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आत्मनिर्भर भारत : रक्षा उत्पादन विभाग ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की

रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) ने छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (पीआईएल) अधिसूचित की है, जिसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुएं शामिल हैं। इनका अनुमानित व्यापार मूल्य 3,070 करोड़ रुपये है।  इस सूची में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और कच्चा माल शामिल हैं। इनमें भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की 16 वस्तुएं और सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) की 389 वस्तुएं शामिल हैं। ये वस्तुएं रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करती हैं, जिनमें शामिल हैं: एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, एसयू-30एमकेआई, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और एएल-31एफपी इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म। टी-72, टी-90 और बीएमपी-II सहित बख्तरबंद प्लेटफॉर्म युद्धपोतों कोंकर्स-एम, इन्वार और एमआरएसएएम जैसी मिसाइल प्रणालियां रडार, सोनार, अग्नि नियंत्रण प्रणाली और उपग्रह संचार प्रणाली सहित रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स उच्च विस्फोटक टैंक-रोधी गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण (405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची) 40...

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल

Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan launched the National Scholarship Portal
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ICAR-IARI, पूसा में नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से देशभर के कृषि विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप/फेलोशिप राशि जारी की। इस पहल के तहत 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को कुल 21.35 करोड़ रुपए की राशि सीधे DBT के माध्यम से दी गई। इस नई पहल से अब कृषि विद्यार्थियों को हर महीने बिना किसी परेशानी के स्कॉलरशिप डीबीटी द्वारा मिल जाएगी।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि कृषि शिक्षा को अधिक सशक्त, व्यावहारिक और अवसरों से जुड़ा बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि अब DBT व्यवस्था से विद्यार्थियों को समय पर मदद मिलेगी और पारंपरिक देरी की समस्या खत्म होगी। शिवराज सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि शिक्षा में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि केवल कक्षा-आधारित पढ़ाई से अच्छे किसान, वैज्ञानिक या कृषि उद्यमी नहीं बन सकते। उन्होंने छात्रों से सुझावों और सुधारात्मक विचारों को साझा करने की अपील भी की।

श्री चौहान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार कृषि क्षेत्र में फूड सिक्योरिटी, न्यूट्रिशन और किसान आय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने ICAR के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके शोध और किसानों के परिश्रम से देश के अन्न भंडार मजबूत हुए हैं। उन्होंने युवाओं को करियर के साथ-साथ बड़े लक्ष्य तय करने और देश के लिए कुछ सार्थक करने की प्रेरणा दी। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि विद्यार्थी केवल रोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप और अनुसंधान में भी अग्रणी भूमिका निभाएँ।

शिवराज सिंह ने कहा कि NSP-DBT प्रणाली से अब स्कॉलरशिप वितरण अधिक पारदर्शी, तेज और निर्बाध होगा। इससे विद्यार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता मिलेगी और शिक्षा पर उनका ध्यान अधिक केंद्रित रह सकेगा। यह संदेश भी दिया गया कि कृषि शिक्षा को तकनीक, प्रशिक्षण और उद्योग-उन्मुखता के साथ जोड़कर ही भविष्य की चुनौतियों का बेहतर समाधान किया जा सकता है।

श्री चौहान ने हरियाली अमावस्या के अवसर पर देशभर के ICAR संस्थानों में कृषि विद्यार्थियों से पौधारोपण करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि हरित पहलें कृषि और पर्यावरण, दोनों के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा हैं।

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, ICAR के DG डॉ. एम.एल. जाट, ICAR के सचिव श्री ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, डीडीजी डॉ. यशपाल सिंह मलिक और IARI के निदेशक डॉ. सी. श्रीनिवास राव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ICAR और IARI के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे, वहीं हजारों विद्यार्थी ऑनलाइन भी जुड़े।


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