग ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की

रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) ने छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (पीआईएल) अधिसूचित की है, जिसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुएं शामिल हैं। इनका अनुमानित व्यापार मूल्य 3,070 करोड़ रुपये है।  इस सूची में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और कच्चा माल शामिल हैं। इनमें भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की 16 वस्तुएं और सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) की 389 वस्तुएं शामिल हैं। ये वस्तुएं रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करती हैं, जिनमें शामिल हैं: एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, एसयू-30एमकेआई, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और एएल-31एफपी इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म। टी-72, टी-90 और बीएमपी-II सहित बख्तरबंद प्लेटफॉर्म युद्धपोतों कोंकर्स-एम, इन्वार और एमआरएसएएम जैसी मिसाइल प्रणालियां रडार, सोनार, अग्नि नियंत्रण प्रणाली और उपग्रह संचार प्रणाली सहित रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स उच्च विस्फोटक टैंक-रोधी गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण (405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची) 40...

क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के सुलह प्रयासों से आयुध कारखाने के 423 संविदा श्रमिकों को लाभ पहुंचाने वाला एक बड़ा समझौता हुआ

A major agreement benefiting 423 contract workers of the Ordnance Factory was reached through the conciliation efforts of the Regional Labour Commissi
एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआईएल) के अंतर्गत कानपुर स्थित आयुध कारखाने में कार्यरत 423 संविदा श्रमिकों से संबंधित एक महत्वपूर्ण वेतन विवाद को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय के तत्वावधान में कानपुर स्थित क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समयोचित हस्तक्षेप और निरंतर सुलह प्रयासों के माध्यम से सफलतापूर्वक हल कर लिया गया है।

सुलह प्रयासों के फलस्वरूप, ठेकेदार मेसर्स इमेंस मैनपावर प्राइवेट लिमिटेड ने 13.08.2026 को जून और जुलाई 2026 के महीनों के बकाया वेतन के रूप में 423 कामगारों को लगभग 50,00,000/- रुपये (पचास लाख रुपये मात्र) का भुगतान किया।

इसके अलावा, कानपुर के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के हस्तक्षेप के बाद, ठेकेदार का मई 2026 महीने का लंबित बिल भी प्रधान नियोक्ता द्वारा जारी कर दिया गया, जिससे वेतन संबंधी मुद्दों के निपटारे में सुविधा हुई और संबंधित कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ।

समय पर हस्तक्षेप और प्रभावी सुलह प्रयासों के परिणामस्वरूप, कानपुर स्थित आयुध कारखाने में श्रमिकों के एक समूह द्वारा प्रस्तावित हड़ताल/प्रदर्शन को सफलतापूर्वक टाल दिया गया। इससे औद्योगिक कार्यों में व्यवधान को रोका जा सका और प्रतिष्ठान में औद्योगिक शांति और सद्भाव को बढ़ावा मिला।

सुलह-समझौते की कार्यवाही के दौरान, प्रबंधन को श्रमिकों के कल्याण, उचित सेवा शर्तों और श्रम कानूनों के अनुपालन से संबंधित अपने वैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने और कल्याणकारी उपायों को समय पर लागू करने के महत्व पर बल दिया गया। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वह कार्यबल के कल्याण और वैधानिक प्रावधानों के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखेगा।

यह सफल सुलह श्रम और रोजगार मंत्रालय की श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने, वैधानिक लाभों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने, निष्पक्ष श्रम प्रथाओं को बढ़ावा देने और प्रभावी सुलह तथा रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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