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आत्मनिर्भर भारत : रक्षा उत्पादन विभाग ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की

रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) ने छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (पीआईएल) अधिसूचित की है, जिसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुएं शामिल हैं। इनका अनुमानित व्यापार मूल्य 3,070 करोड़ रुपये है।  इस सूची में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और कच्चा माल शामिल हैं। इनमें भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की 16 वस्तुएं और सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) की 389 वस्तुएं शामिल हैं। ये वस्तुएं रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करती हैं, जिनमें शामिल हैं: एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, एसयू-30एमकेआई, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और एएल-31एफपी इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म। टी-72, टी-90 और बीएमपी-II सहित बख्तरबंद प्लेटफॉर्म युद्धपोतों कोंकर्स-एम, इन्वार और एमआरएसएएम जैसी मिसाइल प्रणालियां रडार, सोनार, अग्नि नियंत्रण प्रणाली और उपग्रह संचार प्रणाली सहित रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स उच्च विस्फोटक टैंक-रोधी गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण (405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची) 40...

भारत सरकार चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली के केंद्र शासित प्रदेशों में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना शुरू करेगी

The Government of India will launch a Central Bank Digital Currency (CBDC)-based Direct Benefit Transfer (DBT) scheme in the Union Territories of Chan
भारत सरकार 14 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली के केंद्र शासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) शुरू करेगी। शुभारंभ समारोह में उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

पीएमजीकेएवाई के तहत सीबीडीसी आधारित डीबीटी का शुभारंभ देश के आधुनिक, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित कल्याणकारी वितरण तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

इस योजना की शुरुआत होने से चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली देश के पहले केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहे हैं, जहां सभी पात्र पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों को खाद्य सब्सिडी का हस्तांतरण प्रोग्रामेबल सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी - डिजिटल रुपी) टोकन के रूप में सीधे उनके सीबीडीसी वॉलेट में किया जाएगा।

पुडुचेरी और गुजरात में पहले किए गए प्रायोगिक कार्यान्वयन के आधार पर, यह शुरुआत लक्षित केंद्र शासित प्रदेशों में सभी पात्र लाभार्थियों के लिए पूर्ण डिजिटल अपनाने और संतृप्ति का प्रतीक है।

 

सीबीडीसी-आधारित डीबीटी मॉडल के तहत, पात्र पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों को पारंपरिक बैंक खाता हस्तांतरण के बजाय सीधे उनके सीबीडीसी वॉलेट में खाद्य सब्सिडी प्राप्त होगी। इस सब्सिडी का उपयोग सूचीबद्ध व्यापारियों से सुरक्षित, ट्रैक करने योग्य और वास्तविक समय डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न खरीदने के लिए किया जा सकता है।

सीबीडीसी-सक्षम डीबीटी मॉडल का उद्देश्य सार्वजनिक निधियों का पारदर्शी और संपूर्ण वितरण सुनिश्चित करना है, साथ ही पारंपरिक सब्सिडी वितरण तंत्रों से जुड़े रिसाव, गबन और नकदी लेनदेन को कम करना है। यह लाभार्थियों को लाभों का त्वरित और सुरक्षित हस्तांतरण सुगम बनाएगा और सरल वॉलेट-आधारित लेनदेन के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा।

यह पहल सब्सिडी के उपयोग की जवाबदेही और वास्तविक समय की निगरानी को और मजबूत करेगी और भविष्य की भुगतान प्रणालियों के लिए डिजिटल रुपये की क्षमता को प्रदर्शित करेगी।

इस पहल को राष्ट्र के लिए एक अवधारणा के प्रमाण के रूप में और अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाने के लिए एक स्केलेबल टेम्पलेट के रूप में परिकल्पित किया गया है। इससे कल्याणकारी योजनाओं के साथ सीबीडीसी के एकीकरण के संबंध में मूल्यवान परिचालन अनुभव प्राप्त होने की उम्मीद है और यह डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को मजबूत करने और नवीन तकनीकों के माध्यम से नागरिक- केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के सरकार के दृष्टिकोण का समर्थन करेगा।

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